वजन घटाने के लिए हाई इंटेंसिटी या लो इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेंनिंग, क्या है अधिक फायदेमंद

Exercises for Weight Loss in Hindi: अगर आप अपना वजन घटाना चाहते हैं, तो अपनी एक्सरसाइज रूटीन में HIIT Or LIIT को शामिल कर सकते हैं। 

Monika Agarwal
एक्सरसाइज और फिटनेसWritten by: Monika AgarwalPublished at: Aug 29, 2022Updated at: Aug 29, 2022
वजन घटाने के लिए हाई इंटेंसिटी या लो इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेंनिंग, क्या है अधिक फायदेमंद

अधिक वजन या मोटापे से आपके स्वास्थ्य को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मोटापा ह्रदय, ब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकता है। इसलिए बीमारियों से मुक्त रहने के लिए वजन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी होता है। आमतौर पर बढ़ा हुआ वजन घटाने के लिए लोग तरह-तरह के उपायों को आजमाते हैं। लेकिन आज हम बात करेंगे वजन कम करने के कुछ इफेक्टिव एक्सरसाइज के बारे में।

वैसे तो सभी एक्सरसाइज किसी ना किसी तरीके से लाभ पहुंचाते हैं, लेकिन अपनी डेली एक्सरसाइज में कार्डियो को शामिल करने से आपको जल्दी वेट लॉस में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही कार्डियो एक्सरसाइझ करने से हृदय स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। एक अच्छा कार्डियो रूटीन आपकी इंटेंसिटी और एक्सरसाइज की ड्यूरेशन पर निर्भर करता है। HIIT (हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग) और LIIT (लो इंटेंसिव इंटरवल ट्रेनिंग) ये दो वर्कआउट आपको वजन घटाने में मदद कर सकते हैं।

लो इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (LIIT) 

लो इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग लंबे समय और धीमी गति से किए जाने वाला एक वर्कआउट है। यह व्यक्ति की गतिशीलता को बढ़ाने में मददगार होता है। इस वर्कआउट को करना काफी आसान होता है। अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो इस एक्सरसाइज को रोजाना 40 से 60 मिनट तक कर सकते हैं। यह एक्सरसाइज बढ़ी उम्र के लोगों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। साथ ही लो इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग एक्सरसाइज करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। LIIT नियमित रूप से करने से ब्लड सरकुलेशन में सुधार हो सकता है। इसके अलावा इस एक्सरसाइज को रोजाना करने से मसल्स मजबूत बनती है और थकान से भी राहत मिल सकती है। 

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हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग(HIIT) 

इस वर्कआउट को कम समय में हाई इंटेंसिटी के साथ करना होता है। इसे आप कई सेट्स में कर सकते हैं। इस एक्सरसाइज को रोजाना करने से स्वास्थ्य बेहतर होता है। साथ ही मसल्स मजबूत बनती हैं और एनर्जी में सुधार होता है। हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करने से आपको वेट लॉस में भी मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं इस एक्सरसाइज को करने से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रह सकता है। यह पाचन में भी मददगार साबित हो सकता है। लेकिन अगर आपको कोई चोट या बीमारी है, तो इस एक्सरसाइज को करने से बचें।

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HIIT और LIIT दोनों ही समान कैलोरी बर्न करके वजन घटाने में मददगार साबित होते हैं। इन दोनों में फर्क सिर्फ इंटेंसिटी और टाइमिंग का है। आप अपनी उम्र, स्टैमिना, फ्लैक्सिबिलिटी और स्वास्थ्य के अनुसार इन दोनों वर्कआउट में से एक का चुनाव कर सकते हैं। कुछ गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति वाले लोगों के लिए लो-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग अधिक फायदेमंद साबित हो सकती है।

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