Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या उम्र के साथ बदल जाते हैं PCOS के लक्षण? डॉक्टर से जानें सच

उम्र के साथ-साथ PCOS के लक्षणों में भी बदलाव होता है, लेकिन ऐसा क्यों होता है और इसके लक्षणों में क्या बदलाव होता है? बता रही हैं डाॅ. शोभा गुप्ता।

PCOS यानी (Polycystic Ovary Syndrome) महिलाओं के प्रजनन काल में होने वाली एक हार्मोनल समस्या है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि अब PCOS को PMOS (Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome) के नाम से भी जाना जाता है। खैर, सामान्य तौर पर महिलाओं को लगता है कि PCOS होने पर हर उम्र की महिलाओं में एक जैसे लक्षण नजर आते हैं। सवाल है, क्या वाकई यह सच है? आइए, जानते हैं Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता का क्या कहना है?

क्या उम्र के साथ PCOS के लक्षण में बदलाव होते हैं?

can pcos symptoms change with age 01 (18)

यह पूरी तरह सच है कि जैसे-जैसे महिला की उम्र बढ़ती जाती है, इसके लक्षणों में भी बदलाव देखने को मिलते हैं। जैसे किशोरावस्था से लेकर मेनोपॉज हो चुकी महिलाओं में PCOS शरीर को अलग तरह से प्रभावित करता है। इसलिए, इसके लक्षणों में भी बदलाव नजर आ सकते हैं। हालांकि, इसके पीछे का मुख्य हार्मोनल असंतुलन वही रहता है, लेकिन इस सिंड्रोम के शारीरिक लक्षणों में बढ़ती उम्र के साथ बदलाव होते हैं।

इसे भी पढ़ें: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS): लक्षण, कारण, जांच, इलाज - संपूर्ण जानकारी

उम्र के हिसाब से PCOS के लक्षण

किशोरावस्था और 20 की उम्र में

डाॅ. शोभा गुप्ता के अनुसार इस उम्र PCOS के सामान्य लक्षण नजर आते हैं, जैसे-

  • अनियमित पीरियड्स, पीरियड्स बहुत देर से आना, मिस होना या हैवी ब्लीडिंग होना
  • एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) के स्तर बढ़ना, जिस वजह से चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल उगना, गंभीर मुंहासे होना और हेयर फाॅल बढ़ना।
  • PCOS के कारण 20 की उम्र के आखिरी सालों महिला के लिए कंसीव करने में कठिनाई होना।

30 से 40 वर्ष की उम्र के बीच

डाॅ. शोभा गुप्ता कहती हैं कि इस उम्र में कदम रखते ही PCOS के लक्षण कॉस्मेटिक (रूप-रंग) से बदलकर मेटाबॉलिक स्वास्थ्य की तरफ बढ़ने लगते हैं, जैसे-

  • इस उम्र में मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है। ऐसे में अगर PCOS हो जाए, तो वजन घटाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
  • PCOS के कारण शरीर में इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता, जिससे टाइप 2 डायबिटीज और प्रीडायबिटीज का खतरा काफी बढ़ जाता है।
  • इस उम्र में PCOS के साथ गर्भवती होने पर जेस्टेशनल डायबिटीज (प्रेग्नेंसी के दौरान शुगर) और हाई ब्लड प्रेशर का रिस्क भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

इसे भी पढ़ें: PCOS से पीड़ित महिलाओं में हार्मोनल बदलाव होने पर दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, जानें बचाव के तरीके

मेनोपॉज और इसके बाद

आमतौर पर महिलाओं को लगता है कि मेनोपॉज के बाद PCOS खत्म हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। इस दौरान PCOS के लक्षण अलग तरीके से नजर आते हैं, जैसे-

  • उम्र बढ़ने के साथ PCOS से पीड़ित महिलाओं में हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और दिल का दौरा पड़ने का जोखिम स्वस्थ महिलाओं की तुलना में अधिक हो जाता है।
  • PCOS के कारण मेनोपाॅज हो चुकी महिलाओं को नींद की समस्या हो सकती है और वे अक्सर थकान तथा स्लीप एपनिया जैसी समस्या से जूझ रही होती हैं।

इसे भी पढ़ें: Home remedies for PCOS: पीसीओएस की समस्या को कम करने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय

निष्कर्ष

PCOS केवल पीरियड्स की अनियमितता या गर्भधारण की समस्या तक सीमित नहीं है। समय पर इसका ट्रीटमेंट किया जाना बहुत जरूरी है। अगर ऐसा न किया जाए, तो यह समस्या आजीवन साथ रहती है। इसके लक्षण भी बढ़ती उम्र के हिसाब से बदलते रहते हैं। हालांकि, आप सही जीवनशैली की मदद से इसे मैनेज कर सकते हैं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या मेनोपॉज के बाद PCOS पूरी तरह ठीक हो जाता है?

    नहीं, मेनोपॉज के बाद PCOS ठीक नहीं होता।
  • उम्र बढ़ने के साथ PCOS के मरीजों में वजन घटाना क्यों मुश्किल हो जाता है?

    उम्र बढ़ने के साथ प्राकृतिक रूप से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। PCOS में पहले से ही इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होती है, जिससे शरीर फैट बर्न करने के बजाय उसे स्टोर करने लगता है।
  • क्या उम्र बढ़ने पर PCOS के कारण चेहरे के बाल कम हो जाते हैं?

    आमतौर पर ऐसा देखने को नहीं मिलता है। उम्र बढ़ने और मेनोपॉज के बाद जब एस्ट्रोजन (महिला हार्मोन) का स्तर गिरता है, तो पुरुष हार्मोन का प्रभाव अधिक दिखने लगता है। नतीजतन, चेहरे के अनचाहे बाल और बढ़ सकते हैं।

Read Next

क्या पीरियड्स के दौरान वजाइनल pH लेवल में बदलाव आता है? डॉक्टर से जानें सच्चाई

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 19, 2026 10:07 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • May 19, 2026 10:07 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content