अंडे के सफेद भाग भी हो सकता है सेहत के लिए नुकसान, जानें इसके 4 दुष्प्रभाव

अंडा सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं, अंडे के सफेद भाग का सेवन करने से कई तरह के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं, जानें इनके बारे में।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jul 27, 2017Updated at: Nov 11, 2019
अंडे के सफेद भाग भी हो सकता है सेहत के लिए नुकसान, जानें इसके 4 दुष्प्रभाव

क्या आप भी रोजाना अंडे खाते हैं? पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण अंडे को दुनियाभर में खाया जाता है और इससे सैकडों अलग-अलग तरह की डिशेज बनाई जा सकती हैं। आपने लोगों को ये कहते सुना होगा कि अंडे का पीला भाग (जर्दी) ज्यादा नहीं खाना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। लोग अंडे के सफेद हिस्से को इसीलिए सुरक्षित मानते हैं क्योंकि इसमें फैट कम होता है और कैलोरीज भी कम होती हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि अंडे का सफेद हिस्से का भी ज्यादा सेवन आपके लिए खतरनाक हो सकता है। जी हां, अंडे के सफेद हिस्से के भी कुछ दुष्प्रभाव होते हैं, जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।

सल्मोना बैक्टीरिया बना सकता है बीमार

अंडे के सफेद भाग में एक खास बैक्टीरिया में हो सकता है, जिसे सैलमोनेला कहते हैं। ये एक तरह का बैक्टीरियाहै, जो आमतौर पर चिकन के आंतों में पाया जाता है। लेकिन कई बार ये बैक्टीरिया अंडे के अंदर भी मौजूद हो सकता है। अगर आप इस बैक्टीरिया से प्रभावित अंडे से बना हाफ फ्राई या कच्चा अंडा खाते हैं, तो ये आपको बीमार बना सकता है। इससे बचने का एक आसान तरीका ये है कि अंडे को हाई टेम्प्रेचर पर पकाएं या उबालें, जिससे ये बैक्टीरिया नष्ट हो जाए। अधकच्चे या कम पके अंडों में इस बैक्टीरिया के होने की संभावना बनी रहती है।

इसे भी पढ़ें: फ्राई या उबला कौन सा अंडा होता है ज्‍यादा फायदेमंद

बायोटीन की हो सकती है कमी

कच्चे अंडे में एक अन्य बैक्टीरिया के पाए जाने की संभावना रहती है, जिसे एल्बुमेन (albumen) कहते हैं। ये बैक्टीरिया भी आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। अगर आप अंडे के सफेद भाग का सेवन कच्चा करते हैं, तो आपके शरीर में ये बैक्टीरिया प्रवेश कर सकता है। इस बैक्टीरिया का दुष्प्रभाव ये है कि ये आपके शरीर में मौजूद बायोटिन को नष्ट करने लगता है, जिसके कारण त्वचा संबंधी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं और बाल झड़ना शुरू हो सकते हैं। बायोटिन एक जरूरी तत्व है जो हमारे शरीर में त्वचा और बालों की ग्रोथ के लिए जरूरी होता है।

हो सकती है एलर्जी

एल्बुमेन प्रोटीन के कारण कई लोगों को एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। इस एलर्जी के कारण शरीर में  पित्ती उछलना, त्वचा पर दाने निकलना, सूजन आना, नजला, सांस की घरघराहट, दस्त, उल्टी, खांसी, ऐंठन, छींक, आदि समस्याएं हो सकती हैं। इन लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें, अन्यथा समस्या हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: अंडा बनाम चिकन: कौन है प्रोटीन का बेहतर स्रोत

प्रोटीन की ज्यादा मात्रा

चिकित्सकों के अनुसार अगर आपको किडनी से जुड़ी किसी तरह की कोई समस्या है, तो ज्यादा मात्रा में प्रोटीन आपके लिए खतरनाक हो सकता है। जिन लोगों का ग्लोमरगुलर फिल्टरेशन रेट (जिस गति से किडनी खून को फिल्टर कर मूत्र को अलग करती है) कम है, उनके लिए अंडे का प्रोटीन से खतरनाक हो सकता है। जिन लोगों को किडनी से जुड़ी समस्या है उन्हें 0.6 से 0.8 ग्राम प्रोटीन से ज्यादा नहीं लेना चाहिए। अगर किडनी या लिवर से जुड़ी कोई समस्या है, तो अंडे खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Read more Article Healthy Diet in Hindi

Disclaimer