Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhishek Chopra , Pediatrician and Neonatologist

5 साल से बड़े बच्चों को कौन-कौन से टीके लगते हैं? डॉक्टर से जानें पूरा वैक्सीनेशन शैड्यूल

5 साल के बाद बच्चों के वैक्सीनेशन में कई बूस्टर डोज होते हैं, जो बच्चों के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए पेरेंट्स को 5 साल के बाद भी बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर सतर्क रहना चाहिए। इस लेख में डॉ. अभिषेक ने सभी जरूरी वैक्सीनेशन के बारे में विस्तार से बताया है।

बच्चे के जन्म से लेकर शुरुआती कुछ सालों तक तो पेरेंट्स वैक्सीनेशन का पूरा ध्यान रखते हैं, लेकिन 5 साल के बच्चे के वैक्सीनेशन कई बार छूट जाते हैं या फिर समय निकल जाता है। कई पेरेंट्स को लगता है कि बच्चों का वैक्सीनेशन सिर्फ 5 साल तक ही होता है, जबकि ऐसा नहीं है।

5 साल के बाद जरूरी वैक्सीनेशन को लेकर हमने Dr. Abhishek Chopra, Consultant and Dr. Rajat Grover, Senior Consultant, Pediatrician and Neonatologist, Cloudnine Group of Hospitals, New Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि 5 साल के बाद भी बच्चे को कुछ जरूरी बूस्टर डोज लगते हैं, ताकि बच्चों की इम्यूनिटी बनी रहे।

5 साल के बाद कौन-से वैक्सीनेशन जरूरी है?

भारत के नेशनल इम्यूनाइजेशन शैड्यूल (NIS) के मुताबिक, 5-6 साल की उम्र में DPT Booster की दूसरी खुराक दी जाती है। इसके बाद 10 साल और 16 साल की उम्र में Td vaccine दिया जाता है।

5 से 6 साल की उम्र का वैक्सीनेशन

Dr. Abhishek Chopra कहते हैं, “भारत सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार, 5 से 6 साल की उम्र के बच्चों को DPT बूस्टर का दूसरा डोज दिया जाता है। इसमें बच्चे को डिप्थिरिया, पर्टुिसस और टिटनेस से सुरक्षा देने वाला वैक्सीन है। यह बूस्टर डोज पहले से बनी इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए दी जाती है। इसलिए अगर बच्चा 5 साल की उम्र पार कर चुका है और यह डोज अभी तक नहीं लगी है, तो उसके वैक्सीनेशन रिकॉर्ड के लेकर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।”

10 साल की उम्र में कौन-सा वैक्सीन दिया जाता है?

Dr. Abhishek Chopra ने कहा, “राष्ट्रीय टीकाकरण शैड्यूल के अनुसार, 10 साल की उम्र में Td वैक्सीन दिया जाता है। Td का मतलब टिटनेस और एडल्ट डिप्थिरिया है। आमतौर पर इस उम्र में बच्चे स्कूल की एक्टिविटीज में व्यस्त हो जाते हैं, तो कई बार यह डोज छूट जाता है। इसलिए इसे ध्यान से समय पर लगवाना चाहिए।”

CDC के अनुसार, टिटनेस का संक्रमण शरीर में कट या जख्म के रास्ते जा सकता है। इससे कई गंभीर समस्याएं, जैसे जबड़ा लॉक होना, निगलने और सांस लेने में दिक्कत हो सकती हैं। वहीं डिप्थीरिया में सांस लेने में दिक्कत, हार्ट फेलियर, लकवा या मृत्यु तक हो सकती है।

vaccination after five years

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16 साल की उम्र में वैक्सीनेशन

Dr. Abhishek Chopra ने बताया कि बच्चे का टीनएजर की उम्र में भी वैक्सीनेशन लगता है, जिसका पेरेंट्स को पूरा ध्यान रखना चाहिए। 16 साल की उम्र में बच्चे को Td वैक्सीन की एक और डोज दी जाती है। इसलिए 5 साल के बाद भी बच्चों के वैक्सीनेशन रिकॉर्ड को याद रखें और संक्रमण से बचाव के लिए समय पर वैक्सीनेशन जरूर लगवाएं।

वैक्सीनेशन छूटने पर क्या करना चाहिए?

Dr. Abhishek Chopra ने कहा, “कई बार बीमारी, स्कूल में बिजी या अन्य कारण की वजह से अगर बच्चे का वैक्सीनेशन छूट जाता है, तो ऐसी कंडीशन में पेरेंट्स को खुद से वैक्सीनेशन दोबारा नहीं लगवाना चाहिए। बच्चे का पुराना वैक्सीनेशन कार्ड लेकर डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर की तय करते हैं कि कौन-सी डोज लग चुकी है और कौन-सी आगे कैच-अप वैक्सीनेशन में लग सकती है।”

5 साल के बाद वैक्सीनेशन क्यों जरूरी है?

Dr. Abhishek Chopra ने कहा, “बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ वह स्कूल में लोगों से मिलता है और खेलकूद करता है। ऐसे में टीनएजर तक बच्चों को कुछ संक्रमणों से बचाए रखना जरूरी होता है। इसके लिए 5 साल के बाद बच्चों को बूस्टर डोज लगते हैं।”

पेरेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

Dr. Abhishek Chopra ने पेरेंट्स को कुछ जरूरी सलाह दी है।

  • वैक्सीन लगवाने के बाद बच्चों को हल्का बुखार आ सकता है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर पैरासिटामोल दे सकते हैं।
  • बच्चे का पुरानी वैक्सीनेशन रिकॉर्ड संभालकर रखें।
  • कोई भी डोज छूट जाए, तो डॉक्टर से कैच-अप वैक्सीनेशन की बात करें।
  • बच्चे की मेडिकल हिस्ट्री या किसी विशेष हेल्थ कंडीशन के बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं।
  • अतिरिक्त वैक्सीन की जरूरत है या नहीं, यह बच्चे की हेल्थ कंडीशन के अनुसार डॉक्टर से जानना चाहिए।

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निष्कर्ष
बच्चे का 5 साल के बाद भी वैक्सीनेशन बंद नहीं होता, इसलिए पेरेंट्स को सतर्कता के साथ उम्र के अनुसार वैक्सीन लगवाने चाहिए। अगर किसी बच्चे को हेल्थ कंडीशन और रिस्क फैक्टर्स के आधार पर अतिरिक्त वैक्सीन की जरूरत हो सकती है। इसलिए पेरेंट्स को वैक्सीनेशन कार्ड अपडेट रखें।

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FAQ

  • क्या 5 साल के बाद भी लड़कियों के लिए कोई विशेष वैक्सीन आती है?

    9 से 14 साल की लड़कियों को HPV वैक्सीन दी जाती है, जो भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाती है।
  • क्या बड़े बच्चों को हर साल फ्लू की वैक्सीन लगवानी चाहिए?

    डॉक्टर की सलाह लेकर 5 साल से बड़े बच्चों को भी हर साल मानसून या सर्दी की शुरुआत से पहले एनुअल फ्लू शॉट लगवाई जा सकती है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 11, 2026 19:36 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Abhishek Chopra

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