Tue Oct 6, 2026 | 09:32 PM IST

Medically Reviewed by Dr Major Rajesh Bhardwaj , ENT Specialist & Head and Neck Surgeon

क्या पहाड़ी इलाकों में ट्रिप के दौरान आपकी नाक से भी बहने लगता है खून? डॉक्टर से जानें कारण और सावधानियां

हाल ही में टीवी एक्ट्रेस हिना खान ने लद्दाख ट्रिप के दौरान बार-बार नाक से खून बहने की परेशानी के बारे में बताया। ऐसे में सवाल उठता है कि पहाड़ों पर जाने पर नाक से खून बहने के क्या कारण हो सकते हैं और लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
क्या पहाड़ी इलाकों में ट्रिप के दौरान आपकी नाक से भी बहने लगता है खून? डॉक्टर से जानें कारण और सावधानियांक्या पहाड़ी इलाकों में ट्रिप के दौरान आपकी नाक से भी बहने लगता है खून? डॉक्टर से जानें कारण और सावधानियां

पहाड़ों पर ट्रैकिंग या ट्रिप के दौरान नाक से खून बहना सामान्य है, लेकिन जब लोग ऊंचे पहाड़ों पर जाते हैं, तो उन्हें पता ही नहीं होता कि पहाड़ों में नकसीर की समस्या हो सकती है। कई लोगों को पहाड़ों में जाकर सुबह नाक साफ करते समय रुमाल पर खून के निशान दिख सकते हैं या फिर अचानक नाक से ब्लीडिंग हो सकती है। इस बारे में Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, ENT Expert, MedFirst ENT Centre, Delhi ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में खासतौर पर सर्द और ज्यादा ऊंचाई वाली जगहों पर नकसीर यानी नाक से खून आना देखने को मिल सकता है। ज्यादातर मामलों में यह गंभीर समस्या नहीं होती, लेकिन खून आने पर सही तरीके से फर्स्ट एड करना जरूरी है।

पहाड़ों में नाक से खून क्यों आता है?

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं, “मैंने खुद आर्मी मेडिकल कोर में सेवा के दौरान ऊंचाई और कड़ाके की ठंड में शरीर को होने वाले नुकसान को बहुत करीब से देखा है। पहाड़ी इलाकों में ऊंचाई पर हवा का दबाव कम होने पर नाक की नसें फट जाती हैं, लेकिन कई मामलों में ठंडी और सूखी हवा नाक के अंदर की नाजुक परत को सुखा सकती है। इससे वहां पपड़ी और छोटी दरारें बनने लगती हैं। अगर इस कंडीशन में मरीज नाक साफ करने लगता है, तो नाक से खून आ सकता है।”

पहाड़ों में हीटर और ब्लोअर बढ़ा सकते हैं समस्या

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने बताया कि पहाड़ों पर बाहर की हवा ठंडी और कम नमी वाली होती है। इसके ऊपर होटल के कमरे या गाड़ी में लगातार चलने वाला हीटर या ब्लोअर हवा को और सुखा देता है। ऐसे में सर्दी-जुकाम या एलर्जी के दौरान बार-बार छींकना और जोर से नाक साफ करना भी नाक की अंदरूनी परत को परेशान कर सकता है। बच्चों में नाक में उंगली डालने की आदत ज्यादा होने के कारण उन्हें नकसीर की समस्या ज्यादा हो सकती है।

क्या कहती है रिसर्च?

Medical Journal Of Armed Forces India के मुताबिक, इस स्टडी में 100 पुरुषों पर अध्ययन किया गया। इसमें पहली बार ऊंचाई पर रहने वाले लोगों की नाक बंद होने की समस्या देखी गई।

Cleveland Clinic के अनुसार, अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में नाक के अंदर की नाजुक परत सुखा देती है, जिससे फटी हुई पपड़ीदार को रगड़ने से खून बहने की संभावना बहुत ज्यादा हो जाती है। इसके अलावा, घर पर ब्लोअर या हीटर लगाने से अंदर की हवा शुष्क हो जाती है, जो नाक के अंदर को सुखा देती है।

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पहाड़ों पर नकसीर से बचने के लिए क्या करें?

