Fri Sep 11, 2026 | 08:25 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetan Sharma , Consultant - Ayurveda

दही-छाछ में हल्दी मिलाकर खाना क्यों है फायदेमंद? जानें आयुर्वेदाचार्य से

Benefits Of Eating Curd With Turmeric In Hindi:आयुर्वेद के अनुसार, दही-छाछ में हल्दी लेना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर ने इसके फायदे और खाने के तरीके इस लेख में बताए है।

Benefits Of Eating Curd With Turmeric In Hindi: आजकल लोग गट हेल्थ यानी कि पेट की सेहत पर बहुत ज्यादा ध्यान देने लगे हैं। दरअसल, कई स्टडीज में पाया गया है कि अगर पेट मजबूत होगा तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ेगा। कुछ ऐसा ही आयुर्वेद भी मानता है। पेट का सेहतमंद होने का मतलब है कि शरीर में इम्युनिटी का मजबूत होना। इसलिए पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेद में दही-छाछ जैसे प्रोबायोटिक्स में हल्दी मिलाकर खाना काफी फायदेमंद माना जाता है। कैसे इन दोनों का कॉम्बिनेशन हेल्दी होता है और इसका सेवन कैसे किया जाए, इन सब की जानकारी के लिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल की सीनियर आयुर्वेदिक कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad & Noida) से बात की। हल्दी और दही-छाछ का सेवन एक साथ कैसे करना चाहिए, ये जानने से पहले प्रोबॉयोटिक्स और हल्दी के फायदों पर बात करते हैं।

प्रोबायोटिक पाचन में कैसे मदद करता है? -Benefits of Probiotics in Hindi

डॉ. चेतन शर्मा कहते हैं, “प्रोबायोटिक्स जैसेकि दही, छाछ, कांजी जैसी चीजों में गुड बैक्टीरिया होते हैं, जो आंतों को मजबूत करते हैं। अगर किसी को गैस, कब्ज या एसिडिटी की समस्या होती है, तो प्रोबायोटिक्स इन समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं। आयुर्वेद में इसे पाचन शक्ति की अग्नि को प्रज्वलित करना कहा जाता है। इसलिए रोजाना प्रोबायोटिक्स लेने चाहिए ताकि भोजन से मिलने वाले पोषण शरीर में सही तरीके से पहुंच सके।”

dahi and haldi benefits in hindi expert

इसे भी पढ़ें: Haldi Doodh Ke 5 Fayde: हड्डियों को बनाए मजबूत और मांसपेशियों को करे हील

हल्दी के आयुर्वेदिक फायदे - Benefits of Turmeric in Hindi

डॉ. चेतन शर्मा कहते हैं कि हल्दी को आयुर्वेद में हरिद्रा कहा जाता है। इसे त्रिदोषशामक औषधि माना गया है। इसका मतलब है कि ये वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करने में मदद करती है।
हल्दी शरीर से खराब तत्वों (आम) को निकालने में मददगार है।

  • ब्लड को साफ करती है।
  • इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करती है।
  • हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व एंटी-इंफ्लेमेटरी है, जो शरीर की सूजन कम करने में मदद करता है।
  • आंतों की सूजन, इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS), और पाचन से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद है।

प्रोबायोटिक और हल्दी को साथ लेने से क्या होते हैं फायदे? - Benefits of Probiotics with Turmeric in Hindi

डॉ. चेतन ने बताया कि दही, छाछ जैसे प्रोबायोटिक्स को लेने के अपने फायदे हैं और हल्दी लेने के भी कई फायदे हैं। अगर दोनों को एक साथ लिया जाए, तो इसका असर कई गुना बढ़ जाता है।

  • गुड बैक्टीरिया ज्यादा बढ़ना - हल्दी में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण आंतों के खराब बैक्टीरिया को खत्म कर देते हैं और इससे प्रोबायोटिक्स को काम करने के लिए अच्छा वातावरण मिल जाता है।
  • आंतों की सूजन कम होना- हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण आंतों की सूजन कम होती है।
  • इम्युनिटी मजबूत होना - दोनों को मिलाकर खाने से पाचन में सुधार होता है और इम्युनिटी दोगुनी हो जाती है। इससे शरीर को इंफेक्शन का रिस्क कम होता है।
  • पाचन में सुधार - प्रोबायोटिक्स भोजन को तोड़ने का काम करते हैं और हल्दी न्यूट्रिशन को शरीर तक पहुंचाती है। इससे पाचन बेहतर होता है।
  • बीमारियों का रिस्क कम होना - इन दोनों को एक साथ लेने से डायबिटीज, मोटापा, और क्रॉनिक इंफ्लेमेशन से जुड़ी बीमारियों का रिस्क कम होता है।

हल्दी और दही-छाछ लेने के तरीके - How to take Probiotics and Turmeric Together in Hindi

डॉ. चेतन कहते हैं कि प्रोबायोटिक और हल्दी दोनों को ही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए और इन दोनों को एक साथ कुछ इन खास तरीकों से लिया जा सकता है।

  • हल्दी वाली छाछ – अगर आप छाछ पीते हैं, तो एक गिलास छाछ में एक चुटकी हल्दी मिलाकर दिन में एक बार लें। ये कॉम्बिनेशन गर्मियों में बहुत फायदेमंद होता है।
  • दही और हल्दी - दही में बहुत कम मात्रा में हल्दी डालकर सलाद या खिचड़ी के साथ खा सकते हैं।
  • कांजी में हल्दी – गाजर या काली गाजर की कांजी में हल्दी डालने से उसका पाचन पर असर बढ़ जाता है।

इसे भी पढ़ें: एसिड रिफ्लक्स के लिए हल्दी फायदेमंद है या नुकसानदायक? डॉक्टर से जानें

हल्दी और दही छाछ एक साथ लेते समय सावधानियां बरतें

डॉ. चेतन कहते हैं कि जब भी आप दोनों को एक साथ लें, तो हल्दी की मात्रा चुटकीभर ही रखें। जिन लोगों को पेट की बीमारियां, अल्सर या ब्लड को पतला करने की दवाइयां ले रहे हैं, तो खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। पैकेज्ड प्रोबायोटिक सप्लीमेंट लेने की बजाय नेचुरल स्त्रोत जैसे दही, छाछ, अचार और कांजी लें। वैसे दिन में दही या छाछ लें और रात में हल्दी का दूध ले सकते हैँ। इससे दोनों के फायदे शरीर को संतुलित रूप से मिलते हैं।

निष्कर्ष

डॉ. चेतन जोर देते हुए कहते हैं कि प्रोबायोटिक और हल्दी दोनों ही पेट और इम्युनिटी दोनों के लिए बहुत फायदेमंद है। इन दोनों में मौजूद गुड बैक्टीरिया शरीर को नेचुरली हेल्दी करते हैं। इसलिए दोनों को लेना फायदेमंद होता है और इसे लेना भी बहुत आसान है। अगर दोनों का कॉम्बिनेशन लेते समय किसी भी तरह की समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Read Next

विजयसार की लकड़ी का पानी पीने के फायदे, एक्सपर्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 11, 2025 13:27 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Sep 11, 2025 13:19 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetan Sharma

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content