जानें, क्या होती है फॉरेस्ट थेरेपी और क्या हैं इसके शरीर के​ लिए लाभ

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 19, 2018
Quick Bites

  • ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए फॉरेस्ट बादिंग या थेरेपी बहुत फायदेमंद है।
  • एडीएचडी से पीड़ित बच्चे के स्वास्थ्य पर ये थेरेपी बहुत अच्छा असर डालती है।
  • बहुत से लोग प्रकृति या नेचुरल जगहों पर समय बिताना पसंद करते हैं।

बहुत से लोग प्रकृति या नेचुरल जगहों पर समय बिताना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते थे कि ये सिर्फ हमें आनंद ही नहीं देता बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी देता है। जी हां, फॉरेस्ट थेरेपी भी एक ऐसी ही बढ़ती प्रथा है जो हमारे दिमाग और आपके शरीर के लिए बहुत लाभदायक है। यह थेरेपी खासकर के उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो हर वक्त चिंता और तनाव में रहते हैं। यह अद्भुत प्रैक्टिस जापान में शुरु हुई थी और इसे जापानी भाषा में शिन्रीन-योकू कहा जाता है।

इस मनोरंजक अभ्यास में आपको जंगलों में आराम के लिए एक यात्रा करनी पड़ती है।नैदानिक मनोवैज्ञानिक स्कॉट बीए, साइड कहते हैं कि इस थेरेपी की शुरुआत करने का मकसद लोगों को नेचुरल चीजों की ओर आकर्षित करना है। जंगल की जगहें, ध्वनियां और गंध हमें उस पल में सही ले जाती हैं, जिसके चलते हमारा मस्तिष्क अनुमान लगाना, याद करना, रोमानना और चिंता करना बंद कर देते हैं।

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सेहत के लिए क्यों फायदेमंद है ये

सामान्य ज्ञान कहता है कि जंगल की जगहों और ध्वनियों को लेने से व्यक्ति आराम महसूस करता है। फॉरेस्ट थेरेपी सिर्फ हमारे मस्तिष्क को ही नहीं बल्कि शरीर को भी आराम पहुचांती है। एक अध्ययन से पता चला है कि वन थेरेपी कोर्टिसोल, एक तनाव हार्मोन को कम कर देता है। एक और अध्ययन में पाया गया कि वन थेरेपी का रक्तचाप और एडीपोनेक्टिन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इतना ही नहीं ये रक्त शर्करा में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।

क्या हैं इसके अन्य लाभ

  • ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए फॉरेस्ट बादिंग या थेरेपी बहुत फायदेमंद है। इसे लेने से रक्तचाप सामान्य रहता है।
  • वन में स्नान करने से सकारात्मक भावनाओं में वृद्धि होती है, नेगेटिव भावनाएं कम हो जाती हैं और आप अपने बारे में बहुत अच्छा महसूस करते हैं। यानि कि इससे चिंता, अवसाद और डिप्रेशन में आराम मिलता है।
  • एडीएचडी (ADHD) से पीड़ित बच्चे के स्वास्थ्य पर ये थेरेपी बहुत अच्छा असर डालती है।
  • फॉरेस्ट बादिंग से रक्त में ग्लूकोज के स्तर को भी कम करने में मदद मिलती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए ये थेरेपी बहुत फायदेमंद है। 
  • मोटापे और ओबेसिटी के शिकार लोग यदि रोजाना आधे घंटे भी फॉरेस्ट थेरेपी लेते हैं तो अतिरिक्त कैलोरी को बर्न करने में मदद मिलती है।

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