खीरा खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है क्योंकि इसमें फाइबर और पानी की अच्छी मात्रा होती है। यह शरीर का मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने के साथ कब्ज की समस्या को कम करने में भी मददगार है। इसके अलावा खीरा खाना स्किन, पेट और आंतों के लिए फायदेमंद है, लेकिन खीरा आप कब खाते हैं और कैसे खाते हैं इस पर बहुत कुछ निर्भर करता है। दरअसल, बहुत से लोगों को मानना है कि खीरा सुबह या दिन में ही खाना चाहिए। अगर आप शाम के समय या रात के समय में खीरा खाते हैं तो सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है हालांकि, सवाल यह है कि क्या साइंस भी इसे ही मानता है, जानते हैं इस बारे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru से।
क्या शाम या रात में खीरा खाने से सर्दी-जुकाम हो सकता है?
डाइट एक्सपर्ट एडविना राज बताती हैं कि शाम या रात में खीरा खाने से सीधे तौर पर सर्दी या फ्लू नहीं होता है। सर्दी और फ्लू वायरल इन्फेक्शन की वजह से होते हैं, न कि दिन के किसी खास समय पर कोई खास चीज खाने से। खीरे में पानी की मात्रा ज्यादा होती है और इसमें कुछ फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी होते हैं, जिससे यह डाइट में एक पौष्टिक चीज बन जाता है। अगर किसी को खीरा खाने के बाद गले में खराश, नाक बहने या बुखार की समस्या होती है, तो यह महज एक इत्तेफाक हो सकता है, न कि इस बात का सबूत कि खीरे की वजह से इन्फेक्शन हुआ है।
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पाचन कमजोर होने पर दिक्कत महसूस हो सकती है
डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि कुछ लोगों को कच्चा खीरा खाने के बाद बेचैनी महसूस हो सकती है, खासकर अगर उनका पाचन तंत्र संवेदनशील हो। ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ लोगों में पेट फूलने या पेट में तकलीफ हो सकती है। कुछ लोगों को ऐसा लग सकता है कि जब उन्हें पहले से ही सांस से जुड़ा कोई इंफेक्शन हो, तो ठंडी चीजें खाने से गले की तकलीफ बढ़ जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि खीरे की वजह से इन्फेक्शन हुआ है। हर व्यक्ति की खाने की चीजों को सहने की क्षमता अलग-अलग होती है और अगर कमरे के तापमान पर रखी चीजें खाने में ज्यादा आराम महसूस हो, तो लोग उन्हें चुन सकते हैं।
रात में खीरा खान से क्यों बचना चाहिए?
डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि हालांकि, ऐसा कुछ नहीं है लेकिन इसे स्लो डाइजेशन से जोड़कर देखा जाता है। आयुर्वेद में भी यही बताया गया है कि रात में डाइजेशन स्लो हो जाता जिससे खीरा पचाने में दिक्कत होती है और गैस, अपच या भारीपन की समस्या हो सकती है, लेकिन मतलब यह नहीं कि सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है।
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खीरा खाने का सही समय क्या है?
हर लिहाज से देखें तो दिन का समय खीरा खाने के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है। हालांकि, इसमें फाइबर और पानी ही होता है तो दिनभर में यह अच्छी तरह से पच जाता है जबकि रात में ज्यादा खीरा खा लें तो पानी की मात्रा बढ़ने से आपको बार-बार पेशाब लगने की दिक्कत हो सकती है।
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The National Health Science Journal में प्रकाशित स्टडी बताती है कि खीरा खाने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर औसतन 4.2 mmHg और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर औसतन 7.6 mmHg कम हुआ इसलिए यह हाई बीपी के मरीजों के लिए फायदेमंद है।
निष्कर्ष:
इसलिए, आम तौर पर किसी स्वस्थ व्यक्ति को रात में खीरा खाने से पूरी तरह बचने की जरूरत नहीं है। इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है, बशर्ते यह व्यक्ति के पाचन और खाने-पीने के तौर-तरीकों के अनुकूल हो। अगर किसी को बार-बार खीरा खाने के बाद तकलीफ महसूस होती है, तो वे इसकी मात्रा कम कर सकते हैं या लक्षणों के बारे में किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल से बात कर सकते हैं। सर्दी और फ्लू से बचने के लिए ज्यादा जरूरी उपाय हैं - हाथों की अच्छी सफाई, पूरी नींद, संतुलित पोषण, जरूरत पड़ने पर सही टीकाकरण और बीमार लोगों के नजदीकी संपर्क से बचना।
FAQ
आयुर्वेद के अनुसार खीरे की तासीर और सेवन का सही समय
आयुर्वेद के अनुसार खीरे की तासीर सर्द यानी ठंडी होती है और यह पित्त प्रकृति वाले लोगों के लिए तो फायदेमंद है लेकिन कफ प्रकृति वाले लोगों में यह ठंडक पैदा कर सकता है जिससे सर्दी-जुकाम की समस्या में उन्हें इसे खाने से बचना चाहिए।किन लोगों को रात में खीरा खाने से पूरी तरह बचना चाहिए?
अगर आपको पहले से ही सर्दी-जुकाम है या आपका डाइजेशन सही नहीं है तो आपको रात में खीरा खाने से बचना चाहिए।
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Oct 09, 2026 20:35 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Edwina Raj
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