ब्रह्म कमल को हिमालय के फूलों का राजा भी कहा जाता है क्योंकि यह हिमालय के क्षेत्रों में खिलता है वो भी साल में केवल एक बार। यह उत्तराखंड का राज्य पुष्प भी है। इस फूल को आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है।इसकी शीतल प्रकृति के कारण इसे पित्त को शांत करने वाला माना जाता है। आयुर्वेद में पित्त दोष को शरीर की गर्मी, पाचन और चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जोड़ा जाता है। आइए जानते हैं कि सेहत के लिहाज से यह फूल क्यों खास माना जाता है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
ब्रह्म कमल के औषधीय गुण
ब्रह्म कमल हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाने वाला एक खास पौधा है। पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसके अलग-अलग हिस्सों का इस्तेमाल कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। वैज्ञानिक शोधों में भी इस पौधे के कुछ संभावित औषधीय गुण सामने आए हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-हाइपॉक्सिक शामिल हैं।
1. घाव भरने में मददगार हो सकता है
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ब्रह्म कमल पर हुए कुछ अध्ययनों में घाव भरने की क्षमता देखी गई है। साल 2024 में International Journal Of Nanomedicine में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने ब्रह्म कमल के अर्क की मदद से जिंक ऑक्साइड के नैनोकण तैयार किए। इसके बाद इन नैनोकणों की घाव भरने और बैक्टीरिया एवं फंगस के खिलाफ काम करने की क्षमता का परीक्षण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि तैयार किए गए नैनोकणों ने कई तरह के बैक्टीरिया और Candida albicans नामक फंगस के खिलाफ असर दिखाया।
2. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव हो सकता है
ब्रह्म कमल में फेनोलिक कंपाउंड्स और फ्लेवोनॉइड्स पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाने जाते हैं जो फ्री रेडिकल्स से बचाव कर सकते हैं। फ्री रेडिकल्स शरीर में बनने वाले अस्थिर अणु हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ा सकते हैं। साल 2020 में Ethnobotany Research And Applications में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, ब्रह्म कमल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, इस फूल में रेडियोप्रोटेक्टिव और एंटीमाइक्रोबियल गुणों का भी जिक्र है।
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3. सूजन कम हो सकती है
ब्रह्म कमल में मौजूद कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी क्षमता होने की संभावना है। इसके पौधे में पाए जाने वाले फेनोलिक और फ्लेवोनॉइड कंपाउंड्स का संबंध सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बताया जाता है।
4. सांस से जुड़ी समस्याओं में इस्तेमाल
हिमालयी क्षेत्रों में ब्रह्म कमल का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। अध्ययन में बताया गया है कि इस फूल में एंटी-हाइपोक्सिक गुण भी पाए जाते हैं यानी यह फूल ऑक्सीजन की कमी से जुड़ी समस्या को दूर कर सकता है। हालांकि, सांस फूलने, अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी में इसे प्रभावी इलाज मानने के लिए इंसानों पर हुए वैज्ञानिक अध्ययन सीमित हैं।
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5. पारंपरिक चिकित्सा में ब्रह्म कमल का उपयोग
2020 में Ethnobotany Research and Applications में प्रकाशित रिव्यू स्टडी के अनुसार, पारंपरिक चिकित्सा में ब्रह्म कमल का इस्तेमाल कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में किया जाता रहा है जैसे-
- ब्रह्म कमल का पारंपरिक इस्तेमाल सेरेब्रल इस्कीमिया जैसी स्थिति में भी बताया गया है। यह वह स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क के किसी हिस्से तक पर्याप्त ब्लड और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है।
- पारंपरिक चिकित्सा में इसका इस्तेमाल हृदय से जुड़ी कुछ समस्याओं के लिए भी किया जाता रहा है।
- इस पौधे का उल्लेख कुछ पारंपरिक उपचारों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में भी मिलता है।
ध्यान दें कि ब्रह्म कमल के ये उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में बताए गए हैं। इनसे यह साबित नहीं होता कि ब्रह्म कमल इन बीमारियों का इलाज कर सकता है। इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना अनिवार्य है।
निष्कर्ष:
ब्रह्म कमल को हिमालय का खास फूल माना जाता है। आयुर्वेद में इसकी शीतल प्रकृति के कारण इसे पित्त दोष को शांत करने वाला बताया जाता है। वहीं, वैज्ञानिक अध्ययनों में इसके एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल और घाव भरने की क्षमता बताई गई है। ब्रह्म कमल का पारंपरिक इस्तेमाल सूजन कम करने और फ्री रेडिकल्स से बचाव में किया जाता है। पारंपरिक घरेलू इलाज में पहाडी लोग इसका प्रयोग सेरेब्रल इस्कीमिया, मानसिक समस्याएं और हार्ट की कुछ समस्याओं में भी करते हैं, लेकिन इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें। इसे घरेलू इलाज में डॉक्टर की सलाह के बगैर इस्तेमाल करना सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।
FAQ
ब्रह्म कमल में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
ब्रह्म कमल में फ्लेवोनॉइड्स, फिनॉलिक कंपाउंड और अन्य फाइटोकेमिकल्स शामिल हो सकते हैं। इसे एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाला पौधा माना जाता है।क्या गर्भवती महिलाओं को ब्रह्म कमल का सेवन करना चाहिए?
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर ब्रह्मकमल के सेवन को लेकर पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन मौजूद नहीं हैं। इसलिए गर्भावस्था में इसके फूल, पत्तियों या जड़ों का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बगैर नहीं करना चाहिए।
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Oct 31, 2026 23:35 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
