क्या आप भी चलते समय, बैठते हुए या लोगों के बीच खड़े होने पर अनजाने में अपना पेट अंदर खींचकर रखते हैं? कई लोगों को लगता है कि ऐसा करने से शरीर ज्यादा शेप में नजर आता है और पोश्चर भी बेहतर रहता है। कुछ लोग तो पेट को इस तरह अंदर रखने के इतने आदी हो जाते हैं कि घंटों बाद भी उसे सामान्य स्थिति में नहीं छोड़ते। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद में कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. एम. शीतल कुमार के अनुसार, शरीर की मसल्स को जरूरत के हिसाब से एक्टिव और आराम की स्थिति में रहना चाहिए। हर समय पेट को अंदर खींचे रखना न तो पेट का फैट कम करता है और न ही इसे वजन घटाने का विकल्प माना जा सकता है। इसके बजाय कुछ लोगों में मसल्स में खिंचाव या असहजता जैसी समस्या हो सकती है।
पेट को अंदर खींचने से क्या होता है?
डॉ. एम. शीतल कुमार के अनुसार, पेट की मसल्स को थोड़ी देर के लिए एक्सरसाइज या किसी एक्टिविटी के दौरान एक्टिव रखना नॉर्मल है लेकिन जब कोई व्यक्ति बिना जरूरत लंबे समय तक पेट को अंदर खींचे रखता है, तो पेट की मसल्स लगातार तनाव में रह सकती हैं। शरीर को आराम की स्थिति में स्वाभाविक रूप से सांस लेने और मसल्स को रिलैक्स करने की जरूरत होती है। इसलिए हर समय पेट को अंदर खींचकर रखना प्राकृतिक शारीरिक स्थिति नहीं माना जाता है।
1. सांस लेने के तरीके पर असर
डॉ. एम. शीतल कुमार बताते हैं कि सामान्य स्थिति में सांस लेने के दौरान पेट और पसलियों के आस-पास भी हलचल होती है लेकिन लगातार पेट अंदर खींचकर रखने से पेट के हिस्से की नेचुरल मूवमेंट सीमित हो सकती है। कुछ लोगों को ऐसी आदत के कारण गहरी सांस लेने में असहजता महसूस हो सकती है। अगर पेट को लगातार अंदर रखने की वजह से सांस असहज लगती है, तो शरीर को रिलैक्स करने की कोशिश करनी चाहिए।
2. पेट की मसल्स में तनाव
पेट को अंदर खींचे रखने के दौरान एब्डॉमिनल मसल्स लगातार एक्टिव रह सकती हैं। लंबे समय तक तनाव बनाए रखने से पेट या आस-पास के हिस्से में खिंचाव और थकान महसूस हो सकती है। अगर पेट के साथ कमर या पीठ में भी लगातार तनाव रहता है, तो शरीर के पॉश्चर और मसल्स के बैलेंस पर ध्यान देना जरूरी है।
3. पाचन पर असर
डॉ. एम. शीतल कुमार के अनुसार, पेट और आस-पास के हिस्से में लगातार दबाव बनाए रखने से कुछ लोगों को पेट में असहजता, भारीपन या गैस जैसी परेशानी महसूस हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा नहीं होता है। अगर लगातार पेट फूलना, दर्द, कब्ज या दूसरी पाचन संबंधी शिकायतें हैं, तो इनके पीछे अलग कारण भी हो सकते हैं और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
holding your stomach in effect
साल 2022 में Cleveland Clinic में प्रकाशित जानकारी के अनुसार-
- पेट को लगातार अंदर खींचकर रखना (stomach gripping) सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे सांस लेने की क्षमता कम हो जाती है क्योंकि फेफड़ों को पूरा फैलने की जगह नहीं मिलती है।
- इसके अलावा, पीठ, गर्दन और कंधों में तेज दर्द होने लगता है, क्योंकि शरीर बैलेंस बनाने की कोशिश में गलत तरीके से दबाव डालता है।
- इसका बुरा असर पेल्विक फ्लोर की मसल्स पर भी पड़ता है, जिससे वे कमजोर हो जाती हैं और खांसने या हंसने पर यूरिन लीक होने की समस्या हो सकती है। इसलिए, पेट को स्वाभाविक स्थिति में रखना ही बेहतर है।
क्या पेट अंदर रखने से पेट का फैट कम होता है?
- पेट को अंदर खींचकर रखने से कुछ समय के लिए पेट कम बाहर निकला हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन इससे पेट की चर्बी यानी फैट कम नहीं होता है।
- पेट की चर्बी घटाने के लिए बैलेंस डाइट, नियमित फिजिकल एक्टिविटी, पर्याप्त नींद और वेट मैनेजमेंट पर ध्यान देना जरूरी होता है।
- पेट अंदर रखने की आदत को वजन कम करने या पेट का फैट घटाने का तरीका समझना सही नहीं है।
कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
डॉ. एम. शीतल कुमार सलाह देते हैं कि अगर पेट अंदर रखने या किसी अन्य एक्टिविटी के दौरान सांस लेने में परेशानी, पेट या कमर में लगातार दर्द, चक्कर, सीने में असहजता या लंबे समय से डाइजेशन संबंधी समस्या महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
हर समय पेट अंदर खींचकर रखने से पेट कुछ देर के लिए सपाट दिखाई दे सकता है, लेकिन यह शरीर के एक्स्ट्रा फैट को कम करने का तरीका नहीं है। लंबे समय तक पेट की मसल्स को लगातार तनाव में रखने से सांस लेने के नेचुरल तरीके और मसल्स के आराम पर असर पड़ सकता है। इसलिए पेट को हर समय अंदर खींचकर रखने के बजाय शरीर को सहज स्थिति में रखना बेहतर है। अगर इस आदत के साथ दर्द, सांस लेने में परेशानी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
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FAQ
कमर की चर्बी क्यों बढ़ती है?
कमर का फैट बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खान-पान जैसे कारक इसके असली कारण हैं।पेट में जमा फैट कैसे कम करें?
पेट में जमा फैट कम करने के लिए बैलेंस डाइट, एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है।
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Sep 23, 2026 18:20 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr M Sheetal Kumar
