फलों से शरीर को नेचुरल शुगर के साथ-साथ कई ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं जो इम्यूनिटी मजबूत करने और कई बीमारियों से बचाव में मदद कर सकते हैं लेकिन जब बात फलों को खाने के सही समय की आती है, तो लोगों के मन में कई सवाल होते हैं। कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून की सीनियर डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, फल खाने का कोई एक तय समय नहीं होता जो हर व्यक्ति के लिए समान रूप से फायदेमंद हो। फलों को खाने का सही समय व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, फिजिकल एक्टिविटी, डाइजेशन पावर और डाइट पैटर्न पर निर्भर करता है। हालांकि, दिन के समय फलों का सेवन करने से शरीर को इनके पोषक तत्वों का बेहतर फायदा मिल सकता है।
फलों को खाने का सही समय क्या है?
डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, सुबह के समय फल खाना कई लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है। सुबह फल खाने से शरीर को नेचुरल शुगर, फाइबर और जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे दिन की शुरुआत एनर्जी के साथ होती है। खाली पेट फल या नाश्ते के साथ फल खाने से शरीर को विटामिन और मिनरल आसानी से मिल सकते हैं और इनका एब्जॉप्शन भी अच्छा होता है। हालांकि, जिन लोगों को एसिडिटी, गैस या पेट से जुड़ी समस्या रहती है, उन्हें खाली पेट खट्टे फल खाने से बचना चाहिए। ऐसे लोग फल को नाश्ते के बाद या भोजन के बीच में खा सकते हैं।
1. क्या भोजन के तुरंत बाद फल खाना सही है?
डाइटीशियन पायल दत्त बताती हैं, ''कई लोग खाने के तुरंत बाद फल खाते हैं, लेकिन फल खाने का यह सबसे अच्छा समय नहीं माना जाता। भोजन के तुरंत बाद फल खाने से कुछ लोगों को पेट भारी लग सकता है या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। बेहतर विकल्प यह है कि फल और भोजन के बीच लगभग 1-2 घंटे का अंतर रखा जाए। इससे शरीर को फलों में मौजूद पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।''
2. वजन घटाने के लिए फल खाने का सही समय
डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए फल एक हेल्दी स्नैक का काम कर सकते हैं। सुबह या दोपहर के समय फल खाने से दिनभर एनर्जी बनी रहती है और अनहेल्दी स्नैक्स खाने की इच्छा कम हो सकती है। सेब, अमरूद, पपीता और बेरीज जैसे फाइबर से भरपूर फल पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं।
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3. डायबिटीज वाले लोग फल कब खाएं?
डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या वाले लोगों को फल खाने के समय और मात्रा का खास ध्यान रखना चाहिए। डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, ऐसे लोगों को कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल चुनने चाहिए और फल को प्रोटीन या हेल्दी फैट वाले फूड्स के साथ लेना बेहतर हो सकता है। उदाहरण के लिए, सेब के साथ कुछ बादाम या अखरोट लेने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने की संभावना कम हो सकती है। हालांकि, डायबिटीज मरीजों को अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

साल 2014 में Asia Pacific Journal of clinical nutrition में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, घुलनशील फाइबर (Soluble Fiber) भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाले ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है।हालांकि, हर फल का शरीर पर एक जैसा असर नहीं होता। डायबिटीज में हमेशा कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low Glycemic Index) वाले फल चुनने चाहिए, ताकि शुगर का लेवल धीरे-धीरे बढ़े। इसके अलावा, फलों को कभी भी खाली पेट नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे शुगर अचानक स्पाइक हो सकती है। इसे किसी भोजन या प्रोटीन-युक्त स्नैक के साथ मिलाकर खाना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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डाइटीशियन की सलाह
डाइटीशियन पायल दत्त का कहना है कि फलों का चुनाव भी आपकी जरूरत के अनुसार होना चाहिए। सुबह के समय पपीता, सेब जैसे फल अच्छे विकल्प हो सकते हैं। दोपहर में संतरा, अमरूद या बेरीज जैसे फल लिए जा सकते हैं। वहीं, गर्मियों में पानी से भरपूर फल जैसे तरबूज और खरबूजा शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। अगर कोई व्यक्ति रात में फल खाता है और उसे पाचन संबंधी परेशानी नहीं होती, तो रात के समय भी सीमित मात्रा में फल खाना नुकसानदायक नहीं है।
निष्कर्ष
फल खाने का कोई एक समय नहीं होता, बल्कि सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करना ज्यादा जरूरी है। डाइटीशियन पायल दत्त के अनुसार, फल दिन के किसी भी समय खाए जा सकते हैं, लेकिन इन्हें भोजन से अलग समय पर लेना और अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार फल चुनना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। बैलेंस डाइट के साथ फलों का नियमित सेवन शरीर को जरूरी पोषण देने, पाचन बेहतर करने में मदद करता है।
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FAQ
डायबिटीज के मरीज कौन-से फल खा सकते हैं?
डायबिटीज वाले लोग कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल जैसे सेब, अमरूद और बेरीज को सीमित मात्रा में ले सकते हैं।दिन में कितने फल खाने चाहिए?
फलों की मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और कैलोरी जरूरतों पर निर्भर करती है। आमतौर पर बैलेंस मात्रा में अलग-अलग तरह के फल खाना बेहतर होता है लेकिन मीठे के साथ मीठे फल और खट्टे के साथ खट्टे फल खाने चाहिए।जूस पीना चाहिए या फल खाना चाहिए?
साबुत फल खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें फाइबर मौजूद रहता है, जबकि जूस में फाइबर की मात्रा कम हो जाती है।
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Jul 23, 2026 18:42 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dt Payal Dutt