Hernia Treatment: हार्निया का बिना ऑपरेशन के भी हो सकता है उपचार, जानिए ये 3 आसान तरीके

हर्निया की समस्या से बचने के लिए सर्जरी करवाना जरूरी नहीं है। जो लोग इस डर से डॉक्टर से संपंर्क नहीं करते हैं वे योग और अन्य सावधानियों को अपना सकते हैं।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Dec 06, 2013
Hernia Treatment: हार्निया का बिना ऑपरेशन के भी हो सकता है उपचार, जानिए ये 3 आसान तरीके

अक्सर लोग छोटी-छोटी बीमारियों को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन आगे जाकर इसके दुष्परिणाम सामने आते हैं। इन्हीं बीमारियों में से एक है हर्निया (Hernia)। ज्यादातर लोग इससे नजरअंदाज करते हैं। हर्निया की वक्त पर पहचान न हो पाना एक बड़ी समस्या का कारण बन सकता है। हर्निया से मौजूदा वक्त में बहुत से लोग पीड़ित हैं। लेकिन जब तक पीड़ा असहनीय नहीं हो जाती तक तक लोग डॉक्टर के पास नहीं जाते।

एबडॉमिनल वॉल के कमजोर भाग के अंदर का कोई भाग जब बाहर की ओर निकल आता है तो इसे हर्निया कहते हैं। हर्निया में जांघ के विशेष हिस्से की मांसपेशियों के कमजोर होने  के कारण पेट के हिस्से बाहर निकल आते हैं। हर्निया की समस्या जन्मजात भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में इसे कॉनजेनाइटल हर्निया कहते हैं। हर्निया एक वक्त के बाद किसी को भी हो सकता है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि हर्निया का एकमात्र इलाज सर्जरी है जिसकी वजह से वे डॉक्टर के पास जाने से डरते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है हर्निया बिना सर्जरी के भी ठीक हो सकता है।

क्यों होता है हर्निया

कुछ लोगों में हर्निया की समस्या जन्मजात होती है, जबकि कुछ को वयस्क होने पर होती है। हर्निया की समस्या कई कारणों से हो सकती है। पेट में बड़े दबाव के कारण आमतौर पर यह समस्या उत्पन्न होती है। यह वजन उठाते हुए, अत्यधिक जोर लगाकर खांसने से, पुरानी चोट के कारण, कब्ज, गर्भावस्था के दौरान, पेट की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाने के कारण भी हो सकता है।

इसे भी पढ़ेंः शरीर का अधिक वजन मस्तिष्‍क को बना सकता है बूढ़ा, जानें वजन कम करने के 5 आसान तरीके

योगा के जरिए हर्निया का इलाज

एक पैर उठाकर 

किसी समतल स्थान पर दरी बिछाकर सीधे लेट जाएं। अपने एक हाथ को हर्निया वाली जगह पर रखें। उसके बाद अपने दाहिने पैर को उठाएं और ऊपर से नीचे की तरफ लाएं। इस प्रक्रिया को करते समय ध्यान रखें पैर जमीन से नहीं लगने चाहिए। इस प्रक्रिया को कम से कम दस बार करें।  उसके बाद अपने बाएं पैर को उठाएं और उसी प्रक्रिया को दोहराएं। आप चाहें तो इस योग की अवधि को अपनी सुविधानुसार बढ़ा और घटा सकते हैं। इससे आपके पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।

लेग क्रॉसिंग

पीठ के बल समतल स्थान पर लेट जाएं। हाथों को हर्निया वाली जगह पर रखें। उसके बाद दोनों पैरों को जमीन से लगभग दो फीट ऊपर उठाएं। जब हम अपने दाहिने पैर को ऊपर उठाएंगे तो बायां पैर नीचे होना चाहिए और जब बायां पैर उठाएंगे तो दायां पैर नीचे होना चाहिए। इस प्रक्रिया को कम से कम दस बार दोहराएं। इस प्रक्रिया को करने के बाद पैरों को नीचे रखकर आराम करें।

ट्री पोज

पहले सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं। फिर दोनों पैरों को एक दूसरे से कुछ दूर रखते हुए खड़े रहें और फिर हाथों को सिर के ऊपर उठाते हुए सीधाकर हथेलियों को मिला दें। इसके बाद दाहिने पैर को घुटने से मोड़ते हुए उसके तलवे को बाईं जांघ पर टिका दें। इस स्थिति के दौरान दाहिने पैर की एड़ी गुदाद्वार-जननेंद्री के नीचे टिकी होगी। बाएं पैर पर संतुलन बनाते हुए हथेलियां, सिर और कंधे को सीधा एक ही सीध में रखें। इसे वृक्षासन भी कहते हैं। जब तक इस आसन की स्थिति में आसानी से संतुलन बनाकर रह सकते हैं सुविधानुसार उतने समय तक रहें। एक पैर से दो या तीन बार किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ेंः एलर्जिक राइनाइटिस या 'हे फीवर' के संकेत हैं सिरदर्द के साथ बहती नाक और छींक आना, जानें इसके कारण और बचाव

हर्निया की समस्या से बचने के उपाय

  • मलाशय की ठीक प्रकार से सफाई
  • मोटापे व वजन बढ़ने की समस्या से बचें
  • प्रोटीन व विटामिन सी सप्लीमेंट का सेवन
  • आरामदायक अंडरगारमेंट ही  पहनें
  • उन कार्यों से बचना चाहिए, जो हमारे पेट की मांसपेशियों पर अधिक दबाव डालते हों।
  • वजन भी संतुलित रखना चाहिए।
  • अगर कब्ज की समस्या है तो इसका तुरंत उपचार कीजिए।
  • रेशेदार पदार्थों का सेवन करें।

हर्निया की समस्या से बचने के लिए शुरुआती अवस्था में डॉक्टर से संपंर्क करें। हर्निया को सर्जरी के अलावा अन्य सावधानियों को बरत कर भी ठीक किया जा सकता है।

Read More Articles On Other Diseases In Hindi
Disclaimer