Sun Nov 8, 2026 | 02:23 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

खाने की ये 5 गलतियां बढ़ा सकती हैं ब्लड शुगर लेवल, आज ही करें बदलाव

हमारी रोजाना की खाने-पीने से जुड़ी कुछ गलतियां अक्सर ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का कारण बनती हैं, जिसमें नाश्ता छोड़ना और मीठे ड्रिंक्स पीना शामिल हैं। इसलिए, चीनी कम करने के अलावा संतुलित आहार और जीवनशैली में बदलाव भी फायदेमंद हो सकता है। 
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डायबिटीज और बढ़ते ब्लड शुगर लेवल की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। बदलती लाइफस्टाइल, शारीरिक गतिविधियों की कमी और खान-पान की गलत आदतें ब्लड शुगर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। कई लोग मानते हैं कि सिर्फ मीठा खाने से ही ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है, जबकि सच्चाई यह है कि हमारे रोजाना के भोजन का समय, मात्रा और क्वालिटी भी ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकते हैं।

Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए सिर्फ चीनी कम करना काफी नहीं है, बल्कि पूरी डाइट पर ध्यान देना जरूरी है। इसलिए, आइए विस्तार से जानते हैं कि ऐसी कौन-सी गलतियां हैं, जो ब्लड शुगर कंट्रोल करना मुश्किल बना सकती हैं।

खाने से जुड़ी गलतियां, जो बढ़ा सकती हैं ब्लड शुगर लेवल

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए खान-पान से जुड़ी कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए, जिनमें शामिल हैं-

1. नाश्ता छोड़ना या लंबे समय तक भूखे रहना

कई लोग सुबह अपना ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं, जिस कारण रात के डिनर के बाद सीधे दोपहर में खाना खाते हैं। हालांकि, कभी-कभी नाश्ता न करने से हर व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल बढ़े यह जरूरी नहीं होता है। लेकिन अनियमित खान-पान से भूख और भोजन की मात्रा प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक भूखे रहने के बाद कुछ लोग दोपहर में जरूरत से ज्यादा खाना खाते हैं या मीठे स्नैक्स और जंक फूड का विकल्प चुन लेते हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल में तेजी से उतार-चढ़ाव हो सकता है।

साल 2019 में The Journal of Nutrition में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, हफ्ते में कई बार नाश्ता छोड़ने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है। हफ्ते में 4 से 5 दिन नाश्ता छोड़ने पर यह जोखिम 55% तक बढ़ जाता है और इसके बाद स्थिर हो जाता है।

Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि सुबह के समय संतुलित नाश्ता करें। इसमें ओट्स, दलिया, अंडे, दही, पनीर या बेसन का चीला जैसे विकल्प शामिल कर सकते हैं। अगर आपको डायबिटीज है और आप इंसुलिन या ऐसी दवाएं लेते हैं, जिनसे शुगर लेवल कम हो सकता है तो ब्रेकफास्ट छोड़ने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें।

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2. मीठे और फ्लेवर्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन

गर्मी में कोल्ड ड्रिंक, पैकेट वाले जूस, मीठी आइस्ड टी, एनर्जी ड्रिंक्स और फ्लेवर्ड कॉफी पीना कई लोगों की आदत होती है। इन ड्रिंक्स में अक्सर काफी मात्रा में ज्यादा चीनी होती है। लिक्विड के रूप में ली जाने वाली चीनी शरीर में तेजी से अवशोषित हो सकती है, जिससे भोजन के बाद ब्लड ग्लूकोज में तेजी से बढ़ सकता है। रोजाना शुगरी ड्रिंक्स पीने से अतिरिक्त कैलोरी भी मिलती है, जो वजन बढ़ने और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम से जुड़ा हो सकता है।

Dr. Akshay Chugh सलाह देते हैं कि प्यास बुझाने के लिए सादा पानी सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। बिना चीनी वाला नींबू पानी या अन्य बिना चीनी वाले ड्रिंक्स जैसे छाछ भी पी सकते हैं। फलों का जूस पीने के बजाय साबुत फल खाना बेहतर होता है, क्योंकि उसमें फाइबर भी मिलता है।

