इंटरनेट पर कद्दू के बीज के फायदे (kaddu ke beej ke fayde) पढ़ रही थी, तभी एक सवाल मिला कि क्या कद्दू के बीज खाने से टेस्टोस्टेरोन बढ़ता है? (kya kaddu ke beej khane se testosterone badhta hai) इस सवाल का जवाब जानने से पहले यह समझ लेते हैं कि टेस्टोस्टेरोन आखिर है क्या? टेस्टोस्टेरोन एक मेल हार्मोन है जो अंडकोष में बनता है। स्पर्म के उत्पादन और शरीर के अन्य कार्यों के लिए यह हार्मोन अहम भूमिका निभाता है। हर व्यक्ति की नींद, उसका खानपान, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और लाइफस्टाइल के आधार पर यह तय होता है कि टेस्टोस्टेरोन का लेवल सही है या नहीं। इस लेख में आगे एक्सपर्ट की मदद से जानेंगे कि क्या वाकई कद्दू के बीज टेस्टोस्टेरोन को बढ़ा देते हैं? इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
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पंपकिन सीड्स को टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने का सप्लीमेंट न समझें
टेस्टोस्टेरोन का लेवल बढ़ाने में कद्दू के बीज सीधे तौर पर फायदेमंद नहीं हैं, लेकिन इनके जरिए शरीर को कुछ जरूरी न्यूट्रिएंट्स मिल जाते हैं जिससे टेस्टोस्टेरोन का लेवल बढ़ाने में मदद मिलती है। हालांकि टेस्टोस्टेरोन पर कद्दू के बीज का बुरा असर भी नहीं होता है। टेस्टोस्टेरोन का लेवल बढ़ाने के लिए शरीर को जिंक की जरूरत होती है। अगर शरीर में जिंक की कमी है, तो टेस्टोस्टेरोन का लेवल गिर सकता है। भारतीय लोगों की डाइट में जिंंक की कमी होना एक आम समस्या है क्योंकि हमारी डाइट में कार्ब्स की मात्रा ज्यादा होती है और प्रोटीन की मात्रा कम होती है। कद्दू के बीज में जिंक होता है, अगर किसी के शरीर में जिंक की कमी है, तो कद्दू के बीज खाने से जिंक का लेवल सुधरता है और टेस्टोस्टेरोन का लेवल बढ़ाने में मदद मिलती है।
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पीसीओडी के इलाज में फायदेमंद हैं पंपकिन सीड्स

पीसीओडी में कद्दू के बीज का सेवन फायदेमंद है क्योंकि इस कंडीशन में एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन का लेवल कम होने लगता है। Dietitian Smita Singh ने बताया कि जो महिलाएं पीसीओडी की समस्या से पीड़ित हैं उन्हें डाइट में पंंपकिन सीड्स को शामिल करने की सलाह दी जाती है। कद्दू के बीज का सेवन करने से एस्ट्रोजन लेवल को बढ़ाने में मदद मिलती है।
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पंपकिन सीड्स को डाइट में कैसे शामिल करें?- How To Consume Pumpkin Seeds
टेस्टोस्टेरोन लेवल को सपोर्ट करने के लिए पंपकिन सीड्स फायदेमंंद होते हैं। इनमें जिंक और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है। रोजाना एक से दो टेबलस्पून कद्दू के बीजोंं को डाइट में शामिल कर सकते हैं। एक से दो टेबलस्पून का मतलब है करीब 28.35 ग्राम (approx. 1 oz) मात्रा का सेवन कर सकते हैं। टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के उत्पादन के लिए पंपकिन सीड्स फायदेमंद माने जाते हैं। इनका सेवन करने से स्पर्म क्वालिटी और प्रोस्टेट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष:
कद्दू के बीज खाने से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन नहीं बढ़ता बल्कि टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन में मदद मिलती है। कद्दू के बीज, फीमेल हार्मोन एस्ट्रोजन को बढ़ाने में भी मदद करते हैं जिससे पीसीओडी की समस्या कंट्रोल होती है।
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Video Credit: Dr. Manan Vora
FAQ
टेस्टोस्टेरोन क्या होता है?
टेस्टोस्टेरोन एक हार्मोन है जो प्रजनना क्षमता, मांसपेशियों के विकास, एनर्जी लेवल, हड्डियों की सेहत जैसे जरूरी कार्यों से जुड़ा हुआ है।पुरुषों में सामान्य टेस्टोस्टेरोन का स्तर क्या है?
वयस्क पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का सामान्य स्तर 300 से 1000 ng/dl माना जाता है। अगर टेस्टोस्टेरोन का स्तर 300 से कम है, तो डॉक्टर इलाज और दवाओं का सेवन करने की सलाह दे सकते हैं।टेस्टोस्टेरोन की कमी से क्या होता है?
टेस्टोस्टेरोन की कमी से पुरुषों में स्पर्म काउंट कम हो सकता है, बोन डेंसिटी में गिरावट, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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Feb 13, 2026 14:13 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Feb 13, 2026 14:13 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh