आज के समय में कैंसर एक गंभीर बीमारी के रूप में अपना पैर दुनियाभर में अलग-अलग रूपों में फैला रहा है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के सामने कैंसर को लेकर एक डरावना आंकड़ा सामने रखा है। WHO की ओर से 2026 की 'ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन कैंसर' की एक रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें साल 2050 तक कैंसर के मरीज दोगुने होने की बात कही गई है। इन आंकड़ों को देखने के बाद दुनियाभर के देशों और स्वास्थ्य विभाग में लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
2025 तक दुनियाभर में दोगुने हो जाएंगे कैंसर के मामले- WHO
WHO की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि "IARC का अनुमान है (जो आबादी बढ़ने और उम्र बढ़ने के अनुमानित बदलावों पर बेस्ड है और यह मानकर कि कैंसर की कुल दरें वैसी ही रहेंगी) कि 2050 तक कैंसर के मामलों में दुनिया भर में 66.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इसका सबसे ज्यादा असर कम आय वाले देशों और कम-मध्यम आय वाले देशों पर पड़ेगा। WHO के सभी क्षेत्रों में कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी का अनुमान है, जिसमें अफ्रीकी और पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में सबसे ज्यादा कैंसर के मामले बढ़ने का अनुमान है।
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12 देशों में कैंसर से मौत के मामलों में कमी, 48 में बढ़े केस
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2000 से 2019 के बीच दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत देशों में कैंसर से होने वाली समय से पहले मौतों में कमी देखी गई है। हालांकि, 2030 तक इन मौतों को एक-तिहाई कम करने के लक्ष्य को पूरा करने में सिर्फ 12 देश ही सही रास्ते पर हैं। वहीं दूसरी ओर, 48 देशों में कैंसर के कारण मौतें होने के स्थान पर बढ़ रही हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ कैंसरों जैसे फेफड़े, लिवर और गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर को रोकने में सफलता मिल रही है क्योंकि लोग तंबाकू का सेवन कम कर रहे हैं, नमक कम खा रहे हैं और वैक्सीनेशन करवा रहे हैं। इतना ही नहीं, साल 2050 तक कैंसर से होने वाली मौतों में और कमी आने की उम्मीद है, लेकिन यह सभी देशों के लिए एक जैसा नहीं होगा।
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40% कैंसर की रोकथाम संभव
WHO की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कैंसर के लगभग 40 प्रतिशत नए मामलों को रोका जा सकता है। कैंसर के मामलों में कमी लाइफस्टाइल और खानपान से जुड़े बदलाव की मदद से की जा सकती है। इसके साथ ही अगर कैंसर से जुड़ी सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों को मजबूत किया जाए तो कैंसर होने की दर और उससे होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए, तंबाकू, शराब और मोटापा इनमें से हर एक चीज कैंसर के जोखिम को बढ़ाती है। इन आदतों को बदलकर भी आप कैंसर होने के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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शुरुआती स्टेज में कैंसर पकड़ना बड़ी चुनौती
WHO की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि "दुनिया भर के कई देशों में कैंसर को शुरुआती स्टेज में ही पहचानने का सिस्टम अभी भी काफी कमजोर है। महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच और गाइडलाइंस की सुविधा सिर्फ 63% देशों के प्राइमरी केयर में है। जबकि पेट या आंत के कोलन कैंसर के लिए यह आंकड़ा सिर्फ 44% रह जाता है और बात करें बच्चों में होने वाले कैंसर की शुरुआती पहचान की तो दुनिया भर में सिर्फ 27% देशों में ही यह व्यवस्था है।" इससे साफ पता चलता है कि आज भी ज्यादातर देशों के पास महिला, बच्चों और पेट के कैंसर जैसी गंभीर कैंसर की बीमारियों को शुरुआत में पकड़ने की सुविधाएं मौजूद नहीं हैं।
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Jul 18, 2026 16:26 IST
Published By : Katyayani Tiwari