Fri Sep 11, 2026 | 08:24 PM IST

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क्या लौंग फेफड़ों को डिटॉक्स करता है? बढ़ते एयर पॉल्युशन के बीच आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें सच्चाई

Cloves for lungs detox: दिल्ली-एनसीआर की हवा इस समय बेहद खराब है और ऐसे में लौंग जैसी चीजों का सेवन फेफड़ों को डिटॉक्स करने के साथ इसे हेल्दी रखने में मददगार है। कैसे, आइए जानते हैं।

Cloves for lungs detox: दिल्ली-एनसीआर की हवा इन दिनों काफी खराब है। साथ ही तापमान में गिरावट के साथ ठंड भी बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में कुछ लोग फेफड़ो से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं। जिन लोगों को पहले से ही फेफड़ों की बीमारी रही है उनमें ये मौसम कई समस्याओं का कारण बन सकता है। ये ब्रोंकाइटिस और निमोनिया की भी वजह बन सकता है जिससे सांस लेने में तकलीफ के साथ सीने में घरघराहट आदि की समस्या महसूस होती है। इसके अलावा इस मौसम में कफ और कंजेशन की समस्या भी लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसे में लौंग का सेवन कैसे मददगार हो सकता है आइए, जानते हैं इस बारे में रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से।

क्या लौंग फेफड़ों को डिटॉक्स करता है?

आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि इस मौसम में जब सर्दी और प्रदूषण की वजह से लोग परेशान हैं और उनकी सेहत प्रभावित है, ऐसे में लौंग के कुछ खास गुण फेफड़ों की सेहत को बेहतर बनाने के साथ बीमारियों से लड़ने की इनकी क्षमता बढ़ा सकते हैं। लौंग की खास बात ये है कि इसमें एंटी इंफ्लेमटरी गुण होते हैं जो कि फेफड़ों में सूजन को कम करने के साथ ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।

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खांसी-जुकाम कम करने में मददगार है

लौंग को पारंपरिक चिकित्सा में फेफड़ों के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें यूजेनॉल जैसे यौगिक (Eugenol in cloves) होते हैं जो फेफड़ों की सूजन को कम करने और श्वसन मार्ग को साफ करने में मदद करते हैं, जिससे खांसी, जुकाम और अस्थमा में आराम मिल सकता है।

लौंग के एंटीऑक्सीडेंट फेफड़ों के लिए फायदेमंद

लौंग के एंटीऑक्सीडेंट एक्सपेक्टोरेंट की तरह काम करते हैं जिससे बलगम ढीला होता है और श्वसन मार्ग में जकड़न दूर होती है। इससे फेफड़ों की सफाई होती है और सांस लेने में दिक्कत नहीं होती। इसके अलावा लौंग में मौजूद फ्लेवोनोइड्स ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ते हैं, जिससे फेफड़ों और कोशिकाओं का समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है।

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बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाव में मददगार है

लौंग के एंटीबैक्टीरियल गुण इंफेक्शन को कम करने में मदद करते हैं। इसके रोगाणुरोधी गुण श्वसन संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद करते हैं। इस वजह से मौसम इंफेक्शन जिनकी वजह से खांसी-जुकाम की समस्या होती है उनसे बचाव में मदद मिलती है।

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फेफड़ों की सेहत के लिए लौंग का सेवन कैसे करें-How to use cloves benefits for lungs

फेफड़ों की सेहत के लिए लौंग का सेवन काफी फायदेमंद है। आप 4-5 साबुत लौंग को गर्म पानी में 10 मिनट तक उबालकर पी सकते हैं। इसके अलावा अगर आपके गले में खराश है तो अतिरिक्त आराम के लिए शहद और अदरक को लौंग के पानी में मिलाकर पिएं।

इसके अलावा लौंग का तेल पानी में डालकर इसका भाप ले सकते हैं जो कि कफ और कंजेशन को कम करने के साथ फेफड़ों को आराम दिलाने में मददगार है।

तो इन तमाम टिप्स को अपनाएं और सेहतमंद रहने के लिए इस मौसम में लौंग का सेवन जरूर करें। बस इसे ज्यादा मात्रा में न लें क्योंकि ये गर्म है और इसका ज्यादा सेवन शरीर में पित्त की समस्या को बढ़ा सकता है। इसके अलावा इसके ज्यादा सेवन से पेट की गर्मी बढ़ सकती है और दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं।

FAQ

  • सुबह लौंग का पानी पीने से क्या होता है?

    सुबह लौंग का पानी पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है और शरीर एंटीबैक्टीरियल बीमारियों से बचा रहता है। इसके अलावा इससे शरीर में सूजन कम होने के साथ कई बीमारियों से बचाव होता है।
  • क्या रोज लौंग के साथ पानी पीना सुरक्षित है?

    रोज लौंग का पानी पीना बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है। इससे शरीर की गर्मी बढ़ सकती है और आपका पित्त दोष असंतुलित हो सकता है जिससे सेहत से जुड़ी दूसरी समस्याएं हो सकती है। इसलिए रोज लौंग का पानी पीने से बचें।
  • लौंग गर्म है या ठंडा?

    लौंग की तासीर गर्म होती है और इसलिए इसका सेवन शरीर की गर्मी बढ़ा सकता है। हालांकि, ज्यादा मात्रा में इसका सेवन न करें क्योंकि इससे आपको नुकसान हो सकता है।

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 22, 2025 17:39 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Dec 22, 2025 17:39 IST

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