जेनरेशन गैप: क्या आपके घर में भी हैं तीन पीढ़ियां? रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए अपनाएं यह 13 टिप्स

एक घर में अगर तीन जनरेशन हैं तो इसका मतलब है तीन अलग-अलग सोच का एक घर में रहना। ऐसे मेंअपने संबंधों को स्ट्रांग बनाने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें

Garima Garg
Written by: Garima GargUpdated at: Nov 11, 2020 16:59 IST
जेनरेशन गैप: क्या आपके घर में भी हैं तीन पीढ़ियां? रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए अपनाएं यह 13 टिप्स

उम्र का फर्क केवल सफेद बालों से ही नजर नहीं आता। अनुभव भी इस बात का गवाह होता हैं कि पुरानी जेनरेशन की सोच वजनदार होती है। बीते सालों में अनेक परिस्थितियां आईं। जिसके कारण परिस्थितियों से मिलने वाले सबक बुजुर्ग ता उम्र ध्यान रखते हैं। और आने वाली जेनरेशन के लिए उन्हीं सबक को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं। तीनों जेनरेशंस का लाइफस्टाइल एकदम अलग है। दादा-दादी, माता-पिता और बच्चे इन तीनों की सोच अलग है। ऐसे में परिवार में मतभेद आ ही जाता है, जिसका असर संबंधों पर भी पड़ता है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे कि तीनों जेनरेशंस अगर अपने तालमेल सही से बैठाना चाहती हैं तो उन्हें किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पढ़ते हैं आगे...

generations gap

 

टीएजर्स रखें इन जरूरी बातों का ख्याल

  • इस उम्र में सभी बच्चों को लगता है कि उन पर बहुत ज्यादा पाबंदियां लगाई जा रही हैं। लेकिन बच्चे ऐसा ना सोचें और इस बात पर बड़ों से गुस्सा होने की भी जरूरत नहीं है। अगर बड़े ही किसी बात को लेकर पाबंदी लगा रहे तो वह सोचें कि ऐसा वह क्यों कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर अगर वह लेट नाइट पार्टी में जाने से रोकते हैं तो इसके पीछे वजह है सुरक्षा। ऐसे में अगर आप जाने की इच्छुक हैं तो अपने माता-पिता को जरूरी फोन नंबर, एड्रेस, अपने दोस्तों के नाम, आपक किस गाड़ी में जा रहे हैं आदि सारी जानकारी देकर जाएं।
  • अगर बड़े आपसे किसी दोस्त के बारे में या आपकी एक्टिविटीज के बारे में जानना चाहते हैं तो उन पर शक ना करके उन्हें पूरी जानकारी दें।
  • अपने व्यवहार से अपने माता-पिता का विश्वास जीतने की कोशिश करें। माता-पिता के साथ अपने दिल की बात शेयर करें और उनसे कभी भी झूठ ना बोलें। 

माता-पिता इन जरूरी बातों का रखें ख्याल

  • माता पिता का फर्ज बनता है कि आपके बच्चे अपनी दादी-दादा के साथ सही तालमेल बैठा कर चलें। ऐसे में अगर आप बड़ों का सम्मान करेंगे तो आपके बच्चे भी खुद सम्मान करेंगे।
  • अपने बच्चों को बदलने की बजाय उनके विचारों को समझने और उन्हें समझाने की कोशिश करें।
  • बच्चों पर अपने फैसले को थोपने के बजाय उन्हें तर्क देकर समझाएं।
  • अपने बच्चों के लिए गाइडलाइंस तैयार करें और अनुशासन में रहने की सामाजिक और नैतिक तरीके समझाएं।
  • क्योंकि आप दोनों पीढ़ियों के बीच की पीढ़ी है इसीलिए आप एक पुल का काम करते हैं ऐसे में दोनों के लाइफस्टाइल और विचारों को समझें और खुद को उस में ढ़ालें। दोनों के साथ मिलकर बातचीत करें। 

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दादी दादा जी इन जरूरी बातों का रखें ख्याल

  • क्योंकि आप बुजुर्ग है इसका मतलब यह नहीं है कि आप खुद को बदल नहीं सकते। वक्त के साथ चलने की कोशिश करें।
  • हमेशा कुछ नया सीखने और जानने की कोशिश करें।
  • अपने पोते पोतियो, बेटे-बेटी के साथ दोस्त बन कर रहें। 
  • नई जेनरेशन से कंप्यूटर इंटरनेट के बारे में नई नई चीजें हासिल करें।
  •  उनके साथ पिकनिक प्रोग्राम बनाएं इससे आप दोनों के रिलेशन अच्छे होंगे।
  • अपने पोते-पोतियों के साथ सीधे बातचीत करें। इसके लिए आप अपनी बहू बेटी की मदद ना लें। किसी बात की शिकायत है तो सीधे बच्चो से बात करें। इससे आपके संबंध बच्चं के साथ पक्के बनेंगे। 

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