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Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

100 kg से अध‍िक वजन है और घट नहीं रहा? आयुर्वेद कर सकता है मदद, अपनाएं ये 7 उपाय

वजन 100 क‍िलो से अध‍िक है, तो डाइट में ऐसी चीजों को शाम‍िल करना चाह‍िए जो लंबे समय तक वेट लॉस पर‍िणाम दें। आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटि‍यां हैं जो वजन घटाने में मदद करती हैं। जानें इनके बारे में।
100 kg से अध‍िक वजन है और घट नहीं रहा? आयुर्वेद कर सकता है मदद, अपनाएं ये 7 उपाय100 kg से अध‍िक वजन है और घट नहीं रहा? आयुर्वेद कर सकता है मदद, अपनाएं ये 7 उपाय

100 kg से अध‍िक वजन है और घट नहीं रहा, तो परेशान न हों। आयुर्वेद‍ में त्र‍िफला, आंवला, त्र‍िकटु जैसी कई जड़ी-बूट‍ियां हैं, जो वजन कम करने में मदद कर सकती हैं। आयुर्वेद में वजन बढ़ने और शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने की कंडीशन को स्थौल्य या मेदोरोग कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में कफ दोष (Kapha Dosha) का बढ़ना या असंतुलित होना मुख्य रूप से वजन बढ़ने और मोटापे के लिए जिम्मेदार होता है। आइए जानते हैं बढ़ते वजन को घटाने के आयुर्वेद‍िक उपाय। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

वेट लॉस के ल‍िए अपनाएं ये आयुर्वेद‍िक जड़ी-बूट‍ियां

1. त्र‍िफला पाउडर का इस्‍तेमाल करें

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त्रिफला आंवला, हरड़ और बहेड़ा का मिश्रण है। इसमें पॉलीफेनॉल और टैनिन जैसे पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। त्र‍िफला वेट लॉस के ल‍िए एक असरदार जड़ी-बूट‍ी मानी जाती है। साल 2025 में Journal Of Medicinal Natural Products में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, त्र‍िफला का सेवन करने से वजन और BMI में कमी देखी गई।

सेवन का तरीका:

  • त्र‍िफला पाउडर को गुनगुने पानी में म‍िलाकर पी सकते हैं।
  • त्र‍िफला चूर्ण का सेवन भी गुनगुने पानी के साथ कर सकते हैं।
  • सुबह उठकर त्र‍िफला के रस का सेवन भी कर सकते हैं।

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2. मोर‍िंगा रस का सेवन कर सकते हैं 

मोरिंगा यानी सहजन की पत्तियों में पॉलीफेनॉल, फ्लेवोनॉइड्स और क्लोरोजेनिक एसिड जैसे एक्‍ट‍िव यौगिक पाए जा सकते हैं। इनका संबंध एंटीऑक्सीडेंट, ग्लूकोज और फैट मेटाबॉलिज्म के साथ देखा जाता है। साल 2026 में Food Science & Nutrition में प्रकाश‍ित एक क्लिनिकल ट्रायल में पत्तियों के अर्क से BMI में सुधार के संकेत मिले। मोर‍िंगा के सेवन से HbA1c में कमी और गुड कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोतरी भी देखी गई।

सेवन का तरीका:

  • सुबह उठकर मोर‍िंगा रस का सेवन कर सकते हैं।
  • मोरेिंगा रस को गुनगुने पानी में म‍िलाकर पी सकते हैं।
  • मोर‍िंगा पाउडर का भी सेवन कर सकते हैं।

3. त्र‍िकटु काढ़ा का सेवन

त्र‍िकटु में त्र‍ि का मतलब है तीन और कटु का मतलब है स्‍वाद में कड़वा। त्र‍िकटु काली म‍िर्च, प‍िप्‍पली और सोंठ को म‍िलाकर बनता है। यह वेट लॉस के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है।

सेवन का तरीका:

  • त्र‍िकटु के पाउडर से काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।
  • त्र‍िकटु चूर्ण का सेवन गुनगुने पानी के साथ कर सकते हैं।

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4. आंवला रस का सेवन

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आंवला शरीर के पित्त, वात और कफ को संतुलित करने में मदद करता है। आंवला में व‍िटाम‍िन सी, पॉलीफेनॉल और टैनिन जैसे यौगिक पाए जाते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और आंवले के अर्क पर हुए कुछ अध्ययनों में लिपिड प्रोफाइल और शरीर में फैट को कम करने के अच्‍छे पर‍िणाम म‍िले हैं।

सेवन का तरीका:

  • आंवला के रस को सुबह उठकर पी सकते हैं।
  • आंवला के रस को गुनगुने पानी में म‍िलाकर भी सेवन कर सकते हैं।

