अगर किसी को कुत्ता, बंदर, बिल्ली या कोई जानवर काट जाए, तो सबसे पहले जख्म को अच्छे से धोने के बाद तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर टेटनिस और एंटी-रेबीज वैक्सीन (Anti-Rabies Vaccine) लगाने की सलाह देते हैं। आमतौर पर डॉक्टर इसे निर्धारित समय पर ही लगाने की सलाह देते हैं। इसमें एक दिन का भी बदलाव नहीं किया जा सकता। ऐसे में सवाल उठता है कि वैक्सीन की शुरुआती तीन डोज, जो आमतौर पर 0, 3 और 7वें दिन लगाई जाती हैं, ये इतनी ज्यादा महत्वपूर्ण क्यों होती हैं? इस बारे में हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant – Internal Medicine, ISIC Multispeciality Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि रेबीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें लक्षण दिखाई देने के बाद इलाज लगभग संभव नहीं होता। इसलिए इसके वायरस को शुरुआती स्टेज पर ही रोकना सबसे जरूरी होता है।
रेबीज वैक्सीन की पहली 3 डोज क्यों जरूरी होती हैं?
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “जब कोई संक्रमित जानवर काटता है, तो रेबीज वायरस तुरंत दिमाग तक नहीं पहुंचता। यह धीरे-धीरे नसों के जरिए सेंट्रल नर्वस सिस्टम की ओर बढ़ता है। यही वजह है कि डॉक्टर बिना देरी किए वैक्सीन शुरू करने की सलाह देते हैं। पहले तीन इंजेक्शन शरीर की इम्यूनिटी सिस्टम को तेजी से एक्टिव करते हैं, ताकि वायरस के दिमाग तक पहुंचने से पहले ही उसके खिलाफ सेफ्टी तैयार हो जाए।”
0, 3 और 7वें दिन की डोज शरीर में क्या करती हैं?
Dr. Vineeta Singh Tandon के मुताबिक, पहले तीन वैक्सीन डोज के लिए बहुत जरूरी है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। इसके कई कारण है।
- पहली डोज (Day 0) - पहली डोज जितनी जल्दी लगती है, उतना बेहतर माना जाता है। यह शरीर की इम्यून सिस्टम को वायरस की पहचान कराती है और उसे इंफेक्शन के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करती है। इसे इम्यून रिस्पॉन्स की शुरुआत माना जाता है।
- दूसरी डोज (Day 3) - तीसरे दिन दी जाने वाली डोज पहले इंजेक्शन के असर को मजबूत करती है। इससे शरीर तेजी से वायरस के खिलाफ न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी बनाना शुरू कर देता है। यही एंटीबॉडी वायरस को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- तीसरी डोज (Day 7) - सातवें दिन लगने वाला इंजेक्शन शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है। इस समय तक ज्यादातर लोगों में पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडी बनने लगती हैं, जो वायरस को नर्व सिस्टम तक पहुंचने से पहले रोकने में मदद करती हैं।

क्या बाकी डोज लेना जरूरी है?
Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “हालांकि शुरुआती तीन डोज इंफेक्शन के खिलाफ मजबूत सेफ्टी बना देते हैं, लेकिन तीन वैक्सीन तक इलाज पूरा नहीं हुआ है। जितने डॉक्टर ने वैक्सीन शैड्यूल किए हैं, उन्हें पूरा करना जरूरी होता है। बाद के वैक्सीनेशन शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं और लंबे समय तक शरीर को सेफ रखने में मदद करते हैं। अगर बीच में कोई डोज छूट जाती है, तो सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए डॉक्टर द्वारा बताए गए पूरे शेड्यूल का पालन करना जरूरी है।”
रेबीज क्यों खतरनाक है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया की करीब आधी आबादी ऐसे देशों में रहती है जहां कुत्तों के जरिए रेबीज का खतरा अभी भी मौजूद है। हर साल एशिया और अफ्रीका में करीब 59 हजार लोगों की मौत रेबीज की वजह से होती है और इनमें ज्यादातर मामले इंफेक्शन कुत्तों के काटने से जुड़े होते हैं।
NHS के मुताबिक, रेबीज वैक्सीन की तीन डोज लेने वाले करीब 95 प्रतिशत लोगों में इंफेक्शन के खिलाफ सुरक्षा मिल जाती है। यह सेफ्टी आमतौर पर एक से दो साल तक बनी रह सकती है। हालांकि, जिन लोगों को बार-बार संक्रमण का खतरा रहता है, जैसे जानवरों की देखभाल करने वाले लोग, लैब में काम करने वाले लोग या जानवरों के संपर्क में रहने वाले लोग, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर बूस्टर डोज की जरूरत पड़ सकती है।
निष्कर्ष
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं कि अगर किसी जानवर ने काट लिया है, तो पहले जख्म को कम से कम 15 मिनट तक बहते पानी और साबुन से अच्छे तरीके से धोएं। इसके बाद बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर घाव की गंभीरता के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन और जरूरत पड़ने पर रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (RIG) लगाने की सलाह दे सकते हैं। इसमें घरेलू नुस्खों, तेल, हल्दी, मिर्च या मिट्टी जैसी चीजें बिल्कुल न लगाएं और वैक्सीन के किसी भी डोज को मिस न करें।
FAQ
शरीर में एंटीबॉडी बनने की प्रक्रिया कब और कैसे शुरू होती है?
रेबीज वैक्सीन शरीर को एक्टिव इम्यूनिटी देती है। डॉक्टरों के अनुसार, पहले और दूसरे इंजेक्शन के बाद शरीर वायरस को पहचानता है, और तीसरे इंजेक्शन (7वें दिन) के बाद शरीर में रेबीज से लड़ने वाली सुरक्षात्मक एंटीबॉडीज का स्तर तेजी से बढ़ना शुरू होता है।यदि कोई व्यक्ति शुरुआती 3 इंजेक्शन समय पर लगवा ले, तो सुरक्षा की क्या गारंटी है?
जो मरीज शुरुआती 3 इंजेक्शन (0, 3, 7 दिन) बिल्कुल सही समय पर बिना किसी देरी के लगवा लेते हैं, उनके शरीर में रेबीज के खिलाफ 95% से अधिक सुरक्षा विकसित हो जाती है। यह वायरस के घातक असर को लगभग निष्प्रभावी कर देता है।
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Jul 07, 2026 18:36 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jul 07, 2026 18:36 IST
Modified By : Aneesh RawatJul 07, 2026 18:36 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon