हमारे शरीर का हर हिस्सा एक दूसरे से किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ है। ऐसे में क्या आपने कभी ये महसूस किया है कि अच्छी नींद लेने के बाद भी कुछ लोगों को कमजोरी और थकान महसूस होती है, जिसे अक्सर हम एनर्जी की कमी या स्ट्रेस के साथ जोड़ते हैं। हालांकि, आयुर्वेद में इस समस्या को अलग ही नजर से देखा जाता है। आयुर्वेद मानता है कि हमारा शरीर सात तरह की धातुओं से बना है, जो हमारे शरीर के लिए एक चेन की तरह काम करती है। ऐसे में अगर इस चेन की एक भी कड़ी कमजोर होती है तो हमारे पूरे शरीर की नींव डगमगा सकती है, खासकर हमारी खानपान की आदतों के कारण। ऐसे में आइए आज के इस लेख में हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि धातुक्षय क्या है और गलत खानपान की आदत का इस पर क्या असर पड़ता है?
आयुर्वेद के अनुसार धातुक्षय क्या है?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि, आयुर्वेद के अनुसार हमारा शरीर सात धातुओं यानी टिश्यू से बना होता है। आयुर्वेद में इन्हें सप्त धातु कहा जाता है। ये धातु शरीर को ताकत, पोषण और संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं। ऐसे में जब इन धातुओं में से किसी भी धातु की मात्रा या गुणवत्ता कम हो जाती है तो उस स्थिति को धातुक्षय कहा जाता है। आसान शब्दों में कहें तो धातुक्षय का मतलब होता है शरीर के अंदर की ताकत और पोषण का कम हो जाना।
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शरीर के सात धातु क्या हैं?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा ने बताया कि हमारे शरीर के सात धातु इस तरह हैं-
- रस धातु- खाने से बनने वाला पहला पोषक तत्व होता है
- रक्त धातु- खून होता है
- मांस धातु- जो हमारी मांसपेशियां होती हैं
- मेद धातु- चर्बी या फैट होती है
- अस्थि धातु- हमारी हड्डियां
- मज्जा धातु- बोन मैरो और नसें होती है
- शुक्र धातु- फर्टिलिटी और एनर्जी
धातुक्षय कैसे होता है?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के मुताबिक, हम जो भी खाते हैं वो हमारे शरीर के लिए पोषक तत्वों से भरपूर और आसानी से पचने वाला होना चाहिए, क्योंकि जब हम भोजन को सही तरह से पचाते हैं तो एक धातु से दूसरी धातु बनती है। अगर पाचन ठीक न हो या खाना हमारी सेहत के लिए सही न हो तो यह प्रक्रिया कमजोर होने लगती है और धातुक्षय शुरू हो सकता है।
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खराब खाने की आदतें कैसे बनती हैं धातुक्षय का कारण?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि वर्तमान की लाइफस्टाइल में लोगों की खाने की आदतें बहुत ज्यादा खराब हो गई हैं, जो धातुक्षय का कारण बनती हैं। आइए जानते हैं कैसे?
1. जंक फूड और तला-भुना खाना
बर्गर, पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक आदि जैसे जंक फूड्स खाने में बहुत स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन इनमें पोषण की कमी होती है। ऐसे भोजन आपके पाचन अग्नि को कमजोर कर देते हैं, जिससे धातुएं ठीक तरह से नहीं बन पाती हैं।
2. खाना छोड़ देना
वजन कम करने या समय की कमी के कारण कई लोग सुबह का नाश्ता या देर से लंच और डिनर करते हैं, जो आपके शरीर को समय पर पोषण नहीं देने देता है। ऐसे में जब आपके शरीर को सही समय पर खाना नहीं मिलता है तो धातुओं को बनने के लिए जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं, जिसके कारण आपके शरीर में कमजोरी बढ़ने लगती है।
3. ज्यादा डाइटिंग करना
पतले होने के लिए लोग कई तरह की और बहुत ज्यादा डाइटिंग करने लगते हैं, जिसके कारण अचानक आपके शरीर में पोषक तत्वों की बहुत ज्यादा कमी होने लगती है। लगातार कम भोजन खाने के कारण रस और रक्त धातु सबसे पहले कमजोर होते हैं और इसके बाद धीरे-धीरे अन्य धातुओं पर इसका असर पड़ता है।
4. बासी और पैकेट वाला फूड खाना
फ्रिज में रखा बासी खाना या ज्यादा पैकेट वाले फूड खाने से भी शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं। टॉक्सिन बनने के कारण आपका पाचन खराब होता है और धातुओं के बनने की प्रक्रिया रुक जाती है।
निष्कर्ष
आयुर्वेद के अनुसार धातुएं हमारे शरीर की नींव होती हैं, जिन्हें बेहतर तरीके से बनने के लिए हेल्दी, संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों की जरूरत होती है। लेकिन अगर आप सही तरह का भोजन नहीं करेंगे और गलत खान-पान की आदतें अपनाएंगे तो धातुक्षय होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।
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Feb 24, 2026 11:34 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Feb 24, 2026 11:34 IST
Modified By : Katyayani TiwariFeb 24, 2026 11:34 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma