Fri Sep 11, 2026 | 07:35 PM IST

Doctor Verified

ब‍िल्‍ली के काटने या पंजा मारने पर क्‍या करें? डॉक्‍टर से जानें सही इलाज

बिल्ली के काटने पर आपको घाव को तुरंत धोना चाह‍िए, उस पर एंटीसेप्टिक लगाएं और डॉक्टर से रेबीज व टि‍टनेस टीके की जानकारी लें।

Billi Ke Katne Par Kya Kare: बहुत से लोग ब‍िल्‍ली को पालने के शौकीन होते हैं या उनके घर के आसपास ब‍िल्‍ली होती है। ब‍िल्‍ली जैसे पालतू जानवरों से प्‍यार होना लाजमी है, लेक‍िन आपको बता दें क‍ि ब‍िल्‍ली का काटने आपकी सेहत के ल‍िए जानलेवा हो सकता है। अक्‍सर लोग, ब‍िल्‍ली के काटने (Cat Bite) को गंभीरता से नहीं लेते, लेक‍िन इससे गंभीर इंफेक्‍शन और रेबीज जैसी बीमार‍ियां हो सकती हैं। चाहे पालतू ब‍िल्‍ली हो या सड़क पर घूमने वाली आवारा ब‍िल्‍ली, दोनों के ही काटने से आपको सावधान रहना जरूरी है। ब‍िल्‍ली के दांत नुकीले होते हैं और त्‍वचा में गहराई तक घाव बना सकते हैं। इससे बैक्‍टीर‍िया सीधे शरीर में आ जाते हैं। इस वजह से सूजन, जलन, बुखार और इंफेक्‍शन हो सकता है। ब‍िल्‍ली के काटने के तुरंत बाद, प्राथम‍िक उपचार करवाना जरूरी है। इस लेख में हम जानेंगे क‍ि ब‍िल्‍ली के काटने के बाद क्‍या करना चाह‍िए। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।

ब‍िल्‍ली के काटने से बढ़ जाता है इन बीमार‍ियों का खतरा- Diseases Caused By Cat Bite

  • ब‍िल्‍ली के काटने पर अक्‍सर लोग ध्‍यान नहीं देते और इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेक‍िन ब‍िल्‍ली का काटना (Cat Bite) जानलेवा हो सकता है। ब‍िल्‍ली के दांत और मुंह में कई बैक्‍टीर‍िया होते हैं, जो काटने से शरीर में जा सकते हैं।
  • ब‍िल्‍ली के काटने से रेबीज (Rabies) हो सकता है। यह एक वायरल इंफेक्‍शन है जो नर्वस सिस्टम पर असर डालता है।
  • इसके अलावा, कैट स्क्रैच डिजीज (Cat Scratch Disease) नाम का बैक्टीरियल इंफेक्‍शन भी हो सकता है। इससे लिम्फ नोड्स में सूजन, बुखार और थकान महसूस होती है।
  • इसके साथ ही टि‍टनेस और सेप्सिस (खून का इंफेक्‍शन) भी हो सकता है।
  • ब‍िल्‍ली के काटने से स्किन इंफेक्शन जैसे सेल्युलाइटिस का भी खतरा रहता है।
  • अगर आपकी रोग प्रत‍िरोधक क्षमता कमजोर है या घाव गहरा है, तो इन बीमारियों का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए बिल्ली के काटने को नजरअंदाज न करें और तुरंत प्राथमिक उपचार और डॉक्टर की सलाह लें। समय पर इलाज ही इन बीमारियों से आपको बचा सकता है।

इसे भी पढ़ें- प्रेग्नेंसी में कुत्ते के काटने पर क्या करें? जानें डॉक्टर की राय और रेबीज से जुड़ी सावधानियां

