परफ्यूम लगाना आखिर किसे पसंद नहीं होता? हर कोई चाहता है कि शरीर के अच्छी खुशबू आए। परफ्यूम फैशन ट्रेंड का हिस्सा बन चुका है। यह आपकी पर्सनेलिटी को बढ़ाकर दिखाने में मदद करता है। मार्केट में आपको परफ्यूम के ऐसे कई ब्रांड मिल जाएंगे, जो बजट के मुताबिक आपको अच्छा परफ्यूम दे सकते हैं। कुछ लोगों को परफ्यूम लगाना बहुत ज्यादा पसंद होता है। इसलिए वो दिन में कई बार परफ्यूम लगाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं परफ्यूम ज्यादा इस्तेमाल करना भी हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है? जी हां, अगर आप परफ्यूम बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो इससे आपको त्वचा और सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। इस विषय पर ज्यादा जानकारी लेने के लिए हमने बात कि फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल के पल्मोनरी मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ प्रदीप बजाद से।
ज्यादा परफ्यूम इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान- Harmful Effects of Overuse of Perfume
रेस्पिरेटरी इरिटेशन और सेंसिटिविटी- Respiratory Irritation and Sensitivity
परफ्यूम में इथेनॉल, एसीटोन और फॉर्मेल्डिहाइड जैसे कई कंपाउंड पाए जाते हैं। इन कंपाउंड के संपर्क में आने से रेस्पिरेटरी सिस्टम इरिटेट हो सकता है। इसके कारण आपको रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा हो सकता है। इसके कारण कई लोगों के खांसी, घरघराहट और अस्थमा का खतरा हो सकता है।
अस्थमा और सीओपीडी का बढ़ना- Exacerbation of Asthma and COPD
परफ्यूम की सिंथेटिक सुगंध कुछ लोगों में रेस्पिरेटरी सिस्टम को इरिटेट करने की वजह बन सकती है। जिन लोगों को अस्थमा या क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) रहती हैं, उन्हें परफ्यूम ज्यादा इस्तेमाल करने में इंफ्लेमेशन या ब्रोन्कियल हाइपररिस्पॉन्सिबिलिटी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसके कारण मरीज की समस्याएं बढ़ सकती है।
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फेफड़ों पर बुरा असर पड़ना- Impact on Lung Health
परफ्यूम में मौजूद केमिकल्स फेफड़ों पर बुरा असर डाल सकते हैं। परफ्यूम में फेथलेट्स नामक केमिकल्स भी इस्तेमाल किये जाते हैं, जो सांस के जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। फेथलेट्स में सांस लेने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस हो सकता है जिस कारण रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
केमिकल सेंसिटिविटी- Chemical Sensitivity
केमिकल सेंसिटिविटी या एलर्जी होने की वजहों में परफ्यूम भी शामिल हैं। लंबे समय तक परफ्यूम इस्तेमाल करने से क्रोनिक साइनस इंफ्लेमेशन हो सकता है। इसके कारण फेफड़ों काम करना धीमा कर सकते हैं और कई समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
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न्यूरोलॉजिकल और साइकोलॉजिकल इशुज- Neurological and Psychological Issues
परफ्यूम की सुगंध तेज होती है और ज्यादा समय तक रहती है। इसके कारण कुछ लोगों को सिरदर्द, चक्कर आना और उल्टी आने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ये सभी समस्याएं सांस लेने में परेशानी की वजह भी बन सकती हैं। जिन लोगों को सांस के जुड़ी समस्या रहती है, उनके लिए परफ्यूम इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है।
लेख में हमने जाना परफ्यूम ज्यादा इस्तेमाल करने से कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इसे कम मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, अगर आप परफ्यूम में ऑर्गेनिक ऑप्शन चुनते हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए ज्यादा सेफ होगा।