Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

IVF की सफलता दर बढ़ाने के लिए जीवनशैली में जरूरी है बदलाव, डॉक्टर ने बताए 5 बड़े सीक्रेट्स

IVF की सफलता दर बढ़ाने के लिए जीवनशैली में कई बदलाव करने होते हैं, जैसे पर्याप्त नींद लेना, नियमित एक्सरसाइज करना और खान-पान का पूरा ध्यान रखना।

IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन लाखों दंपतियों के लिए माता-पिता बनने की उम्मीद बन चुका है। हालांकि, कई लोग यह मान लेते हैं कि IVF केवल दवाओं, इंजेक्शन और लैब में होने वाली प्रक्रिया पर निर्भर करता है। हकीकत यह है कि उपचार शुरू होने से पहले और उसके दौरान आपकी जीवनशैली भी सफलता दर की संभावना को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है। आइए, वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं IVF की सफलता दर बढ़ाने के लिए जीवनशैली में जरूरी बदलाव क्या हैं।

IVF की सफलता दर बढ़ाने के सीक्रेट्स

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1. स्वस्थ वजन बनाए रखें

बहुत अधिक या बहुत कम वजन दोनों ही फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकते हैं। मोटापे के कारण हार्मोनल असंतुलन, इंसुलिन रेजिस्टेंस और ओव्यूलेशन की समस्या बढ़ सकती है, जबकि कम वजन होने पर भी एग क्वालिटी प्रभावित हो सकती है। 

IVF शुरू करने से पहले यदि जरूरत हो तो वजन को संतुलित करना उपचार के लिए सकारात्मक कदम हो सकता है। साल 2025 में Cureus Journal Of Medical Science में प्रकाशित समीक्षा लेख से इस बात की पुष्टि होती है कि अधिक वजन के कारण IVF की सफलता दर कम हो जाती है। महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे इस प्रक्रिया के दौरान अपने वजन को संतुलित बनाए रखें।

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2. संतुलित और पौष्टिक आहार लें

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आपको जानकारी के लिए बता दें कि फर्टिलिटी बढ़ाने वाला कोई एक सुपरफूड नहीं है, लेकिन संतुलित भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराता है। अपनी डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स, सीड्स और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें। इसके अलावा, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड, स्वीट ड्रिंक्स और ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें या न करें। यही नहीं, पर्याप्त पानी पीना भी उतना भी बहुत जरूरी होता है। 

साल 2018 में American Journal Of Obstetrics & Gynecology (AJOG) में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार सही डाइट और प्रजनन क्षमता के बीच गहरा संबंध है। फोलिक एसिड जैसे जरूरी सप्लीमेंट्स का सेवन करने से गर्भपात का रिस्क कम होता है और फर्टिलिटी ट्रीटमेंट में भी यह कारगर तरीके से काम करता है।

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3. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं

डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन महिलाओं और पुरुषों दोनों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इससे एग्स और स्पर्म की गुणवत्ता पर असर पड़ता है, जो IVF के परिणामों को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए उपचार से पहले और उसके दौरान इन आदतों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है।"

4. तनाव को नियंत्रित करें

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IVF की प्रक्रिया भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है। लगातार तनाव, चिंता और नींद की कमी शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली पर असर डाल सकती है। 

साल 2024 में International Journal Of Molecular Sciences (MDPI) में प्रकाशित सिस्टेमैटिक रिव्यू की मानें, तो IVF प्रक्रिया के दौरान होने वाला शारीरिक और मानसिक तनाव महिला के शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक थकान महसूस होती है। थकान और तनाव के बढ़ने से IVF प्रक्रिया बाधित होती है, जिससे एग क्वालिटी प्रभावित होती है। 

डॉ. शोभा गुप्ता स्पष्ट कहती हैं कि केवल तनाव IVF को असफल नहीं बनाता, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना उपचार के पूरे सफर को आसान बनाने के लिए आवश्यक होता है। IVF की सफलता दर को बढ़ाने के लिए तनाव को मैनेज करें। इसके लिए, मेडिटेशन, योग, हल्की वॉक, परिवार का सहयोग और विशेषज्ञ से खुलकर बातचीत तनाव कम करने में मदद कर सकती है।

5. पर्याप्त नींद और रेगुलर वर्कआउट करें

रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें। इससे हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। इसके साथ ही हल्की से मध्यम शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चाल से चलना या योग, शरीर को सक्रिय रखती है। हालांकि, IVF के दौरान अत्यधिक कठिन एक्सरसाइज से बचने की सलाह दी जाती है।

डाॅक्टर की सलाह

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IVF की सफलता किसी एक कारक पर निर्भर नहीं करती। उम्र, इंफर्टिलिटी का कारण, एग और स्पर्म की गुणवत्ता के साथ-साथ आपकी जीवनशैली भी अहम भूमिका निभाती है। यदि आप IVF की तैयारी कर रहे हैं, तो केवल इलाज पर ही नहीं, बल्कि अपनी रोजमर्रा की आदतों पर भी ध्यान दें। सही खानपान, संतुलित वजन, पर्याप्त नींद और तनाव पर नियंत्रण जैसे छोटे बदलाव आपके शरीर को बेहतर तरीके से उपचार के लिए तैयार कर सकते हैं।

निष्कर्ष

IVF की सफलता दर को बढ़ाने में कई फैक्टर्स जिम्मेदार हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान महिला की नियमित जांच और अल्ट्रासाउंड होते हैं। इसमें डॉक्टर यह देखते हैं कि शरीर उपचार के प्रति कैसी प्रतिक्रिया कर रहा है। इसी आधार पर दवाओं की मात्रा और जीवनशैली से जुड़े बदलाव देखे जाते हैं। अगर आप भी आईवीफ करवा रहे हैं, तो इस दौरान धैर्य बनाए रखें, डॉक्टर से अपने सभी सवाल खुलकर पूछें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या IVF की सफलता दर में पुरुषों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है?

    फर्टिलिटी केवल महिला की जिम्मेदारी नहीं है। पुरुषों की जीवनशैली भी शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। उन्हें इस प्रक्रिया की शुरुआत से पहले संतुलित आहार, धूम्रपान से दूरी, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम करना चाहिए। ये उनके प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी हैं।
  • क्या सप्लीमेंट्स और नियमित फॉलो-अप भी जरूरी हैं?

    IVF की तैयारी के दौरान बिना डाॅक्टर की सलाह के कुछ भी नहीं लेना चाहिए। हालांकि, अब लोग इंटरनेट या सोशल मीडिया से प्रभावित होकर अपनी मर्जी से सप्लीमेंट्स की शुरुआत कर देते हैं। ऐसा आप न करें।

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Disclaimer

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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