Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhishek Chopra , Pediatrician and Neonatologist

NICU में भर्ती शिशुओं का वैक्सीनेशन कब शुरू होता है? डॉक्टर से जानें जरूरी बातें

शिशु का जन्म समय से पहले होने पर या किसी गंभीर कंडीशन में शिशु को NICU में रखा जाता है। ऐसे में पेरेंट्स के मन में सवाल आता है कि शिशु के वैक्सीनेशन की शुरुआत कब करें? इस लेख में डॉक्टर ने NICU में भर्ती शिशु के वैक्सीनेशन के बारे में विस्तार से समझाया है।

अगर किसी शिशु का जन्म समय से पहले हुआ है या फिर उसे जन्म के समय गंभीर बीमारी हुई है, तो उस शिशु को NICU (Neonatal Intensive Care Unit) में भर्ती करना पड़ता है। ऐसी कंडीशन में पेरेंट्स को टेंशन हो जाती है कि ऐसे शिशु का वैक्सीनेशन कैसे किया जाएगा? क्या NICU में होने पर शिशु के वैक्सीनेशन को कुछ समय के लिए टाल दिया जाता है? इन सभी सवालों के जवाब के लिए हमने Dr. Abhishek Chopra, Consultant Pediatrician and Neonatologist, Cloudnine Group of Hospitals, New Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि समय पर दिया गया वैक्सीनेशन प्रीमैच्योर और बीमार नवजात शिशुओं को कई जानलेवा इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है।

क्या NICU में भर्ती शिशुओं का वैक्सीनेशन देर से होता है?

Dr. Abhishek Chopra कहते हैं, “कई पेरेंट्स मान लेते हैं कि जब तक शिशु का वजन सामान्य नहीं होगा, तब तक उसे वैक्सीन नहीं लगाना चाहिए, लेकिन ज्यादातर मामलों में NICU में भर्ती शिशुओं का टीकाकरण भी तय समय पर ही शुरू होता है, क्योंकि NICU में भर्ती शिशुओं को सामान्य शिशुओं के मुकाबले गंभीर बीमारियां होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। वैक्सीनेशन बच्चे के जन्म के दिन के आधार पर ही किया जाता है। इसका मतलब यह है कि शिशु का वजन कम हो या उसका जन्म समय से पहले हुआ हो, फिर भी वैक्सीनेशन की तारीख जन्म वाले दिन से ही तय होती है।”

ScienceDirect में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, जो बच्चे समय से पहले जन्म लेते हैं, वे पूरी तरह से परिपक्व नहीं होते, लेकिन उनमें टीकों को बहुत अच्छी तरह से सहन करने की शक्ति होती है। इसके साथ ऐसे शिशुओं को बीमारियों से बचाव के लिए समय पर वैक्सीनेशन लगाना जरूरी है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि प्रीटर्म शिशुओं के वैक्सीनेशन शैड्यूल में बिना किसी ठोस वजह के देरी कर दी जाती है। इसलिए प्रीटर्म शिशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीनेशन में देरी नहीं करनी चाहिए।

NICU में भर्ती शिशुओं को जन्म के समय कौन से वैक्सीन लगाए जाते हैं?

Dr. Abhishek Chopra ने कहा, “अगर शिशु की स्थिति स्थिर है, तो जन्म के कुछ समय बाद डॉक्टर शिशु को पूरी तरह से चेक करते हैं। अगर डॉक्टर शिशु की कंडीशन को सुरक्षित मानते हैं, तो जन्म के कुछ समय बाद वही शुरुआती टीके लगाए जाते हैं, जो सामान्य शिशुओं को दिए जाते हैं। अगर शिशु वेंटिलेटर पर हो, गंभीर इंफेक्शन या स्थिति स्थिर नहीं है, तो डॉक्टर शिशु की मेडिकल कंडीशन को देखते हुए ही वैक्सीनेशन का फैसला लेते हैं।”

  1. BCG वैक्सीन - यह बच्चे को टीबी से जुड़ी गंभीर बीमारियों खासकर टीबी मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी से बचाने में मदद करती है।
  2. ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV-0) - इसे पोलियो की जीरो डोज कहा जाता है, जो शुरुआती सुरक्षा देता है। 
  3. हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन - जन्म के 24 घंटे के भीतर लगने वाली यह वैक्सीन बच्चे को हेपेटाइटिस-बी इंफेक्शन से बचाने में मदद करती है।

vaccination of NICU kids

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वैक्सीनेशन से पहले किन बातों का ध्यान रखा जाता है?

