Mon Sep 28, 2026 | 08:54 PM IST

Medically Reviewed by Vandana Rajput , Antenatal and Postnatal Nutrition & Diabetes Educator

‘1.5 साल से नहीं खाया इंडियन फूड...’ NRI के वायरल दावे के बीच जानें भारतीय डाइट की 5 गलतियां, जो बढ़ा सकती हैं वजन

हाल ही में एक कनाडा रह रहे भारतीय मूल के व्यक्ति ने यह दावा किया है कि एक-डेढ़ साल से भारतीय खाना छोड़कर खुद को काफी फिट महसूस कर रहा है। इस वायरल दावे के कारण हमने न्यूट्रिशनिस्ट से जाना कि भारतीय खाने की कौन सी गलतियां वजन बढ़ा सकती हैं।
‘1.5 साल से नहीं खाया इंडियन फूड...’ NRI के वायरल दावे के बीच जानें भारतीय डाइट की 5 गलतियां, जो बढ़ा सकती हैं वजन‘1.5 साल से नहीं खाया इंडियन फूड...’ NRI के वायरल दावे के बीच जानें भारतीय डाइट की 5 गलतियां, जो बढ़ा सकती हैं वजन

अक्सर भारतीय देश के बाहर जाकर देश के खाने को मिस करते हैं, लेकिन दिल्ली से कनाडा बसे बंशदीप सिंह ने एक-डेढ साल से भारतीय खाना ही बंद कर दिया है। इंडियन फूड न खाने के पीछे के कारणों को उन्होंने हाल ही में में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट के जरिए बताया कि इंडियन खाना न खाने से वह खुद को ज्यादा फिट महसूस कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई में भारतीय खाने से फिट रहना मुश्किल है? इस बारे में नोएडा सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल में Consultant - Dietetics वंदना राजपूत ने बताया कि भारतीय फूड में कोई समस्या नहीं है, बल्कि हमारे खाने-पीने की आदतों की वजह से फिट रहना मुश्किल हो सकता है।

NRI का ‘1.5 साल से इंडियन फूड नहीं खाया’ दावा क्यों हुआ वायरल?

इंस्टाग्राम में पोस्ट किए गए वीडियो में वंशदीप सिंह ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने खाने में बदलाव करके खुद को फिट किया है। इस बारे में उन्होंने कहा, "मैंने पिछले 1.5 साल से भारतीय खाना बिल्कुल छोड़ दिया है, क्योंकि इसे बनाने में समय लगता था और भारतीय ग्रॉसरी में भी खरीददारी में समय लग जाता था। इसके अलावा, मसाले वगैरह डालने से भी मेरे शरीर पर असर पड़ रहा था। अब दिन में चार बार खाना खाते हुए 150 ग्राम से ज्यादा प्रोटीन ले लेता हूं और कैलोरी डेफिसिट बनाए रखता हूं।"

इस वीडियो के वायरल होने पर कुछ लोग बंशदीप के साथ हैं, तो कुछ लोग उसे गलत ठहरा रहे हैं। ऐसे में हमने डायटिशियन वंदना राजपूत से जानना चाहा कि क्या सच में भारतीय खाने से फिट रहना मुश्किल है?

 

 

 

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भारतीय थाली की 5 गलतियां जो बढ़ा सकती हैं वजन

वंदना राजपूत ने कहा कि भारतीय डाइट से वजन कम किया जा सकता है और हेल्दी भी है, लेकिन खाना बनाते और खाते समय कुछ गलतियों के कारण खुद को फिट रखना मुश्किल हो सकता है। इसलिए इन गलतियों पर ध्यान देना जरूरी है।

1. बहुत ज्यादा तेल में खाना पकाना

वंदना राजपूत ने कहा, “आमतौर पर भारतीय घरों में बहुत ज्यादा तेल डालकर खाना बनाया जाता है, लेकिन सभी को समझना चाहिए कि फैट को पचने में बहुत समय लगता है। दरअसल, चिकनाई को पचने के लिए पैंक्रियाज के एंजाइम और लिवर से निकलने वाले बाइल की जरूरत होती है। अगर लोग ज्यादा तेल वाला खाना खाते हैं, तो उनके डाइजेशन सिस्टम पर प्रेशर पड़ सकता है और इस कारण उन्हें दस्त जैसी समस्या भी हो सकती है।”

2. एक ही तेल में बार-बार खाना बनाना

Critical Review in Food and Sciences में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, खाना पकाने के दौरान तेलों को बहुत तेज तापमान पर बार-बार गर्म करने से कई तरह के केमिकल्स बन सकते हैं, जो कैंसर होने की संभावना को बढ़ा सकते हैं। बार-बार तेज आंच पर गर्म किया गया तेल काफी मामलों में हानिकारक है।

