Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या प्रेगनेंसी में रोजाना चुकंदर का जूस पीना सेफ होता है? जानें एक्सपर्ट से

Is Beetroot Juice Good For Pregnant Women: प्रेग्नेंसी में रोजाना चुकंदर का जूस नहीं पीना चाहिए। ऐसा क्यों कहा जा रहा है और सीमित मात्रा में इसे पीने से किस तरह के लाभ मिलते हैं। जानें, सभी बातें इस लेख में।

Is It Safe To Drink Beetroot Juice Daily During Pregnancy: प्रेग्नेंसी के दौरान आप क्या खा-पी रही हैं, इस पर पूरी नजर रखनी होती है। आप ऐसी कोई चीज नहीं खा सकती हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। इससे न सिर्फ सेहत को नुकसान होता है, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बहरहाल, कई महिलाएं गर्भावस्था में चुकंदर का जूस पीना पसंद करती हैं। वैसे तो चुकंदर का जूस स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद में तो चुकंदर को क्लींजिंग फूड के रूप में जाना जाता है। यह शरीर के दोषों, जैसे पित्त और वात को संतुलित करने में मदद करता है। इसके बावजूद, मन में यह सवाल जरूर उठता है कि क्या वाकई प्रेग्नेंसी में रोजाना चुकंदर खाना सुरक्षित होता है? आइए, Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं प्रेग्नेंसी में चुकंदर का जूस पीने से क्या असर पड़ता है।

क्या प्रेग्नेंसी में रोजाना चुकंदर का जूस पीना सेफ होता है?- Is Beetroot Juice Safe In Pregnancy

is it safe to drink beetroot juice daily during pregnacy (6)

इसमें कोई दो राय नहीं है कि प्रेग्नेंसी में चुकंदर का जूस पीना फायदेमंद है। इससे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। ऐसे में इसका सेवन करने से गर्भवती महिला की इम्यूनिटी बूस्ट होती है और गर्भस्थ शिशु का विकास बेहतर तरीके से होता है। जहां तक सवाल इस बात का है कि क्या वाकई प्रेग्नेंसी में रोजाना चुकंदर का जूस पिया जा सकता है? इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है, ‘गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह के फूड आइटम का सेवन रोजाना नहीं किया जाना चाहिए। इसी तरह, चुकंदर का जूस भी है।’ डॉक्टर आगे समझाते हैं, ‘प्रेग्नेंसी के दौरान सप्ताह में एक से दो बार आधा-आधा कप चुकंदर का जूस पीना पर्याप्त होता है। इसकी मदद से महिला को एनीमिया का रिस्क नहीं होता है और भ्रूण का विकास भी तेजी से होगा।’

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प्रेग्नेंसी में चुकंदर का जूस पीने के फायदे- Beetroot Benefits For Pregnancy

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पोषक तत्वों से भरपूरः चुकंदर के जूस में फोलेट, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। यह गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु, दोनों के लिए लाभकारी तत्व हैं।

भ्रूण का विकासः चुकंदर के जूस में फोलेट होता है। यह एक ऐसा तत्व है, जो गर्भवती महिलाओं को कई तरह की बीमारियों से बचा सकता है। यहां तक कि नियमित रूप से फोलेट का सेवन करने से गर्भवती महिलाओं को एनीमिया होने का जोखिम भी कम हो जाता है।

ब्लड प्रेशर में सुधारः प्रेग्नेंसी में दौरान ब्लड प्रेशर का स्तर संतुलित होना चाहिए। ऐसा न हो, तो डिलीवरी के समय दिक्कतें आ सकती हैं। वहीं, चुकंदर के जूस की बात करें, तो इसमें नाइट्रेट होता है, जो कि ब्लड प्रेशर के स्तर को कम करने में मदद करता है। यह उन महिलाओं के लिए विशेषकर फायदेमंद हैं, जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत होती है। फिर भी चुकंदर के जूस को अपनी डाइट का हिस्सा बनाने से पहले हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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गर्भवती महिलाएं कब न पिएं चुकंदर का जूस- Who Should Avoid Beetroot During Pregnancy

अगर किसी महिला को डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड प्रेशर, लिवर से जुड़ी समस्या है, किडनी स्टोन है या किडनी से संबंधित कोई अन्य बीमारी है, तो उन्हें चुकंदर के जूस का सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, चुकंदर के जूस का सेवन करने से बॉडी में ऑक्सालेट का स्तर बढ़ सकता है। इससे ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, कहने का मतलब है कि यह है कि अगर आपको किसी तरह की मेडिकल कंडीशन नहीं है, स्मूद प्रेग्नेंसी है, तो ऐसे में आप सप्ताह में एक या दो बार सीमित मात्रा में चुकंदर के जूस का सेवन कर सकते हैं। हां, अगर किसी तरह की बीमारी है, तो बेतर होगा कि इसका सेवन करने से बचें। अगर आपको चुकंदर का जूस पीना ही है, तो डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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