आज की बिगड़ी लाइफस्टाइल और तेज रफ्तार जिंदगी में वजन बढ़ना और ब्लड शुगर का असंतुलन आम समस्या बन चुकी है। घंटों ऑफिस में बैठकर काम करना, मोबाइल और स्क्रीन को दिनभर देखते रहना, अनियमित खानपान और एक्सरसाइज की कमी, ये सब मिलकर शरीर को धीरे-धीरे बीमार बना रहे हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग जानना चाहते हैं कि कैसे नेचुरल तरीके से ब्लड शुगर को सही कर सकते हैं और वजन भी घटा सकते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में ये दावा किया जाता है कि सूर्य नमस्कार का रोजाना अभ्यास मोटापा घटाता है और ब्लड शुगर भी कंट्रोल करने में सहायक हो सकता है लेकिन लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या सिर्फ सूर्य नमस्कार करने से वजन कम हो सकता है और क्या यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी मदद करता है? इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने, उत्तम नगर स्थित योग जंक्शन के योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम से बात की।
जानें रोज सूर्य नमस्कार का वजन और शुगर पर असर
योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार, सूर्य नमस्कार 12 योग आसनों का एक पूरा सेट है, जिसमें शरीर की लगभग सभी मसल्स एक्टिव होती हैं। यह सिर्फ योग नहीं, बल्कि कार्डियो और स्ट्रेंथ एक्सरसाइज का भी कॉम्बिनेशन है और नियमित रूप से इसे करने से वजन और ब्लड शुगर दोनों को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
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वजन घटाने पर असर
योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम बताते हैं कि रोज सूर्य नमस्कार करने से शरीर की कैलोरी बर्निंग बढ़ती है। एक सूर्य नमस्कार में शरीर आगे-पीछे झुकता है, जिससे पेट, कमर, जांघ और हाथों की चर्बी पर सीधा असर पड़ता है, अगर कोई व्यक्ति 30 दिन तक रोज 8-10 सूर्य नमस्कार करता है, तो शरीर हल्का महसूस होने लगता है और शरीर ज्यादा एक्टिव नजर आता है। हालांकि, रिजल्ट डाइट और लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है।
- सूर्य नमस्कार का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है।
- तेज मेटाबॉलिज्म का मतलब है कि शरीर खाना जल्दी पचाता है और फैट जमा नहीं होने देता।
- योग थेरेपिस्ट के अनुसार, इससे पेट की चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है और ब्लोटिंग की समस्या में भी राहत मिलती है।
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क्या कहती है स्टडी?
NIH की स्टडी के मुताबिक,, सूर्य नमस्कार (SN) अधिक वजन वाली और मोटापे से ग्रस्त महिलाओं के वेट मैनेजमेंट के लिए एक प्रभावी प्रशिक्षण पद्धति है। यह न केवल शरीर के वजन को कंट्रोल करने में मदद करता है, बल्कि शारीरिक लचीलापन, श्वसन क्षमता (Breathing capacity) और मांसपेशियों की सहनशक्ति में सुधार करने में भी अन्य एक्सरसाइज से बेहतर रिजल्ट देता है।

ब्लड शुगर पर असर
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सूर्य नमस्कार अहम भूमिका निभा सकता है। योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम बताते हैं कि यह अभ्यास पैंक्रियाज को एक्टिव करने में सहायक हो सकता है, जिससे इंसुलिन का काम बेहतर होता है। रोज 30 दिन सूर्य नमस्कार करने से फास्टिंग और पोस्ट मील शुगर लेवल में सुधार देखा जा सकता है, खासकर टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में। हालांकि, दवाइयों को बंद करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
एक दिन में कितने सूर्य नमस्कार करना सही है?
शुरुआत में 5-6 सूर्य नमस्कार से शुरू करना चाहिए और धीरे-धीरे संख्या बढ़ाकर 10-12 तक ले जानी चाहिए। योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम कहते हैं कि ज्यादा जरूरी संख्या नहीं, बल्कि सही तरीके से करना है। हर आसन के साथ सांस पर ध्यान देना जरूरी है। गलत तरीके से करने पर कमर या घुटनों में दर्द हो सकता है।
निष्कर्ष
योग थेरेपिस्ट प्रवीण गौतम के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति रोज 30 दिन तक सही तरीके से सूर्य नमस्कार करता है, तो वजन और ब्लड शुगर दोनों पर इसका अच्छा असर पड़ सकता है। यह एक सुरक्षित योग अभ्यास है, जिसे अपनी दिनचर्या में शामिल करके लंबे समय तक सेहत को बेहतर रखा जा सकता है।
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FAQ
सूर्य नमस्कार करने का सही समय क्या है?
सूर्य नमस्कार करने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट होता है, अगर सुबह संभव न हो, तो शाम को हल्के पेट भी कर सकते हैं।सूर्य नमस्कार किसे नहीं करना चाहिए?
प्रेग्नेंट महिलाएं, घुटने या कमर दर्द वाले लोग और हाई बीपी या हार्ट डिजीज वाले लोगों को पहले डॉक्टर या योग एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए।सूर्य नमस्कार क्या है?
सूर्य नमस्कार 12 योग आसनों का एक क्रम है, यह पूरे शरीर के लिए एक कंप्लीट योग अभ्यास माना जाता है।
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Feb 16, 2026 12:18 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Feb 16, 2026 12:18 IST
Modified By : Akanksha TiwariFeb 16, 2026 12:18 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Praveen Gautam