  • ट्यूमर बनाने, कैंसर और डीएनए को क्षतिग्रस्त कर सकता है।
  • इससे कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है।
  • बार-बार ऐसे तेल का सेवन करने से फेफड़ों का कैंसर, कोलोरेक्टल या आंत का कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है।

3. खाने को बहुत देर तक पकाना

डायटिशियन वंदना राजपूत का कहना हैं, "भारतीय घरों में अक्सर माना जाता है कि देर तक खाना पकाने से उसका स्वाद और ज्यादा बेहतर होगा, लेकिन इससे खाने में मौजूद विटामिन्स जैसे विटामिन C और विटामिन B कॉम्लेक्स तेजी से टूटते हैं। इसके अलावा, मिनरल्स और प्रोटीन भी कम हो सकते हैं। कई फूड्स को ज्यादा कुक करने से हानिकारक केमिकल्स भी बन सकते हैं। इसलिए बहुत देर तक खाना पकाना सही नही है और यह पोषक तत्वों को कम कर सकता है।"

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4. रिफाइंड कार्ब्स बहुत ज्यादा लेना

CDC के अनुसार, रिफाइंड अनाज में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जिन्हें प्रोसेस करके उनका फाइबर निकाल लिया जाता है। इसमें अक्सर पोषक तत्व भी निकल जाते हैं। आमतौर पर सफेद ब्रेड, सफेद चावल, रिफाइंड आटे की रोटी, मैदा, पास्ता, पेस्ट्री जैसे फूड्स ज्यादा लेना ब्लड शुगर पर असर डाल सकता है। इसलिए जो लोग खाने में रिफाइंड आटा या चावल इस्तेमाल करते हैं, उनका वजन कम होना मुश्किल हो सकता है।

5. खाने के साथ बार-बार तला हुआ साइड लेना

डायटिशियन वंदना राजपूत कहती हैं, “घरों में अक्सर खाने के साथ तला हुआ पापड़, अचार या फिर पकौड़े लेना आम आदत है। इससे खाने के साथ बहुत ज्यादा नमक और केमिकल्स भी साथ चले जाते हैं। ये सभी साइड्स सेहत के लिए हानिकारक होती हैं। इसलिए खाने के साथ अचार या पापड़ जैसे तले-भुने और ऑयली फूड्स नहीं लेने चाहिए।”

वजन कम करने के लिए भारतीय खाने में क्या बदलाव करें?

वंदना राजपूत ने सलाह दी है कि लोगों को अगर वजन कम करना है, तो सबसे जरूरी है कि अपनी खाने की आदतों को सुधारना होगा। लोगों को खाना बनाते समय कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

  • खाना बनाते समय कम से कम तेल का इस्तेमाल करें।
  • तला-भुना खाने से परहेज करें।
  • सब्जियों और मौसमी फलों को डाइट में शामिल करें।
  • खाने से पहले सलाद जरूर लें।
  • खाने में प्रोटीन और विटामिन्स प्रचुर मात्रा में लें।
  • शुगर और सोडे से परहेज करना चाहिए।
  • अगर तेल में पूरी या पकौड़े तल लिए हैं , तो उसे दोबारा इस्तेमाल न करें।
  • खाते समय अपने पोर्शन पर ध्यान रखें।

निष्कर्ष
भारतीय खाने से भी वजन कम किया जा सकता है और फिट रखा जा सकता है। वजन बढ़ने का कारण खाना बनाने का तरीका और खाने की आदतें होती है। इसलिए लोगों को अपनी डाइट पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या 'दाल-चावल' अकेले वजन बढ़ाते हैं, इन्हें सही तरीके से कैसे खाएं?

    दाल-चावल से वजन नहीं बढ़ता अगर अनुपात सही हो। चावल की मात्रा कम रखें, दाल अधिक गाढ़ी व प्रोटीन-युक्त लें और साथ में बड़ी कटोरी भरकर सलाद या उबली सब्जियां जरूर शामिल करें।
  • भारतीय खाने को बिना स्वाद खोए हेल्दी और लो-कैलोरी कैसे बनाएं?

    सब्जियों में तड़का लगाने के लिए एक चम्मच से ज्यादा तेल या घी का इस्तेमाल न करें, डीप फ्राई के बजाय एयर-फ्राई या बेक करें और मैदे या सफेद चावल की जगह मोटा अनाज जैसे रागी, बाजरा, ज्वार शामिल करें।

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Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 28, 2026 19:01 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Vandana Rajput