Wed Oct 21, 2026 | 09:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chanchal Sharma , BAMS-Ayurveda

हल्दी वाला दूध प्रेग्नेंसी में पी सकते हैं? आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानें

प्रेग्नेंसी में हल्दी वाला दूध सीमित मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से पीना सेफ हो सकता है। यह कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, लेकिन ट्राइमेस्टर के अनुसार सावधानी बरतना जरूरी है।
हल्दी वाला दूध प्रेग्नेंसी में पी सकते हैं? आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानेंहल्दी वाला दूध प्रेग्नेंसी में पी सकते हैं? आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानें

प्रेग्नेंसी के दौरान अक्सर महिलाओं को हेल्दी और पोषक तत्वों से युक्त फूड्स को खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन कई फूड्स को लेकर महिलाएं सोचती हैं कि क्या प्रेग्नेंसी के दौरान इसका सेवन करना सही है या नहीं? जैसे हल्दी वाला दूध। वैसे तो हल्दी वाले दूध का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन क्या यह प्रेग्नेंसी के दौरान पीना सही है? आइए इस बारे में आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से जानें।

प्रेग्नेंसी में हल्दी वाला दूध पी सकते हैं?

डॉ. चंचल शर्मा का कहना है, हां, प्रेग्नेंसी में हल्दी वाला दूध पी सकते हैं, लेकिन इसे सीमित मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए। हल्दी आपकी सेहत के लिए जितनी फायदेमंद है उतनी ही नुकसानदायक भी हो सकती है, अगर इसका इस्तेमाल ज्यादा मात्रा मे किया जाए तो।

प्रेग्नेंसी में सीमित मात्रा में हल्दी वाला दूध पीने से स्वास्थ्य दुरुस्त रहेगा। प्रेग्नेंसी में हल्दी वाले दूध से बचने के बजाय जरूरी बातों का ध्यान रखें कि इसका सेवन सीमित मात्रा में करें और सही तरीके से इसका सेवन करें।

डॉ. चंचल शर्मा आगे कहती हैं, हल्दी वाला दूध पीने से स्वास्थ्य को कई फायदे होते हैं, यह भारतीय पारंपरिक औषधियों में एक अहम स्थान रखता है। कई लोग हल्दी की तासीर गर्म होने के कारण इसको अवॉइड करते हैं, पर संतुलित मात्रा में लिया जाए तो वो नुकसान नहीं करेगा, बल्कि आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होगा।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2024 में Case Reports Hepatology में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान थोड़ी मात्रा में हल्दी खाना सेफ होता है, लेकिन अगर इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाया जाए, तो यह लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है, हालांकि ऐसा बहुत कम मामलों में होता है।

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हल्दी दूध के फायदे

आयुर्वेद के अनुसार, हल्दी एक बेहतरीन औषधि है, जो बीमारियों से बचाने के साथ-साथ त्वचा में नेचुरल निखार लाती है। हल्दी में अच्छी मात्रा में करक्यूमिन होता है, जो एक नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-सेप्टिक के गुण होते हैं।

  • इम्यूनिटी बूस्ट करे
  • जोड़ों के दर्द को कम करे
  • नींद की गुणवत्ता में सुधार करे
  • घाव जल्दी हील करने में सहायक
  • गैस, अपच और कब्ज जैसी पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत दें
  • शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालें
  • त्वचा में निखार लाए

हल्दी दूध पीते समय किन बातों का ध्यान रखें

डॉ. चंचल के अनुसार, हल्दी दूध का फायदा तभी है, जब आप इसे सही मात्रा में इस्तेमाल करते हैं। एक दिन में 1 गिलास हल्दी वाला दूध पीना आपके शरीर में एनर्जी को बनाए रखेगा और कई लाभ मिलेंगे।

इस दौरान गुनगुने दूध में ¼ या ½ छोटी चम्मच हल्दी मिलाकर रात को सोने से पहले पिएं, लेकिन ध्यान रहे, हल्दी की मात्रा कम रखें। यही कॉम्बिनेशन सेफ भी है और फायदेमंद भी, कोई भी चीज ज्यादा मात्रा में ली जाए तो नुकसान ही करती है। आयुर्वेद के अनुसार हर चीज का सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए।

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प्रेग्नेंसी में हल्दी वाला दूध का सेवन कब करें?

डॉ. चंचल का कहना है, प्रेग्नेंसी में हल्दी वाला दूध सही तरीके से पिया जा सकता है।

  • पहला ट्राइमेस्टर (महीने 1–3): इस दौरान ज्यादा सावधानी बरतें। कुछ डॉक्टर इस दौरान हल्दी का बहुत कम मात्रा में ही सेवन करने की सलाह देते हैं, जैसे कि खाने में इस्तेमाल होने वाली मात्रा, क्योंकि यह समय भ्रूण के अंगों के विकास का होता है। इस दौरान इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • दूसरी ट्राइमेस्टर (महीने 4–6): यह भ्रूण के विकास का एक अहम चरण है और इस दौरान एक गिलास दूध में आधा छोटा चम्मच हल्दी मिलाकर लेना आमतौर पर सेफ माना जाता है।
  • तीसरी ट्राइमेस्टर (महीने 7–9): इस समय सावधानी बरतें (खासकर 37वें हफ्ते के बाद)। हल्दी में खून को पतला करने के गुण होते हैं, जिससे डिलीवरी के समय ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। 37वें हफ्ते के बाद हल्दी का सेवन न करें या इसकी मात्रा बहुत कम कर दें।

कब न लें हल्दी?

डॉ. चंचल का कहना है, अगर आप खून पतला करने वाली दवाएं ले रही हैं, आपको पित्त की पथरी है या आप आयरन सप्लीमेंट ले रही हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह लिए बिना रोजाना हल्दी का सेवन न करें।

निष्कर्ष

प्रेग्नेंसी के दौरान सीमित मात्रा में हल्दी वाला दूध पीना सेफ और फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे सही तरीके और डॉक्टर की सलाह से ही लिया जाना चाहिए। हल्दी की तासीर गर्म होती है और इसमें खून को पतला करने के गुण होते हैं, इसलिए इसके ट्राइमेस्टर के हिसाब से इसका सेवन करना चाहिए, खासकर पहले और तीसरे ट्राइमेस्टर में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। अगर आप खून पतला करने की दवाएं या आयरन सप्लीमेंट ले रही हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन न करें।

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FAQ

  • प्रेग्नेंसी में क्या खाना चाहिए?

    प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को डाइट में फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्वों से युक्त अनार, खजूर, संतरे, दही, दूध, पनीर, दलिया और साबुत अनाज को शामिल करें।
  • प्रेग्नेंसी में क्या नहीं खाना चाहिए?

    प्रेग्नेंसी में कच्चे पपीते, अनानास, मछली, कच्चा या आधा पका मांस, अंडे, उबले अंडे, अंकुरित चीजें, बिना धुले फल या सब्जियां न खाएं, प्रोसेस्ड और जंक फूड्स को खाने से बचना चाहिए।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 21, 2026 18:09 IST

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