हार्मोनल हेल्थ के लिए काली किशमिश और केसर से बने पानी का सेवन फायदेमंद माना जाता है। काली किशमिश को आयुर्वेद में द्राक्षा के गुणों से जोड़कर देखा जाता है। इसे मधुर रस वाला और बल्य गुणों से युक्त माना जाता है। वहीं, केसर को आयुर्वेद में कुमकुम कहा जाता है और इसका इस्तेमाल विभिन्न आहार और औषधीय इलाज में किया जाता है। हार्मोन्स के संतुलन के लिए दोनों को पानी में भिगोकर सेवन करना एक आसान तरीका है। आइए जानते हैं हार्मोनल हेल्थ के लिए काली किशमिश और केसर का पानी क्यों फायदेमंद है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
हार्मोनल हेल्थ के लिए क्यों फायदेमंद है काली किशमिश और केसर का पानी?
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- काली किशमिश और केसर में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक होते हैं, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।
- केसर के कुछ अर्क पर हुए अध्ययन में मूड से जुड़े लक्षणों में सुधार देखा गया है। मेनोपॉज के आस-पास की महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन में केसर के अर्क से चिंता और उदासी जैसे लक्षणों में सुधार देखा गया है।
- हैवी ब्लीडिंग के दौरान शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने पर काली किशमिश और केसर के पानी का सेवन फायदेमंद माना जाता है। किशमिश में आयरन होता है जो हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में मदद करता है।
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण क्या कहता है?
आयुर्वेद में काली किशमिश को मुख्य रूप से मधुर रस और शीत वीर्य वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है। मधुर रस को शरीर का पोषण करने वाला, बल बढ़ाने वाला और वात दोष को शांत करने में सहायक माना जाता है। हार्मोनल संतुलन के लिए वात दोष का संतुलन जरूरी है। इसके अलावा, शीत वीर्य का मतलब है शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला खाद्य पदार्थ। शीत वीर्य गुणों वाली चीजों का सेवन करने से हार्मोनल असंतुलन ठीक हो सकता है। आयुर्वेद में काली किशमिश और केसर को बल्य गुणों वाला आहार कहा जाता है यानी ऐसा आहार जिसका सेवन करने से शरीर की ताकत बढ़ती है और शरीर को पोषण मिलता है। इन सभी गुणों के चलते हार्मोनल संतुलिन के लिए काली किशमिश और केसर के पानी का सेवन फायदेमंद है।
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साइंटिफिक स्टडी क्या कहती है?
साल 2022 में NeuroQuantology में प्रकाशित एक पशु आधारित अध्ययन के मुताबिक, काली किशमिश में मौजूद पॉलीफेनॉल जैसे यौगिक शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। इससे हार्मोनल संतुलन में मदद मिलती है।
साल 2015 में European Journal Of Integrative Medicine में प्रकाशित एक क्लिनिकल ट्रायल में पाया गया कि केसर के अर्क का सेवन करने से महिलाओं में पीरियड्स से पहले होने वाले लक्षणों की गंभीरता कम हो सकती है। यह शोध मासिक धर्म से जुड़ी महिलाओं की सेहत के लिए केसर की अहम भूमिका को दिखाता है।
काली किशमिश और केसर के पानी का सेवन कैसे करें?
- 5 से 7 काली किशमिश को रातभर पानी में भिगोकर रखें।
- केसर के 2 से 3 रेशों को थोड़े गुनगुने पानी या दूध में डालें।
- इसे सुबह गुनगुने पानी में डालकर ले सकते हैं।
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काली किशमिश और केसर में मौजूद गुण
1. एंटीऑक्सीडेंट गुण
काली किशमिश और केसर, दोनों में ऐसे यौगिक होते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।
2. आयरन की पूर्ति होती है
काली किशमिश में थोड़ी मात्रा में आयरन होता है, जो शरीर में आयरन की दैनिक जरूरत पूरी करने में मदद कर सकता है।
3. लाभकारी प्राकृतिक यौगिक होते हैं
केसर में क्रोसिन (Crocin) और अन्य एक्टिव यौगिक पाए जाते हैं।
4. फाइबर और प्राकृतिक मिठास
काली किशमिश में फाइबर और प्राकृतिक मिठास होती है। इसे संतुलित आहार में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
निष्कर्ष:
काली किशमिश और केसर से बने पानी का सेवन करने से वात दोष शांत होता है। इन दोनों में मधुर रस और शीत वीर्य जैसे गुण पाए जाते हैं। यानी इनसे शरीर को ठंडक मिलती है और हार्मोनल असंतुलन दूर करने में मदद मिल सकती है। 5 से 7 काली किशमिश को रातभर पानी में भिगोकर रखें। केसर के 2-3 रेशों को थोड़े गुनगुने पानी या दूध में डालें। इसे सुबह गुनगुने पानी में डालकर ले सकते हैं। काली किशमिश और केसर में एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। ये शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। काली किशमिश में थोड़ी मात्रा में आयरन होता है जो शरीर की दैनिक जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। केसर में क्रोसिन और अन्य एक्टिव यौगिक मौजूद होते हैं। काली किशमिश में फाइबर और प्राकृतिक मिठास होती है। इसे आसानी से डाइट में शामिल कर सकते हैं।
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FAQ
केसर का पानी बनाने का तरीका क्या है?
एक कप गुनगुने पानी में केसर के कुछ रेशे डालकर कुछ समय के लिए छोड़ दें। इसके बाद पानी पी सकते हैं। इसमें चीनी डालना जरूरी नहीं है।काली किशमिश क्या होती है?
काली किशमिश अंगूर को सुखाकर बनाई जाती है। इसमें प्राकृतिक शर्करा, फाइबर, पोटैशियम और कुछ एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं।
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Oct 28, 2026 20:06 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