Dr. Abhishek Chopra ने बताया कि NICU में भर्ती हर बच्चे की स्थिति अलग होती है। इसलिए वैक्सीन लगाने से पहले डॉक्टर शिशु के सांस लेने की क्षमता, हार्ट के फंक्शन, शरीर का टेम्परेचर, इंफेक्शन की कंडीशन, वजन, जन्म का समय और दवाओं के असर को देखते हैं। इन सभी बातों का ध्यान रखकर ही डॉक्टर तय करते हैं कि वैक्सीन कब और कैसे दी जा सकती है।

क्या NICU से निकलने के बाद ही शिशु को वैक्सीनेशन देना चाहिए?

Dr. Abhishek Chopra कहते हैं, “मेरे पास कई पेरेंट्स आते हैं कि जब शिशु NICU से बाहर आ जाएगा, तभी वैक्सीनेशन शुरू करेंगे, लेकिन मैं ऐसा करने की सलाह नहीं देता हूं। डिस्चार्ज के समय मैं शिशु का पूरा इम्यूनाइजेशन शेड्यूल समझाता हूं और अगली वैक्सीन की तारीख भी बताते हैं। इसलिए जरूरी है कि उस शेड्यूल का पूरी तरह पालन किया जाए। किसी भी डोज में देरी करने से बच्चे को इंफेक्शन का रिस्क हो सकता है।”

पेरेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

Dr. Abhishek Chopra ने पेरेंट्स को वैक्सीनेशन को लेकर लापरवाही न बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा, इन बातों का कुछ खास ध्यान रखना चाहिए।

  1. शिशु का वैक्सीनेशन कार्ड हमेशा सुरक्षित रखें।
  2. हर डोज समय पर लगवाएं।
  3. डॉक्टर से अगली वैक्सीन की तारीख जरूर पूछें।
  4. अगर शिशु बीमार है, तो वैक्सीन टालने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
  5. बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी डोज मिस न करें।

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निष्कर्ष
जो शिशु जन्म के बाद NICU में भर्ती होते हैं, उनके वैक्सीनेशन को नहीं टालना चाहिए। आमतौर पर ऐसे शिशुओं को जन्म के दिन के अनुसार ही वैक्सीन दी जाती है, ताकि इंफेक्शन को कम किया जा सके। अगर NICU में भर्ती शिशु के वैक्सीनेशन से जुड़ा कोई भी भ्रम है, तो लोगों से जानने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।

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FAQ

  • क्या कम वजन वाले बच्चों के लिए वैक्सीन सुरक्षित होती हैं?

    ज्यादातर वैक्सीन बहुत कम वजन और प्रीमैच्योर बच्चों के लिए भी सुरक्षित होती हैं। ऐसे शिशुओं की इम्यूनिटी कमजोर होती है। इसलिए इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे मामलों में वैक्सीन देने से पहले डॉक्टर कुछ घंटों तक बच्चे की निगरानी करते हैं, ताकि अगर किसी भी परेशानी का समय पर पता चल सके।
  • टीका लगने के बाद NICU में बच्चों पर क्या निगरानी रखी जाती है?

    NICU में मॉनिटर लगे होने के कारण डॉक्टर और नर्स टीका लगने के बाद शिशु के हार्ट रेट, ऑक्सीजन लेवल, सांस की गति और तापमान पर लगातार नजर रखते हैं। अगर शिशु को हल्का बुखार या सांस लेने का प्रोसेस तेज या कम होता है, तो टीम शिशु का कंडीशन देखते हुए इलाज करती है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 22, 2026 19:59 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Abhishek Chopra

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