ब‍िल्‍ली के काटने पर तुरंत क्या करें?- First Aid Treatment After Cat Bite

cat-bite-treatment

  • बिल्ली के काटने के बाद सबसे पहले घाव को साफ करना बेहद जरूरी है।
  • घाव को साबुन और साफ पानी से कम से कम 10 मिनट तक धोएं।
  • खून बहने दें ताकि बैक्टीरिया बाहर निकल सकें।
  • बाद में एंटीसेप्टिक लगाएं और साफ पट्टी से ढक दें।
  • घरेलू इलाज के साथ डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें।

जांच के बाद रेबीज वैक्‍सीन लगवाएं- Rabies Vaccine After Cat Bite

  • अगर बिल्ली को रेबीज की डोज नहीं दी गई है, तो उसके काटने पर आपको रेबीज से सुरक्षा के ल‍िए रेबीज वैक्‍सीन लेनी पड़ सकती है।
  • रेबीज के 5 टीके लगाए जाते हैं। अगर पहले से रेबीज का टीका लगा है, तो 2 टीके ही लगाए जाएंगे।
  • टीका लगवाने में लापरवाही ब‍िल्‍कुल न करें, वरना यह आपके ल‍िए जानलेवा हो सकता है।

ब‍िल्‍ली के काटने पर ये लक्षण हैं खतरनाक- Dangerous Symptoms After Cat Bite

  • तेज बुखार आना
  • काटने के स्‍थान पर तेज दर्द, सूजन या मवाद न‍िकलना
  • लिम्फ नोड्स में सूजन
  • कमजोरी, थकान या चक्कर आना

डॉक्टर को कब दिखाएं?- When to See a Doctor

इन मामलों में डॉक्‍टर को जरूर दिखाएं-

  • जब ऐसी ब‍िल्‍ली ने काटा हो जो आवारा हो या ज‍िसे रेबीज हो
  • जब घाव गहरा हो या खून ज्यादा निकला हो
  • अगर मरीज की इम्‍यून‍िटी ज्‍यादा कमजोर हो (जैसे बुजुर्ग, बच्चे)
  • अगर लक्षण 24 घंटे में नहीं सुधरें, तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें

ब‍िल्‍ली के काटने पर क्‍या न करें?- What to Avoid After a Cat Bite

  • ब‍िना डॉक्‍टर के सलाह के, घरेलू उपायों का इस्‍तेमाल न करें
  • घाव को धोए बगैर एंटीसेप्‍ट‍िक न लगाएं
  • दर्द को अनदेखा न करें
  • काटने के बाद घाव को तुरंत ढक देने से बचें

बिल्ली का काटना आम बात नहीं है। ऐसा होने पर तुरंत प्राथम‍िक उपचार, वैक्‍सीनेशन और डॉक्‍टर की सलाह की मदद लें।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

FAQ

  • बिल्ली के काटने से इंसान को क्या होता है?

    बिल्ली के काटने से घाव में बैक्टीरिया चले जाते हैं। इस वजह से इंफेक्‍शन, सूजन, बुखार, कैट स्क्रैच डिजीज या रेबीज हो सकता है। गंभीर मामलों में सेप्सिस या नर्वस सिस्टम पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
  • बिल्ली के काटने के बाद क्या करना चाहिए?

    ब‍िल्‍ली के काटने पर सबसे पहले घाव को साबुन और पानी से साफ करें। फ‍िर एंटीसेप्टिक लगाएं और डॉक्टर से रेबीज या टि‍टनस इंजेक्‍शन की जानकारी लें।
  • क्या हर बिल्ली के काटने से रेबीज होता है?

    नहीं, हर बिल्ली के काटने से रेबीज नहीं होता। लेकिन अगर बिल्ली आवारा हो या उसे रेबीज वैक्‍सीन न लगी हो, तो रेबीज का खतरा रहता है। इसलिए ब‍िल्‍ली के काटने पर डॉक्‍टर की राय लेना जरूरी है।

Read Next

भारत में मच्छरों से जुड़ी ये 6 बीमारियां है ज्यादा खतरनाक, जानें डॉक्टर से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Feb 04, 2022 12:40 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content