Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

धूप से झुलसी स्किन को राहत दे सकता है तरबूज छ‍िलके-चावल आटा फेस पैक, जानें इस्‍तेमाल का तरीका

धूप से झुलसी स्किन को राहत देने के ल‍िए तरबूज के छ‍िलके और चावल के आटे से बना फेस पैक लगा सकते हैं। तरबूज का छ‍िलका और चावल का आटा दोनों ही पित्त शामक कहलाते हैं। जानें फेस पैक बनाने का तरीका और फायदे।

गर्मियों में तेज धूप और बढ़ते तापमान का सबसे ज्‍यादा असर हमारी त्वचा पर पड़ता है। लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा में जलन, रेडनेस, टैनिंग और ड्राईनेस जैसी समस्याएं होने लगती हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह स्थिति अक्सर शरीर में बढ़े हुए पित्त दोष से जुड़ी हो सकती है। पित्त का संबंध गर्मी से माना जाता है। जब पित्त बढ़ जाता है, तो त्वचा ज्‍यादा सेंस‍िट‍िव हो सकती है और धूप के संपर्क में आने पर जलन या रेडनेस महसूस हो सकती है। ऐसी स्थिति में त्वचा को ठंडक देने के ल‍िए प्राकृतिक उपाय फायदेमंद माने जाते हैं। तरबूज का छिलका और चावल का आटा दोनों ही आयुर्वेदिक दृष्टि से शीतल और पित्त शामक गुणों वाले माने जाते हैं। इनका फेस पैक बनाने का तरीका और फायदे जानने के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

तरबूज का छिलका क्यों है फायदेमंद?

अक्सर लोग तरबूज खाने के बाद उसका छिलका फेंक देते हैं, लेकिन आयुर्वेदिक दृष्टि से इसमें शीतलता देने वाले गुण पाए जाते हैं। तरबूज का छिलका त्वचा को ठंडक देने और गर्मी के असर को कम करने में फायदेमंद माना जाता है। साल 2021 में Current Research In Food Science नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, तरबूज के छिलके में लाइकोपीन, बीटा-कैरोटीन और अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकते हैं।

फायदे

  • त्वचा को ठंडक देता है।
  • धूप के कारण होने वाली जलन को शांत करने में मदद करता है।
  • त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।
  • थकी और बेजान त्वचा को ताजगी देता है।

चावल का आटा कैसे करता है मदद?

आयुर्वेद में चावल को शीतल और पित्त शामक माना गया है। चावल के आटे का इस्‍तेमाल त्वचा की देखभाल में लंबे समय से किया जाता रहा है।

फायदे

  • त्वचा को ठंडक मि‍लती है।
  • अतिरिक्त गर्मी और त्‍वचा में जलन को कम करने में मदद कर सकता है।
  • त्वचा को मुलायम और साफ महसूस कराता है।

तरबूज छिलका-चावल आटा फेस पैक बनाने का तरीका

सामग्री:

  • दो बड़े चम्मच तरबूज के छिलके का पेस्ट
  • एक बड़ा चम्मच चावल का आटा
  • एक छोटा चम्मच चंदन पाउडर
  • गुलाब जल

बनाने की विधि:

  • तरबूज के छिलके को कद्दूकस करके उसका पेस्ट तैयार करें।
  • इसमें चावल का आटा और चंदन पाउडर मिलाएं।
  • जरूरत अनुसार गुलाब जल डालकर मुलायम पेस्ट बना लें।
  • फेस पैक को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं।
  • 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें।
  • सूखने के बाद ठंडे या सामान्य पानी से धो लें।

किन लोगों के लिए हो सकता है फायदेमंद?

यह फेस पैक खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है ज‍िन्‍हें-

  • धूप में जाने पर त्वचा में जलन होती हो।
  • गर्मियों में त्वचा ज्‍यादा गर्म महसूस होती हो।
  • सन एक्सपोजर के बाद रेडनेस महसूस होती हो।
  • पित्त प्रकृति के कारण त्वचा सेंस‍िट‍िव रहती हो।

निष्कर्ष:

आयुर्वेद के अनुसार त्वचा में होने वाली जलन और धूप से होने वाली परेशानी का संबंध बढ़े हुए पित्त और रंजक पित्त के बढ़ने से हो सकता है। ऐसे में तरबूज के छिलके, चावल के आटे और चंदन से बना फेस पैक त्वचा को शीतलता देने, जलन कम करने और धूप से प्रभावित त्वचा को आराम देने में मदद कर सकता है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 31, 2026 21:39 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 31, 2026 21:39 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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