Sat Oct 31, 2026 | 11:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

गुड़हल की चाय वेट लॉस से लेकर बीपी कंट्रोल तक दे सकती है ये 5 फायदे, जानें सेवन का सही तरीका

गुड़हल का फूल देखने में जितना खूबसूरत होता है, सेहत के लिहाज से भी उतना ही फायदेमंद माना जाता है। जानें इससे बनने वाली चाय को पीने के फायदे।
गुड़हल की चाय वेट लॉस से लेकर बीपी कंट्रोल तक दे सकती है ये 5 फायदे, जानें सेवन का सही तरीकागुड़हल की चाय वेट लॉस से लेकर बीपी कंट्रोल तक दे सकती है ये 5 फायदे, जानें सेवन का सही तरीका

आयुर्वेद में गुड़हल को औषधीय गुणों वाला फूल माना जाता है। गुड़हल के फूलों से बनी चाय का स्वाद हल्का खट्टा होता है और इसका रंग लाल या गहरा गुलाबी दिखाई देता है। इसमें एंथोसायनिन, फ्लेवोनॉइड्स और फेनोलिक एसिड जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से इसकी शीतल प्रकृति पित्त दोष को शांत करने में मदद कर सकती है। शरीर में पित्त बढ़ने पर गर्मी, जलन और अधिक पसीना आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में गुड़हल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से शीतलता देने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, इसके कषाय गुणों के कारण इसे कफ और पित्त के संतुलन से भी जोड़ा जाता है। आइए जानते हैं सेहत के ल‍िए गुड़हल की चाय पीने के फायदे। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

1. गुड़हल की चाय पीने से वेट लॉस में मदद म‍िलती है

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गुड़हल की चाय पीने से वजन कम करने में मदद म‍िल सकती है। वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए एक अच्छा पेय विकल्प हो सकती है। इसमें कैलोरी बहुत कम होती है, बशर्ते इसमें चीनी या शहद न मिलाया जाए। इसे मीठे पेय पदार्थों और अधिक कैलोरी वाली चाय की जगह पीने से रोजाना कैलोरी का सेवन कम करने में मदद मिल सकती है।

गुड़हल में मौजूद कुछ प्लांट कंपाउंड्स पर फैट मेटाबॉलिज्म और शरीर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को लेकर शोध हुए हैं। साल 2023 में Brazilian Journal Of Sports Medicine में प्रकाश‍ित एक शोध में शोधकर्ताओं ने बताया क‍ि गुड़हल का अर्क शरीर में फैट से जुड़े कुछ कारकों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। खासकर जब इसे एरोबिक एक्सरसाइज के साथ दिया गया, तो वजन और शारीरिक क्षमता पर अच्‍छा असर देखा गया। हालांक‍ि, शोध में सीम‍ित फायदे ही बताए गए।

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2. मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है

मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है जिसके जरिए शरीर भोजन से एनर्जी लेता है और इस्तेमाल करता है। गुड़हल में एंथोसायनिन और पॉलीफेनॉल जैसे बायोएक्टिव कंपाउंड्स होते हैं। अध्ययनों में फैट मेटाबॉलिज्म और ग्लूकोज के इस्तेमाल पर सकारात्मक प्रभाव देखे गए हैं। गुड़हल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी मदद कर सकते हैं।

3. बीपी कंट्रोल में मदद म‍िल सकती है

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गुड़हल की चाय में मौजूद एंथोसायनिन और दूसरे पॉलीफेनॉल, ब्‍लड वेसल्‍स को आराम देने और उनके सामान्य कामकाज में मदद कर सकते हैं। इससे बीपी कंट्रोल हो सकता है। साल 2020 में Journal Of Human Hypertension में प्रकाशित एक सिस्टमैटिक रिव्यू में गुड़हल की चाय के सेवन से सिस्टोलिक बीपी में औसतन 4.71 mmHg और डायस्टोलिक बीपी में 4.08 mmHg की कमी देखी गई।

4. शरीर को एंटीऑक्सीडेंट्स म‍िल सकते हैं

गुड़हल की चाय में एंथोसायनिन, फ्लेवोनॉइड्स और फेनोलिक कंपाउंड्स पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स की तरह काम करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं ज‍िससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस घट सकता है।

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5. शरीर को ठंडक मि‍लती है

आयुर्वेद और पारंपरिक खानपान में गुड़हल को ठंडी तासीर वाला माना जाता है। इसलिए गर्मियों में इससे बनी चाय का सेवन शरीर को ठंडक देने वाले पेय के रूप में किया जाता है।

गुड़हल की चाय बनाने का सही तरीका

  • सबसे पहले गुड़हल के फूलों को अच्छी तरह धो लें।
  • अब फूलों को हल्का कूट लें।
  • एक पैन में 1-2 कप पानी डालकर गर्म करें।
  • इसमें गुड़हल के फूल डालकर 5 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें।
  • इसे छानकर कप में निकाल लें।
  • स्वाद के लिए थोड़ा नींबू मिला सकते हैं।
  • वजन कम करने का लक्ष्‍य है, तो चीनी न मिलाएं।

गुड़हल की चाय पीते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • जिन लोगों का बीपी पहले से लो रहता है, उन्हें इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए।
  • किडनी या लिवर की बीमारी से पीड़ित लोग डॉक्टर की सलाह के बिना इसका नियमित सेवन न करें।
  • इसके सेवन से एलर्जी या पाचन समस्‍या होने पर सेवन बंद कर दें।

न‍िष्‍कर्ष:

गुड़हल की चाय को वजन कम करने, मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने और बीपी कंट्रोल करने के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट्स शरीर में फ्री रेड‍िकल्‍स को कम करते हैं। साथ ही, गुड़हल की चाय की तासीर ठंडी होती है ज‍िससे यह शरीर को ठंडक पहुंचाती है और हाइड्रेशन में भी मदद करती है।

image credit: magnific

FAQ

  • गुड़हल की चाय सुबह खाली पेट पीनी चाहिए या खाने के बाद?

    गुड़हल की चाय को सुबह या दिन में किसी भी समय पी सकते हैं। खाली पेट पीना जरूरी नहीं है। अगर खाली पेट पीने से एसिडिटी या पेट में परेशानी होती है, तो इसे भोजन के बाद पिएं।
  • वजन कम करने के लिए गुड़हल की चाय कब पीनी चाहिए?

    वजन कम करने के लिए इसे सुबह या शाम को पी सकते हैं। इसमें चीनी न मिलाएं। ध्यान रखें कि केवल इस चाय को पीने से वजन कम नहीं होता। इसके साथ संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी है।

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  • Current Version

    Oct 31, 2026 22:46 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma