पैसों की चिंता कहीं आपके रिश्तों को खराब तो नहीं कर रही, ये हैं बचाव के 5 तरीके

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 27, 2018
Quick Bites

  • दुनियाभर में प्रेम संबंध टूटने का तीसरा सबसे बड़ा कारण पैसा है।
  • याद रखिए, पैसा बहुत कुछ है मगर सबकुछ नहीं है।
  • अगर आपके रिश्ते में भी दरार बन रहा है पैसा, तो ये हैं 5 आसान टिप्स।

आपके लिए पैसे ज्यादा जरूरी हैं या आपका रिश्ता? इस सवाल का जवाब कठिन है क्योंकि इंसान के लिए दोनों ही चीजें जरूरी हैं। पैसों की चिंता कई बार आपके रिश्तों को खराब करने लगती है। अमेरिका के इंस्टिट्यूट फॉर डाइवोर्स फायनैंशियल ऐनलिस्ट्स के शोध के अनुसार, दुनियाभर में प्रेम संबंध टूटने का तीसरा सबसे बड़ा कारण पैसा है। याद रखिए, पैसा बहुत कुछ है मगर सबकुछ नहीं है। ऐसे बहुत से शादी-शुदा जोड़े हैं, जिनमें आए दिन पैसों को लेकर बहस और झगड़ा होता रहता है। लेकिन अगर आप थोड़ी समझदारी से काम लेंगे, तो न सिर्फ आपके पैसों से जुड़ी समस्या कम हो जाएगी बल्कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी आपका रिश्ता मजबूत बना रहेगा।

पैसों से जुड़ी बातें पार्टनर से करें शेयर

अक्सर घरों में देखा जाता है कि पति आर्थिक मामलों से जुड़ी बातों को पत्नी के साथ सलाह-मशविरा करना नहीं पंसद करते। कई बार तो उन्हे आर्थिक स्थिति के बारे में सही जानकारी भी नहीं होती है। से हालात आपके रिश्तों को प्रभावित करते है। कपल्स पैसे से जुडे़ दायित्वों को आपस में शेयर कर लें और पैसा खर्च करते समय एक-दूसरे से सलाह-मशवरा लें तो पैसा कभी भी रिश्तों में समस्या नहीं बन पाएगा। इंश्योंरेंस पॉलिसी, इंवेस्टमेंट प्लान आदि पर विचार-विमर्श करें।

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साथ मिलकर बनाएं घर का बजट

बजट बनाते समय पति-पत्नी को यह तय कर लेना चाहिए कि किसका पैसा कहां लगाया जाएगा, कौन महीने के बिल का भुगतान करेगा और कौन चेकबुक संभालेगा। पति-पत्नी को यह ध्यान रखना चाहिए कि जब उनमें से कोई भी एक तनाव में हो तो दूसरा पैसे के बारे में बात न करें। पैसा खर्च करने के मामले में दूसरा टोकता है तो कारण जाने बिना नाराज नहीं होना चाहिए। छिपाकर खर्च मत करें।

छोटे-बड़े सभी लक्ष्य तय करें

पैसों के विवाद से बचने का सबसे अच्छा तरीका ये है कि आप अपने सभी छोटे-बड़े आर्थिक लक्ष्यों को पहले से तय कर लें और अपने पार्टनर या पत्नी के साथ मशविरा कर लें, ताकि आप लक्ष्य के अनुसार खर्च में कटौती करके या पैसे कहीं जमा या इंवेस्ट करके पैसे बचा सकें। जैसे- अगर आपको नई गाड़ी लेनी है, तो अपने पार्टनर को इस लक्ष्य के बारे में बताएं। इसके बाद घर के जरूरी खर्च निकालकर छोटा-छोटा हिस्सा हर महीने या हर सप्ताह उस निश्चित लक्ष्य के लिए रखें। इससे आपके पैसे भी बचेंगे और आपके पार्टनर को भी खर्च करते समय परिवार की आर्थिक स्थिति का खयाल रहेगा।

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इमरजेंसी के लिए तैयार रहें

घर-परिवार में छोटी-मोटी समस्याएं और खर्चे लगे ही रहते हैं, जिनसे आप आसानी से निपट लेते हैं। मगर आप कुछ पैसा ऐसी आपातकालीन स्थितियों के लिए भी बचाकर रखें, जो अचानक आपके सामने आ जाती हैं, जैसे- आपके परिवार में कोई बीमार पड़ जाए, आपकी नौकरी छूट जाए या किसी हादसे में घर की जरूरी चीजों का नुकसान हो जाए आदि। ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए सबसे जरूरी चीज आपके रिश्तों का साथ और पैसा है। इसलिए आपातकालीन स्थितियों के लिए हमेशा थोड़ा या क्षमतानुसार पैसे बचाकर रखें।

पार्टनर के साथ मिलकर खर्च की सीमा तय करें

ज्यादातर रिश्तों में लड़ाई-झगड़े का मुख्य कारण सीमा से ज्यादा खर्च होता है। इसलिए अपने पार्टनर के साथ मिलकर अपने खर्च की सीमा तय करें। पार्टनर को ये बात समझाएं कि जरूरी सामानों से अलग फिजूल के सामानों या आदतों पर पैसे न खर्च करें। इसके अलावा ध्यान रखें कि रिश्तों में या पार्टनरशिप में ऐसा भ्रम न आने दें कि जो साथी कमा रहा है, वो अपने जरूरी खर्च के साथ शौक भी पूरे कर रहा है जबकि दूसरे साथी को जरूरी खर्च भी नहीं मिल पा रहा। इसलिए हमेशा पार्टनर के साथ मिलकर खर्च की सीमा तय करें।

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