Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Expert

गर्मियों में बच्चों को दें दूध और शहद, दूर होंगी कब्ज-अनिद्रा जैसी कई समस्याएं, जानें सेवन का तरीका

गर्मियों में बच्चों को दूध और शहद देने से कब्ज, अनिद्रा, थकान, इम्यूनिटी और त्वचा समस्याओं में सुधार होता है, यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।

इस पेज पर:-


गर्मियों में बच्चों के खानपान में विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। इस मौसम में बच्चों को डिहाइड्रेशन, कमजोरी, अनिद्रा और कब्ज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसका एक आसान उपाय है बच्चों को दूध और शहद देना। दूध और शहद दोनों ही पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते हैं और गर्मियों में बच्चों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। दूध में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन-डी होता है, जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। वहीं शहद में एंटी-ऑक्सीडेंट्स, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो शरीर को प्राकृतिक एनर्जी देते हैं। दूध और शहद के म‍िश्रण से बच्चों के शरीर को न केवल गर्मी से राहत मिलती है, बल्कि इससे उनकी पाचन क्रिया भी बेहतर होती है। अगर इसका सही तरीके से सेवन किया जाए, तो यह कई स्वास्थ्य समस्याओं को भी दूर कर सकता है। इस लेख में हम जानेंगे गर्मि‍यों में बच्‍चों को दूध और शहद देने के फायदे और सेवन का सही तरीका। इस व‍ि‍षय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थ‍ित न्‍यूट्र‍िवाइज क्‍लीन‍िक की न्‍यूट्र‍िशन‍िस्‍ट नेहा स‍िन्‍हा से बात की।

1. कब्ज से राहत द‍िलाता है दूध और शहद- Milk and Honey Gives Constipation Relief

गर्मियों में अक्सर बच्चों को कब्ज की समस्या होती है। दूध और शहद का म‍िश्रण पाचन क्रिया को सुधारने में मदद करता है। शहद में प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। दूध में मौजूद कैल्शियम आंतों को आराम देता है, जिससे कब्ज की समस्या दूर होती है। बच्चों को रात में सोने से पहले हल्के गुनगुने दूध में शहद मिलाकर दिया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें- रात में दूध के साथ पिएं शहद, मिलेंगे ये 4 फायदे

2. अनिद्रा की समस्या दूर होती है- Milk and Honey Solves Insomnia Issues

गर्मियों में बच्चों को सोने में दिक्कत हो सकती है, खासकर अगर दिन में ज्यादा गर्मी हो। दूध में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जो नींद के लिए जरूरी हार्मोन मेलाटोनिन को बढ़ाता है। शहद भी द‍िमाग में सेरोटोनिन के लेवल को बढ़ाता है, जिससे नींद में सुधार होता है। अगर बच्चे को रात में गुनगुना दूध और शहद का म‍िश्रण दिया जाए, तो इससे अच्‍छी नींद आती है।

3. शरीर की एनर्जी बढ़ती है- Milk and Honey Boosts Energy Levels

honey-and-milk-benefits

गर्मियों में थकान और कमजोरी होना आम बात है। शहद में प्राकृतिक शुगर होती है, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देता है। दूध में मौजूद प्रोटीन और विटामिन शरीर को बेहतर बनाते हैं और थकान के लक्षणों को दूर करते हैं। यह म‍िश्रण बच्चों को पूरे दिन एक्‍ट‍िव बनाए रखता है।

4. इम्यूनिटी को बढ़ाता है दूध और शहद- Milk and Honey Boosts Immunity

गर्मियों में शरीर में इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है। शहद में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो इंफेक्‍शन से लड़ने में मदद करते हैं। दूध में विटामिन-डी और कैल्शियम होता है, जो हड्डियों और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। इन दोनों का म‍िश्रण बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करता है और इंफेक्‍शन से बचाता है।

5. त्वचा और बालों के ल‍िए दूध और शहद के फायदे- Skin and Hair Benefits of Milk and Honey

गर्मियों में बच्चों की त्वचा और बालों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। शहद में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को हाइड्रेटेड रखते हैं और उसे स्वस्थ बनाए रखते हैं। दूध में लैक्टिक एसिड होता है, जो त्वचा को नमी देता है। इस म‍िश्रण से बच्चों की त्वचा मुलायम और बाल चमकदार रहते हैं।

गर्मि‍यों में बच्‍चों को दूध और शहद देने का सही तरीका- Correct Way to Consume Milk and Honey For Kids

एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार, दूध और शहद का सेवन बच्चों के लिए ज्‍यादा फायदेमंद तब होता है जब इसे सही तरीके से लिया जाए-

  • बच्चों को गुनगुने दूध में एक छोटी चम्मच शहद मिलाकर देना चाहिए। ध्यान रहे कि दूध ज्यादा गर्म न हो, क्योंकि ज्‍यादा गर्म दूध में शहद के पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।
  • इसे रात में सोने से पहले दिया जाना सबसे फायदेमंद होता है, क्योंकि इस समय शरीर को आराम और बेहतर नींद की जरूरत होती है।
  • दूध और शहद के इस मिश्रण को बच्चों के नाश्‍ते में भी शाम‍िल कर सकते हैं। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि इसे दिन में एक बार से ज्यादा न दिया जाए, ताकि इससे बच्चों के पाचन पर कोई बुरा असर न पड़े।
  • अगर बच्चे को दूध और शहद से कोई एलर्जी है, तो इसे देने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

गर्मियों में बच्चों को दूध और शहद देना न केवल उनकी सेहत को फायदा पहुंचाता है, बल्कि यह उन्हें गर्मी के असर से भी बचाता है।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

FAQ

  • बच्चे को शहद देने की सही उम्र क्या है?

    बच्चों को शहद, 1 साल के बाद दिया जा सकता है। इससे पहले बच्चों को शहद देना, उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। 1 साल के बाद शहद सुरक्षित रूप से बच्चों के आहार में शामिल किया जा सकता है।
  • शहद की तासीर कैसी होती है?

    शहद की तासीर गर्म होती है। यह खून को शुद्ध करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। इसके एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण भी शरीर को स्वस्थ रखते हैं।
  • शहद कब नहीं लेना चाहिए?

    अगर किसी व्यक्ति को शहद से एलर्जी हो, या फिर उसे डायबिटीज जैसी बीमारी हो, तो शहद का सेवन न करें। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को भी इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है।
  • गर्मियों में शहद का सेवन कैसे करें?

    गर्मियों में शहद को गुनगुने पानी में घोलकर पीना फायदेमंद होता है। इससे शरीर में ठंडक बनी रहती है और हाइड्रेशन भी ठीक रहता है। शहद को फल, जूस या दूध में भी मिलाकर सेवन किया जा सकता है, जो शरीर को ठंडक और एनर्जी देता है।

Read Next

लौकी को इन 5 चीजों के साथ मिलाकर कभी न खाएं, तबीयत हो सकती है खराब

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Apr 28, 2025 16:56 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Apr 28, 2025 16:56 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content