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj ने सलाह दी है कि जो लोग पहाड़ों पर नकसीर से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरती जा सकती हैं।

  • पहाड़ों में जाते समय अपने पास सलाइन नेजल स्प्रे या ड्रॉप्स रख सकते हैं, जिससे नाक के अंदर नमी बनी रहे।
  • डॉक्टर की सलाह पर हल्की मात्रा में पेट्रोलियम जेली या नाक के लिए मॉइस्चराइजिंग जेल भी लगाया जा सकता है।
  • कमरे में हवा बहुत सूखी लग रही हो तो ह्यूमिडिफायर मदद कर सकता है। हीटर की गर्म हवा सीधे चेहरे पर पड़ने से भी बचें।
  • सर्दियों में भी पहाड़ों पर पानी पीना कम न करें। ठंड में प्यास कम महसूस हो सकती है, लेकिन शरीर को फिर भी पर्याप्त तरल की जरूरत होती है।
  • पहाड़ों में शराब से बचना भी बेहतर है, खासतौर से ऊंचाई वाले इलाकों में, क्योंकि यह डिहाइड्रेशन और ऊंचाई की समस्याएं रिस्क को बढ़ा सकती है।
  • अगर बाइक से जा रहे हैं, तो नाक और मुंह को मफलर या मास्क से ढककर रखना ठंडी हवा के सीधे संपर्क को कम कर सकता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग अगर ब्लड थिनर दवाएं लेते हैं, तो उनकी ब्लीडिंग देर तक चल सकती है।
  • अगर पहले भी बार-बार नाक से खून आता रहा है और आप लद्दाख, स्पीति या किसी दूसरे ऊंचाई वाले इलाके की ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो निकलने से पहले डॉक्टर से बात कर लेना बेहतर है।
  • नकसीर आने पर पीछे की तरफ सिर न करें। इससे खून गले में जा सकता है, जिससे मतली या उल्टी हो सकती है।
  • नाक से ब्लीडिंग आने पर सीधा बैठें और सिर को थोड़ा आगे की ओर झुकाएं।
  • नाक के ऊपर कपड़े में लपेटकर ठंडी चीज या आइस पैक रखने से भी कुछ लोगों को मदद मिल सकती है। खून मुंह में आए तो उसे निगलने के बजाय बाहर थूक दें।

निष्कर्ष

Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj कहते हैं कि ब्लीडिंग रुकने के बाद कुछ समय तक नाक जोर से न साफ करें, नाक में उंगली न डालें और भारी मेहनत से बचें। अगर लगातार ब्लीडिंग बनी हुई है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। आमतौर पर नकसीर की समस्या कुछ समय के लिए ही रहती है, लेकिन नाक से खून आने पर तेज सिरदर्द, सांस फूलना, उल्टी, बहुत ज्यादा थकान या भ्रम जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

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FAQ

  • पहाड़ों पर सफर के दौरान बच्चों या बुजुर्गों की नाक से खून बहने पर क्या विशेष ध्यान रखें?

    बच्चों और बुजुर्गों की नाक की त्वचा और नसें अधिक पतली होती हैं। उन्हें सफर के दौरान थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या ओआरएस (ORS)पिलाते रहें, नाक की कोई भी दवा खुद से न लें और बच्चों को नाक में बार-बार उंगली डालने से रोकें।
  • पहाड़ों पर नाक से खून आने पर किन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

    अगर ब्लीडिंग 20 मिनट से ज्यादा समय तक लगातार जारी रहे, बहुत अधिक मात्रा में खून बहे, सांस लेने में तकलीफ हो, या चक्कर आकर व्यक्ति बेहोश होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। 

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 06, 2026 19:47 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj