Fri Sep 11, 2026 | 09:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

मूंगफली छ‍िलका फेकने से पहले जानें सेहत से स्‍क‍िन तक 6 अद्भुत फायदे, जो बचा सकते हैं आपके हजारों रुपये

अगली बार जब आप मूंगफली खाएं, तो उसके छ‍िलके को फेंकने से पहले जान लें क‍ि यह आपके काम आ सकता है। जो पैसे आप दवाओं पर खर्च कर देते हैं उसके बजाय यह कई फायदों के साथ मुफ्त में इस्‍तेमाल क‍िया जा सकता है। एक्‍सपर्ट से जानते हैं इसके फायदे।

क्‍या आप भी मूंगफली के छ‍िलके को कचरा समझकर फेंक देते हैं? इस लेख को पढ़ने के बाद शायद आप ऐसा न करें। मूंगफली के साथ-साथ उसका छ‍िलका भी बेहद गुणकारी माना जाता है। 40 रूपये की 250 ग्राम मूंगफली होती, तो क‍िफायती है लेक‍िन इसके गुण कीमत से भी ज्‍यादा महंंगे हैं। मूंगफली के साथ-साथ जब आप इसके छ‍िलके का भी इस्‍तेमाल करेंगे, तो पैसे वसूल हो जाएंगे। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन की एक स्‍टडी के मुताब‍िक, मूंगफली के छ‍िलके में फाइबर, कार्ब्स, फास्‍फोरस और कैल्‍श‍ियम जैसे म‍िनरल्‍स, फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनोल्स कंपाउंड मौजूद होते हैं। मूंंगफली के छ‍िलके में एंटीएज‍िंग और एंटीऑक्‍सीडेंट गुण मौजूद होते हैं।

मूंगफली के छ‍िलके (Mungfali Ka Chilka) का इस्‍तेमाल एग्रीकल्‍चर में होता है। मूंगफली के छ‍िलके से जैव‍िक खाद बनाई जाती है और पशु आहार तैयार क‍िया जाता है। बच्‍चे मूंंगफली के छ‍िलके से क्राफ्ट की चीजें बनाते हैं, कई लोग मूंगफली छ‍िलका का चूर्ण बनाकर उसे दंत मंजन की तरह भी इस्‍तेमाल करते हैं। अभी तक हम इतना ही जानते हैं, लेक‍िन मूंंगफली का छ‍िलका सेहत के ल‍िए फायदेमंद होता है। इस लेख में जानेंगे मूंगफली के छ‍िलके के फायदे और इस्‍तेमाल का सही तरीका। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

मूंगफली छ‍िलके के फायदे- Mungfali Ke Chilke Ke Fayde

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  1. मूंंगफली का छ‍िलका एंटी एज‍िंग गुणों से भरपूर होता है। झुर्र‍ियों को दूर करने में मदद करता है।
  2. मूंंगफली के छ‍िलके में एंटी ऑक्‍सीडेंट गुण मौजूद होते हैं इसल‍िए यह स्‍क‍िन हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंंद माना जाता है। फटी एड़ि‍यों की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
  3. त्‍वचा में ग्‍लो बढ़ाने के ल‍िए मूंगफली का छ‍िलका फायदेमंंद होता है।
  4. ल‍िप‍िड‍ प्रोफाइल को बेहतर बनाता है, बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कम करके हार्ट को हेल्‍दी रखने में मदद करता है। यह हार्ट की कार्य क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  5. ये सूजन को कम करता है। खराब फैट को शरीर से बाहर न‍िकालने में मदद करता है।
  6. मसूड़ों में खून आने की समस्‍या को दूर करने में यह फायदेमंंद माना जाता है।

यह भी पढ़ें- अखरोट के छिलकों को फेंकने के बजाए बनाएं हेयर स्प्रे, जानें तरीका और फायदे

मूंगफली के छ‍िलके का सेवन कैसे करें?- How To Consume Peanut Shell

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  • तुलसी और अदरक डालकर मूंगफली के छ‍िलके की चाय बनाई जाती है।
  • मूंंगफली के छ‍िलके को पीसकर चूर्ण बनाकर सेवन कर सकते हैं।
  • छ‍िलके को पीसकर पाउडर बना लें और इसका काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।

मूंगफली के छ‍िलके के साइड इफेक्‍ट्स- Side Effects Of Peanut Shell

  • Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि मूंगफली के छ‍िलके का सेवन करके कोई एलर्जी या साइड इफेक्‍ट देखने को नहीं म‍िलता।
  • ज‍िन लोगों को मूंंगफली से एलर्जी है, उन्‍हें इसका इस्‍तेमाल नहीं करना चाह‍िए।

न‍िष्‍कर्ष:

मूंगफली के छ‍िलके का इस्‍तेमाल चूर्ण, काढ़ा या चाय के फार्म में कर सकते हैं। मूंगफली का छ‍िलका हार्ट हेल्‍थ को बेहतर बनाने में मदद करता है, इसकी मदद से मसूड़ों की खून को दूर करने में मदद म‍िलती है और यह त्‍वचा के ल‍िए भी फायदेमंद माना जाता है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    Feb 13, 2026 11:03 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 13, 2026 11:03 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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