Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या महिलाओं में हार्मोनल बदलाव से भूख प्रभावित होती है? एक्सपर्ट से जानिए पूरा सच

Hormonal Changes In Women: हार्मोनल बदलाव शरीर को कई तरह से प्रभावित करते हैं। भूख पर भी इसका असर देखने को मिलता है। आखिर, इसके पीछे क्या विज्ञान है, समझें इस लेख में।

अक्सर महिलाएं महसूस करती हैं कि महीने के कुछ दिनों में उन्हें ज्यादा भूख लगती है, तो कभी मीठे की क्रेविंग बहुत ज्यादा होती है। कभी-कभी तो कुछ भी खाने का मन नहीं करता है, जिससे मूड स्विंग भी होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में महिलाओं को यह समझ नहीं आता है कि उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है? कुछ महिलाएं इसे हार्मोनल बदलाव से जोड़कर देखती हैं। इस लेख में हम यही समझेंगे कि क्या वाकई महिलाओं में भूख प्रभावित होने का एक कारण हार्मोनल बदलाव है? इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF And Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता से बात की है।

क्या महिलाओं में हार्मोनल बदलाव भूख प्रभावित करती है?

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हार्मोनल बदलाव महिलाओं के शरीर में कई तरह के परिवर्तन के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसे भूख से भी जोड़कर देखा जा सकता है। डाॅ. शोभा गुप्ता इसे विस्तार से समझाती हैं-

मेंस्ट्रुअल साइकिलः महिलाओं में पीरियड्स की वजह से हार्मोनल बदलाव होता है। जैसे पीरियड्स शुरू होने से पहले शरीर में प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे भूख अपने आप बढ़ जाती है।

गर्भावस्था के दौरानः इसमें कोई दो राय नहीं है कि महिलाओं को प्रेग्नेंसी में बहुत भूख लगती है। ऐसा गर्भ में पल रहे शिशु के विकास और हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। डाॅ. शोभा गुप्ता की मानें, तो प्रेग्नेंसी में ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर तेजी से बढ़ता है। पहली तिमाही में इसके कारण उल्टी और जी मिचलाने की समस्या होती है, जिससे भूख कम हो जाती है। हालांकि, दूसरी और तीसरी तिमाही में शिशु के विकास के लिए भूख काफी बढ़ जाती है।

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मेनोपॉजः जब पीरियड्स पूरी तरह बंद हो जाते हैं, तो उसे मेनोपॉज की अवस्था कहा जाता है। इस दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर काफी गिर जाता है। एस्ट्रोजन कम होने से पेट भरे होने का संकेत देने वाले लेप्टिन हार्मोन का असर कम हो जाता है और भूख बढ़ाने वाले घ्रेलिन का स्तर अनियंत्रित हो जाता है। इस वजह से महिलाओं को बार-बार भूख लगती है और वजन बढ़ने की संभावना रहती है।

तनावः अगर कोई महिला लंबे समय से तनाव में है, तो इसकी वजह से कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन तेजी से रिलीज होता है। यह हार्मोन सीधे तौर पर महिला में भूख बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है। इसे ही हम इमोशनल ईटिंग के नाम से जानते हैं।

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निष्कर्ष

महिलाओं में हार्मोनल बदलाव सीधे तौर पर उनकी भूख को प्रभावित करता है। हालांकि, हार्मोनल बदलाव होने के पीछे कई तरह के कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज और तनाव। हार्मोनल बदलाव को संतुलित करने के लिए जरूरी है कि महिलाएं संतुलित आहार लें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और तनाव को मैनेज करने की कोशिश करें।

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FAQ

  • पीरियड्स से पहले मीठा या जंक फूड खाने की क्रेविंग क्यों होती है?

    पीरियड्स से पहले प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ने और सेरोटोनिन (हैप्पी हार्मोन) का स्तर गिर जाने के कारण ऐसा होता है।
  • क्या मेनोपॉज के बाद भूख बढ़ने से वजन को नियंत्रित किया जा सकता है?

    मेनोपॉज के बाद महिलाओं को डाइट पर ध्यान देना चाहिए। वजन कम करने के लिए फाइबर और प्रोटीन से भरपूर डाइट लें, पर्याप्त पानी पिएं और रेगुलर एक्सरसाइज करें।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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