3. मैदा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन

सफेद ब्रेड, मैदा से बने बिस्कुट, नूडल्स, पिज्जा, बर्गर और कई बेकरी प्रोडक्ट्स में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा हो सकती है। इन फूड्स में साबुत अनाज की तुलना में फाइबर कम होता है। इसलिए, कुछ रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाले फूड्स खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकते हैं। अगर रोजाना के भोजन में मैदा और रिफाइंड अनाज की मात्रा ज्यादा है और फाइबर की कमी है , तो ब्लड शुगर को कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है।

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि मैदा से तैयार फूड्स खाने की जगह साबुत अनाज जैसे गेहूं, जौ, ओट्स, दलिया और सीमित मात्रा में मिलेट्स को अपनी डाइट में शामिल करें। रोटी, चावल और अन्य कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी अपनी जरूरत और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ले सकते हैं।

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4. भोजन में प्रोटीन और फाइबर शामिल न करना

कई लोग अपने भोजन में सिर्फ रोटी, चावल या आलू जैसे कार्बोहाइड्रेट वाले फूड्स शामिल करते हैं और प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर को भी नजरअंदाज कर देते हैं। यह संतुलित आहार का सही तरीका नहीं होता है। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों के निर्माण और उन्हें रिपेयर करने में मदद करता है। वहीं, फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने, पेट भरा रखने और भोजन के बाद ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है।

आप अपनी थाली में दाल, चना, राजमा, पनीर, अंडा, दही या अन्य प्रोटीन से भरपूर फूड्स शामिल कर सकते हैं। साथ में हरी सब्जियां, सलाद और फाइबर से भरपूर फूड्स का सेवन करें।

5. प्रोसेस्ड और फास्ट फूड का नियमित सेवन

बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, पैकेट वाले स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स और प्रोसेस्ड फूड का सेवन लोगों में काफी ज्यादा बढ़ गया है। इनमें कई बार रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, नमक, ज्यादा चीनी और अनहेल्दी फैट ज्यादा मात्रा में होते हैं। इन फूड्स को खाने से वजन बढ़ने, मेटाबॉलिक स्वास्थ्य बिगड़ने और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में परेशानी हो सकती है।

आप अपने खाने में फास्ट फूड कम से कम शामिल करें। घर का ताजा और पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। भूख लगने पर पैकेट वाले स्नैक्सकी जगह भुने चने, थोड़ी नट्स, फल या बिना चीनी वाला दही जैसे विकल्प अपना सकते हैं।

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ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए किन आदतों को अपनाएं?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, खान-पान से जुड़ी गलतियों में सुधार करने के साथ आप कुछ हेल्दी आदतें अपना सकते हैं,जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है-

  • रोजाना तय समय पर ही भोजन करें।
  • मीठे ड्रिंक्स और ज्यादा चीनी का सेवन सीमित मात्रा में करें।
  • रोजाना पर्याप्त मात्रा में फाइबर और प्रोटीन से भरपूर फूड्स खाएं।
  • अपनी क्षमता के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधियां करें।
  • रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें और तनाव को मैनेज करने की कोशिश करें।
  • अगर डायबिटीज है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड शुगर लेवल की नियमित जांच करें।

निष्कर्ष
ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने के लिए सिर्फ मीठा खाना बंद करना काफी नहीं है। ब्रेकफास्ट छोड़ना, मीठे ड्रिंक्स पीना, मैदा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर फूड्स का ज्यादा सेवन, प्रोटीन और फाइबर की कमी और फास्ट फूड का ज्यादा सेवन भी ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, खान-पान में हेल्दी बदलाव करना चाहिए। इसके बाद भी अगर आपको बार-बार पेशाब आना, बिना कारण वजन कम होना या ज्यादा थकान महसूस होना जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं तो ब्लड शुगर की जांच के लिए डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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FAQ

  • खाना खाने के 2 घंटे बाद शुगर कितनी होनी चाहिए?

    खाना खाने के 2 घंटे बाद ब्लड शुगर का लेवल आमतौर पर 140 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) से कम होना चाहिए, इससे ज्यादा ब्लड शुगर लेवल हाई माना जाता है।
  • शुगर बढ़ने के 5 लक्षण क्या हैं?

    ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के कारण बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना, बिना कारण थकान महसूस होना, धुंधला दिखाई देना और घावों का धीरे-धीरे भरना जैसे लक्षण शामिल हैं।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Nov 08, 2026 12:26 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh