दिवाली की पूजा में खील को शामिल किया जाता है। ये कच्चे धान या कहें कि नए धान का लावा है। खील में फाइबर समेत कई प्रकार के पोषक तत्व होते हैं, जिसकी वजह से इस मौसम में इसे खाना चाहिए। दिवाली के बाद लोग बचे हुए खील को फेंक देते है या समझ नहीं पाते कि इसका क्या करें? जबकि आप इसे नाश्ते से लेकर रात के खाने तक में शामिल कर सकते हैं जो कि पेट भरने के साथ आपके एनर्जी दे सकता है और कम खाने में पेट को लंबे समय भरा रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा भी दिवाली पर मिलने वाली खील खाने के कई फायदे हैं, जानते हैं इस बारे में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से।
खील खाने के क्या फायदे हैं?
डॉ. अर्चना जैन कहती हैं कि खील खाने के कई फायदे हैं जैसे सबसे पहले तो यह फाइबर से भरपूर है। खील बहुत हल्की होती है जिसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती है। इससे शरीर को कई फायदे होते हैं जैसे -
1. क्रेविंग कंट्रोल करने में मददगार
खील खाने से क्रेविंग कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। डाइट एक्सपर्ट अर्चना जैन कहती हैं कि जैसे ही आप इसे खाएंगे, थोड़े में ही आपका पेट भर जाएगा। दिवाली पर इसलिए भी इसे खाया जाता है ताकि मन में संपन्नता रहे और मन भरा रहे। जब आप इसे खाते हैं तो क्रेविंग कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
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2. वेट कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है
डाइट एक्सपर्ट अर्चना जैन कहती हैं कि खील खाने से वेट कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। दरअसल, जब आप इसे खाते हैं तो त्योहार में ओवरईटिंग से बच सकते हैं। इससे त्योहार के सीजन में वजन कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। साथ ही इसका फाइबर पाचन तंत्र को तेज करने में मदद करता है, जिससे आंतों की गति तेज होती है और खाना पच जाता है, जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
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3. अपच और गैस की समसया नहीं होती
डाइट एक्सपर्ट अर्चना जैन कहती हैं कि खील बहुत हल्की होती है। दरअसल, जब खील बनाने के लिए धान को भूनते हैं तो इस प्रक्रिया में यह हल्की हो जाती है जिसे पचाना पेट के लिए आसान हो जाता है। त्योहार में तेल मसाला खाना जब पेट की हालत ऐसे ही खराब रहती है तो इसका सेवन पेट को आराम करने का मौका देता है। इसके अलावा भारी खाने के बाद इस हल्की चीज को खाने के अपच, गैस और कब्ज जैसी पेट की समस्याओं में राहत मिलती है।
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4. शुगर के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है
अर्चना जैन कहती हैं कि खील खाना शुगर के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है। दरअसल, इसमें स्टार्च की मात्रा कम होती है जिससे शुगर बढ़ने का खतरा नहीं होता है। साथ ही साल 2025 में Foods जर्नल में प्रकाशित यह स्टडी बताती है कि जब यह खील तैयार होता है तो पफिंग स्टार्च की आंतरिक संरचना को नष्ट कर देती है, जिससे स्टार्च के दाने नियमित रूप (regular configuration) से बदलकर एक ढीले और छिद्रपूर्ण (porous/disordered) रूप में आ जाते हैं। इससे ये हल्के हो जाते हैं जिसे पचने में समय नहीं लगता है, स्टार्च कम हो जाने की वजह से शुगर स्पाइक नहीं बढ़ता औक डायबिटीज या शुगर सेंसिटिव लोगों के लिए यह परफेक्ट स्नैक्स हो जाता है।
कैसे करें खील का सेवन?
अर्चना जैन कहती हैं कि खील को आप दूध में डालकर खा सकते हैं जिसे आप नाश्ते या रात के खाने में भी शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा आप इसे भूनकर खा सकते हैं। साथ ही कुछ लोग इसे शाम के स्नैक्स में खीरा और टमाटर डालकर भेलपुरी की तरह खा सकते हैं। कुछ लोग इसे लंबे समय तक खाने के लिए गुड़ में मिलाकर लड्डू बनाकर खाते हैं।
निष्कर्ष:
अंत में डाइट एक्सपर्ट अर्चना कहती हैं कि पफ राइस यानी खील को दिवाली के बाद बर्बाद करने से अच्छा इसे अपनी डाइट में शामिल करें। ध्यान रखें कि इसे खाने के बाद अच्छी मात्रा में पानी पिएं ताकि दोबारा से आप जल्दी-जल्दी भूख न लगे। साथ ही आप इसमें सब्जियां डालकर खाएं तो ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि इस तरह से फाइबर, प्रोटीन और मल्टीविटामिन का एक फुल पैकेज बन जाएगा। तो अगर आपने कभी खील ट्राई नहीं किया है तो इस दिवाली जरूर खाएं।
FAQ
खील कैसे बनाई जाती है?
खील को बनाने के लिए नए कटे धान को रेत या नमक में भूना जाता है जिससे यह तैयार होता है। आप नए धान के चावल को भी भूनकर घर में इसे तैयार कर सकते हैं।खील के लड्डू कैसे बनाएं?
खील के लड्डू बनाने के लिए आपको गुड़ को पिघलाना है और इसमें खील डालकर मिलाना है। फिर हाथ में घी लगाकर इसके लड्डू बांधें।
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Nov 06, 2026 18:22 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Archana Jain
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