5. वृक्षाम्ल का फल

वृक्षाम्ल को आम भाषा में कोकम भी कहा जाता है। आयुर्वेद में यह बेहद लोकप्र‍िय जड़ी-बूटी है। वृक्षाम्‍ल के फल का इस्‍तेमाल वेट लॉस के ल‍िए भी क‍िया जाता है। वृक्षाम्ल में हाइड्रॉक्सीसिट्रिक एसिड (HCA) नाम का यौगिक पाया जाता है। यह एंजाइम शरीर में कार्ब्स से फैटी एसिड बनने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। फैट बनने की प्रक्रिया प्रभावित होने से शरीर में फैट जमा होने पर असर पड़ सकता है। साल 2011 में Journal Of Obesity में प्रकाश‍ित एक मेटा-एनालिसिस में HCA सप्लीमेंट लेने वाले लोगों का वजन औसतन लगभग 0.88 किलोग्राम तक कम हुआ।

सेवन का तरीका:

  • वृक्षाम्ल के फल को पानी में उबालें।
  • छानकर उस पानी का सेवन करें।
  • वृक्षाम्ल को त्र‍िफला के साथ म‍िलाकर चूर्ण बना लें और गुनगुने पानी के साथ भी ले सकते हैं।
  • वृक्षाम्ल के फल से बनी चटनी का भी सेवन क‍िया जाता है।

6. वजन घटाने के ल‍िए रोटी की मात्रा चेक करें

अक्‍सर लोग वेट लॉस के ल‍िए डाइट और एक्‍सरसाइज शुरू कर देते हैं, लेक‍िन डाइट में रोटी की मात्रा को नहीं घटाते, जबक‍ि गेहूं के आटे की रोटी ब्‍लड शुगर लेवल और वजन दोनों के ल‍िए कम फायदेमंद है। एक मील में 1 से 2 रोटी से अध‍िक नहीं खाना चाह‍िए। साथ ही, द‍िनभर की टोटल कैलोरी के 700 से 800 कैलोरी से अध‍िक में रोटी या गेहूं जैसा अनाज नहीं होना चाह‍िए। इसके अलावा, सूर्यास्‍त के बाद कुछ भी खाने से बचें। वेट लॉस के ल‍िए यह न‍ियम फॉलो करना अन‍िवार्य है, वरना वेट लॉस का असर लंबे समय तक नजर नहीं आएगा।

7. हाई प्रोटीन डाइट लें

  • आयुर्वेद‍िक एक्‍सपर्ट डॉ. श्रेय शर्मा ने बताया क‍ि वजन कम करने के ल‍िए हाई प्रोटीन डाइट को प्राथमि‍कता दें।
  • डाइट में पनीर, मखाना, भुने चने, दालें, सोया चंक्‍स वगैरह को शाम‍िल करें।
  • कोश‍िश करें क‍ि सुबह के वक्‍त की प्रोटीन र‍िच फूड्स का सेवन करें। ऐसा करने से पेट देर तक भरा रहता है और दोपहर में ओवरईट‍िंग की संभावना नहीं होती है और इससे ब्‍लड शुगर कंट्रोल करने में भी मदद म‍िलती है।

न‍िष्‍कर्ष:

अगर आपका वजन भी 100 क‍िलो से अध‍िक है और घट नहीं रहा है, तो आयुर्वेद की कुछ जड़ी-बूट‍ियों का इस्‍तेमाल क‍िया जा सकता है जैसे त्र‍िफला पाउडर, मोर‍िंगा रस, त्र‍िकटु काढ़ा, आंवला रस, वृक्षाम्ल का फल वगैरह। इसके अलावा ध्‍यान रखें क‍ि हाई प्रोटीन डाइट लें। पनीर, दाल, चना वगैरह का सेवन करें और सुबह की शुरुआत प्रोटीन स्रोत के साथ करें ताक‍ि द‍िनभर ऊर्जा रहे, पेट लंबे समय तक भरा रहे और ब्‍लड शुगर लेवल भी कंट्रोल रहे। वेट लॉस करने के ल‍िए एक मील में 1 से 2 रोटी से अध‍िक न खाएं और द‍िनभर की टोटल कैलोरी में 700 से 800 से अध‍िक में गेहूं जैसा अनाज या रोटी नहीं होनी चाह‍िए। साथ ही सूर्यास्‍त के बाद कुछ भी खाने से बचें। इन सभी आयुर्वेद‍िक ट‍िप्‍स को अपनाकर वजन घटाने में मदद म‍िल सकती है।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या ड्राई फ्रूट्स खाने से वजन बढ़ता है?

    बादाम, अखरोट और अन्य मेवे प्रोटीन, फाइबर और हेल्‍दी फैट्स से भरपूर होते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी भी होती है, अध‍िक मात्रा में लेने से टोटल कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है ज‍िससे वजन बढ़ता है।
  • वेट लॉस के ल‍िए कौन सी रोटी खा सकते हैं?

    वजन कम करने के ल‍िए ज्वार, बाजरा, रागी, जौ, ओट्स और मल्टीग्रेन आटे की रोटी का सेवन कर सकते हैं।

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    Oct 29, 2026 15:40 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma