जैसे-जैसे ठंड का मौसम नजदीक आता रहेगा, वैसे-वैसे त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां भी होने लगेंगी। खासकर, होंठों की ड्राईनेस बढ़ जाएगी। कई लोगों को होंठों के आसपास रेडनेस और दाने होने की समस्या हो जाती है। सवाल है, ऐसा क्यों होता है? कई बार आपने देखा होगा कि होंठों के आसपास स्किन क्रीम लगाने से भी यह समस्या हो जाती है।
सवाल है, क्या वाकई स्किन क्रीम से होंठों के आसपास दाने और रेडनेस नजर आ सकती है? इस बारे में राजौरी गार्डन स्थित Advanced Skin Clinic की Founder, Aesthetic Physician, Cosmetologist And Skin Specialistडॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, ‘होंठों के आसपास दाने या रेडनेस होना कई तरह की स्किन प्राॅब्लम का संकेत हो सकती है। इसमें स्किन इंफेक्शन, एलर्जिक रिएक्शन और पेरिओरल डर्मेटाइटिस जैसी स्किन कंडीशंस भी शामिल हैं। इसलिए, जब तक कि होंठों के आसपास रेडनेस और दानों की मूल वजह का पता न चले, तब तक प्रभावित हिस्से में किसी तरह की क्रीम लगाना सही नहीं है।
पेरिओरल डर्मेटाइटिस क्या है और यह क्यों होता है?
Causes Of Redness And Bumps Around Lips
Cleveland Clinic के अनुसार, पेरिओरल डर्मेटाइटिस मुंह के चारों तरफ होने वाला एक लाल रंग का चकत्ता है। पेरिओरल डर्मेटाइटिस होने पर त्वचा पपड़ीदार, रूखी और छिलने जैसी हो सकती है, साथ ही उस पर लाल-लाल दाने भी निकल आते हैं। यह समस्या, स्किन कंडीशन डर्मेटाइटिस के कई प्रकारों में से एक है। सामान्यतः पेरिओरल डर्मेटाइटिस सामान्य एक्ने की तरह दिखता है। अगर समय पर इसका पता न चले, तो समस्या बढ़ सकती है।
आमतौर पर पेरिओरल डर्मेटाइटिस उन लोगों को होने का रिस्क अधिक होता है, जिनकी उम्र 25 से 45 के बीच होती है और टाॅपिक स्टेराॅयड और फेस क्रीम का इस्तेमाल करते हैं। यह समस्या बच्चों, पुरुषों सहित महिलाओं को भी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पेरिओरल डर्मेटाइटिस होने पर खुजली या जलन होती है, जो कि कभी-कभी फैलकर नाक और आंखों तक पहुंच जाती है।
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क्या आपकी स्किन क्रीम होंठों के आसपास दानों की वजह है?
जैसा कि हमने कुछ देर पहले ही यह स्पष्ट किया है कि होंठों के आसपास स्टेराॅयड के ओवर यूज के कारण हो सकते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में ऐसा फेस क्रीम लगाने से भी हो सकता है। यह सिर्फ होंठों के आसपास के क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहता है। यह समस्या कई बार नाक और आंखों के आसपास तक फैल जाती है। कुछ दुर्लभ मामलों में जेनिटल एरिया में भी यह समस्या देखी जा सकती है।
स्टेरॉयड युक्त क्रीम का त्वचा पर हानिकारक प्रभाव
स्टेरॉयड क्रीम को हमेशा सीमित समय के लिए ही लगाया जाना चाहिए। अगर कोई इसका इस्तेमाल लंबे समय तक करता है, तो इसके कुछ नुकसान झेलने पड़ सकते हैं, जैसे-
- स्टेराॅयड क्रीम लगाने से त्वचा नाजुक, झुर्रीदार या ट्रांसपैरेंट जैसी हो जाती है। ऐसे में प्रभावित हिस्से पर आसानी से खरोंच, चोट या कट लग सकते हैं।
- National Centre For Biotechnology Information (NCBI / NLM) के StatPearls डेटाबेस में प्रकाशित क्लिनिकल मेडिकल गाइड और मोनोग्राफ के अनुसार, लंबे समय तक या बिना डॉक्टर की निगरानी के तेज़ स्टेरॉयड क्रीम लगाने से त्वचा पतली हो सकती है। इसके अलावा, स्ट्रेच मार्क्स, पेरिओरल डर्मेटाइटिस, रोसैसिया, पिंपल्स और फंगल/बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है।
- चेहरे पर स्टेराॅयड क्रीम इस्तेमाल करने से रोजेशिया होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
- स्टेराॅयड क्रीम का अधिक इस्तेमाल करने से चेहरे पर कील-मुंहासे हो सकते हैं। यहां तक कि भरे दाने फुंसियों जैसे दाने निकल सकते हैं।
- स्टेराॅयड क्रीम लगाने के कारण त्वचा का वास्तविक रंग बदल सकता है। जिस स्थान पर बार-बार स्टेराॅयड लगाया जाता है, वहां हाइपोपिगमेंटेशन हो सकता है।
- लंबे समय तक स्टेराॅयड लगाने के कारण त्वचा पतली और कमजोर हो जाती है, जिससे त्वचा की ब्लड वेसल्स तक नजर आने लगती हैं।
- इतना ही नहीं, स्टेराॅयड लगाने से त्वचा की प्रतिरोधक क्षमता धीमी हो जाती है। ऐसे में फंगल, बैक्टीरियल या वायरल स्किन इंफेक्शन का जोखिम भी बढ़ जाता है।
होंठों के आसपास रेडनेस के अन्य संभावित कारण
सिर्फ पेरिओरल डर्मेटाइटिस के कारण होंठों के आसपास रेडनेस और लाल-लाल दाने नजर नहीं आते हैं। इसके पीछे कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हैं, जैसे-
- एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिसः अगर आप कोई विशेष किस्म की क्रीम चेहरे पर लगातार लगाते हैं, तो उसके कारण भी यह समस्या हो सकती है। असल में, चेहरे की क्रीम में मौजूद कुछ खास तत्व, जैसे खुशबू, प्रिजर्वेटिव्स या केमिकल बेस्ड सनस्क्रीन के कारण स्किन में सूजन आ जाती है। ऐसे में स्किन में रेडनेस, खुजली और छोटे-छोटे छाले होने का जोखिम बढ़ जाता है।
- इरिटेंट कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिसः जब आप हार्ड या एसिड युक्त केमिकल एक्सफोलिएंट्स का उपयोग त्वचा पर करते हैं, तो रिएक्शन के तौर पर मुंह के आसपास की नाजुक स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचता है।
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डॉक्टर को कब दिखाएं?
होंठों के आसपास रेडनेस और दाने होने पर इसे इग्नोर न करें। अपने लक्षणों को पहचानें। सवाल है, ऐसे में डाॅक्टर के पास कब जाना चाहिए? यहां बताई गई बातों पर गौर करें-
- अगर होंठों के आसपास की रेडनेस और दाने दो सप्ताह के अंदर ठीक न हों, तो तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं।
- अगर प्रभावित हिस्से में दर्द, दाने होने के साथ-साथ ब्लीडिंग भी हो रही है, तो इसे इग्नोर न करें।
- अगर आपके रैशेज दिनों दिन फैलते जा रहे हैं, जो कि नाक तक पहुंच गया है, तो इस संकेत को नजरअंदाज न करें।
- अगर आप नोटिस करें कि होंठों के आसपास मौजूद रैशेज का रंग और आकार बदल रहा है, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।
- नियमित रूप से दवा लगाने के बावजूद इसके सामान्य और हल्के नजर आने वाले लक्षणों में भी सुधार नहीं हो रहा है।
निष्कर्ष
अक्सर लोग होंठों के आसपास हो रही रेडनेस या दानों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। कभी-कभी यह समस्या सामान्य नहीं होती है, बल्कि किसी अन्य बीमारी का संकेत होती है। इसलिए, जब भी आप नोटिस करें कि होंठों आसपास दाने बढ़ गए हैं या रेडनेस भी फैलती जा रही है, तो इग्नोर न करें। जल्द से जल्द प्रोफेशनल से मिलें और अपनी समस्या बताएं। विशेषकर, जो लोग लंबे समय से स्टेराॅयड का उपयोग कर रहे हैं, वे विशेष सावधानी बरतें।
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FAQ
क्या पेरिओरल डर्मेटाइटिस के दानों पर पेट्रोलियम जेली लगाना सेफ होता है?
नहीं, ऐसा किया जाना सही नहीं है। दरअसल, पेट्रोलियम जेली स्किन पोर्स को बंद कर देती है, जिससे बैक्टीरिया पनपते हैं और यह समस्या और बिगड़ जाती है।क्या पेरिओरल डर्मेटाइटिस होने पर फेसवॉश या क्लींजर का उपयोग करना चाहिए?
दाने ठीक होने तक साबुन, स्क्रब या फोमिंग फेसवॉश पूरी तरह बंद कर देना चाहिए और चेहरे को सिर्फ गुनगुने पानी या डॉक्टर द्वारा सुझाए गए सोप-फ्री क्लींजर से ही साफ करना चाहिए।
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Oct 26, 2026 09:18 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Karuna Malhotra
