फेसबुक, व्‍हाट्सऐप से ऐसे बनाएं रिश्‍तों को मजबूत, बस ध्‍यान रखें ये 5 बातें

अब हर कोई अपनों से लाइव चैट, कॉल और मैसेज के माध्‍यम जुड़ा है। हालांकि कई बार यही टेक्‍नोलॉजी आपसी रिश्‍तों के टूटने की वजह बनते हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्‍यम से बताएंगे कि रिश्‍तों को मजबूत बनाने के लिए सोशल मीडिया का क

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Mar 16, 2018
फेसबुक, व्‍हाट्सऐप से ऐसे बनाएं रिश्‍तों को मजबूत, बस ध्‍यान रखें ये 5 बातें

दुनिया की तरक्‍की में टेक्‍नोलॉजी का बहुत बड़ा रोल है, जिससे इंसान की जिंदगी अछूती नहीं रही है। टेक्‍नोलॉजी की ही देन है जिससे इंसानी रिश्‍ते मजबूत हुए हैं। कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट ने रिश्‍तों की दूरियां खत्‍म कर दी है। अब हर कोई अपनों से लाइव चैट, कॉल और मैसेज के माध्‍यम जुड़ा है। हालांकि कई बार यही टेक्‍नोलॉजी आपसी रिश्‍तों के टूटने की वजह बनते हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्‍यम से बताएंगे कि रिश्‍तों को मजबूत बनाने के लिए सोशल मीडिया का किस तरह से प्रयोग कर सकते हैं और कुछ ऐसी चीजें जिनसे आपको दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

सोशल मीडिया से बनाएं रिश्‍तों को मजबूत   

ग्रुप बनाएं
वैसे तो आप के व्हाट्सऐप पर दोस्तों के कई ग्रुप होंगे, लेकिन अब दोस्तों से हट कर कुछ और ग्रुप भी बनाएं जो रिश्तेदारों के हों। जैसे कि अपने पापा की तरफ और मम्मी की तरफ के रिश्तेदारों के 2 ग्रुप बनाएं और उन को एक अच्छा सा नाम दें। मम्मी की तरफ के ग्रुप को ननिहाल ग्रुप और पापा की तरफ के ग्रुप को अगर वह बड़ा है तो सुपर बिग फैमिली व स्वीट फैमिली जैसे नाम भी दे सकते हैं। आप के द्वारा दिया गया यह नाम ही रिश्तेदारों को इस ग्रुप से जुड़ने के लिए मजबूर करेगा। ग्रुप एडमिन होने के नाते आप को ही यह तय करना है कि ग्रुप में किनकिन लोगों को ऐड करना है, लेकिन ऐसा करते वक्त इस बात का भी ध्यान रखिएगा कि यह आप की पर्सनल पसंद और नापसंद पर निर्भर न करे कि आप किसे ग्रुप में ऐड कर रहे हैं।

विश करें
वैसे तो आजकल एकदूसरे का बर्थडे याद रखना मुश्किल काम है, लेकिन अगर ग्रुप में कोई एक मैंबर बर्थडे विश करने का मैसेज डाल दे तो बाकी सारे गु्रप मैंबर्स भी बर्थडे विश करने लगते हैं। इस से जिस का जन्मदिन है उसे अच्छा लगता है कि चलो आज सभी ने उसे विश कर के उस के दिन को स्‍पेशल बनाया। साथ ही सभी रिश्तेदार प्रत्यक्ष रूप में न सही परोक्ष रूप में एकदूसरे के बर्थडे में शामिल हो जाते हैं। उन में से कुछ तो ऐसे जरूर होंगे जो सोचेंगे कि चलो, आज बर्थडे के बहाने फोन भी कर लेते हैं और इसी के साथ एकदूसरे से बातचीत का सिलसिला शुरू हो जाता है।

फोटो शेयर करें
कोई त्योहार हो, बर्थडे या फिर कहीं घूमने जाने के फोटो हों, सभी लोग अपने और अपने परिवार के फोटो फेसबुक और व्हाट्सऐप पर भेजते रहें। इस से पास न हो कर भी एक दूसरे को देख कर पास होने का एहसास होता है। टीनएजर तो अपने दोस्तों के लाइक्स पर ही खुश हो जाते हैं, लेकिन मम्मी पापा के लिए यह बहुत बड़ी बात है कि उन के फोटो को उन के अपने सगे भाई बहन दूर होते हुए भी देख रहे हैं। सभी उन पर लाइक्स और कमैंट्स देते हैं तो भी अच्छा लगता है कि चलो हमारे फोटो को देखने वाला, उन्हें सराहने वाला कोई तो है। इस चक्कर में हम अगली बार कहीं जाते हैं तो और भी ज्यादा फोटो लेते हैं, क्योंकि उन पर लाइक्स जो बटोरने होते हैं।

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फेसबुक पर अकाउंट बनाएं
आप तो फेसबुक पर घंटों बतियाते ही हैं तो क्यों न इस वीकऐंड पर आप कुछ ऐसा करें, जिस से आप के साथ आप के पेरैंट्स भी फेसबुक पर घंटों बतिया सकें। ऐसा करने पर उन्हें आप का फेसबुक पर लगे रहना भी बुरा नहीं लगेगा और वे थोड़ा बिजी भी हो जाएंगे. इसलिए अपने पेरैंट्स का फेसबुक पर अकाउंट बनाएं। साथ ही अपने सभी रिश्तेदारों को फ्रैंड रिक्वैस्ट भेजें और अपने माता पिता के अकाउंट में उन्हें ऐड करें ताकि उन का अपना एक ग्रुप बन जाए और इसी बहाने वे सभी रिश्तेदारों के टच में रहें। यह एकदूसरे से जुड़े रहने का बेहतरीन टूल है, खासकर दूसरे देशों में रहने वाले रिश्तेदारों से बातचीत करने के लिए। सिर्फ यही नहीं बल्कि आप अपनी मम्मी के पुराने स्कूलकालेज के दोस्तों को भी फेसबुक के जरिए ढूंढ़ने में मदद करें। इस से वे बहुत खुश होंगे।

एक दूसरे करें चैट
हर समय किसी को फोन नहीं किया जा सकता, लेकिन चैटिंग के जरिए दिन में कई बार एक य एस दूसरे का हाल पूछ सकते हैं और एक दूसरे से लगातार संपर्क में बने रह सकते हैं। अगर मां को अंगरेजी में कुछ समस्या है तो उन्हें हिंदी में टाइप करने में मदद करें ताकि वे बेझिझक अपने मन की बात अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से कर सकें।

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बरतें सावधानी

  • ग्रुप में बहुत महिलाएं भी होंगी और कई बार छोटी छोटी बातें बहस का रूप भी ले सकती हैं। ऐसे में यह आप पर निर्भर करता है कि आप इस स्थिति को कैसे संभालते हैं।
  • आप ग्रुप एडमिन हैं तो ग्र्रुप को संभालने की जिम्मेदारी आप के ही कंधों पर है। ग्रुप में किसी विषय पर कोई चर्चा चल रही हो तो गुट न बनने दें, इस से रिश्तों पर असर पड़ेगा। क्योंकि यहां कोई गैर नहीं, सब अपने ही हैं।
  • ग्रुप में ऐसी चीजें न शेयर कें जिससे आपको शर्मिंदा होना पड़े।
  • आप फनी जोक्‍स भेजकर एक-दूसरे को हंसा सकते हैं मगर जोक्‍स साफ-सुथरे होने चाहिए।

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