Kadha For Winter End Benefits Recipe: सर्दी जा रही है और जल्द ही गर्मी का मौसम आने वाला है। इस दौरान दिन में गर्मी का एहसास होता है, जबकि सुबह और रात के समय ठंड लगती है। इस बदलते मौसम में वूलेन कपड़े पहनने हैं या सूती, समझ ही नहीं आता है। गर्म कपड़े पहनो तो ठंड लगती है और सूती कपड़े पहनें तो सर्दी-जुकाम लगने का रिस्क रहता है। बदलते मौसम में इस तरह की कशमश सबकी बनी रहती है। निश्चित रूप से आपके साथ भी ऐसा होता होगा। कई बार तमाम कोशिशों के बावजूद सर्दी-खांसी हो जाती है। इस तरह की परिस्थितियों में काढ़ा एक अच्छा विकल्प होता है। हालांकि, कड़ाके की सर्दी में काढ़ा पीना शरीर के लिए सुरक्षित होता है। इसलिए, यह सवाल जरूर मन में उठता है कि क्या जाती सर्दी में काढ़ा पीना सेफ है? आइए, जानते हैं कि इन दिनों किस तरह का काढ़ा पीना होता है और उसकी रेसिपी क्या है? इस बारे में जानने के लिए हमने सिरसा के रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा (Ayurvedic doctor Shrey Sharma from Ramhans Charitable Hospital) से बात की।
जाती सर्दी के काढ़े की रेसिपी- Recipe Of Kadha For Winter End
- तुलसी, मघ, सोंठ और बहेड़ा आवश्यकतानुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लें।
- सभी सामग्री को एक साथ पानी में उबाल लें।
- उबाल आने पर गैस बंद कर दें।
- आपका सर्दियों का काढ़ा तैयार है।
इसे भी पढ़ें: सर्दी-खांसी का रामबाण इलाज हैं ये 3 आयुर्वेदिक काढ़े, जानें बनाने का तरीका
जाती सर्दी में काढ़ा पीने के फायदे- Benefits Of Kadha For Winter End
-1771853719488.jpg)
चूंकि, इस काढ़े के बनाने में ऐसी सामग्रियों का उपयोग नहीं किया जा रहा है, जो कि अधिक गर्म है। इसलिए, इसे जाती सर्दी में सीमित मात्रा में उपयोग किया जा सकता है। इससे आपको कई तरह के लाभ मिल सकते हैं, जैसे जाती सर्दी में अक्सर लोग बंद नाक या बहनी नाक से परेशान रहते हैं। असल में, यह मौसम बुहत सेंसिटिव होता है और जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, वे आसानी से बीमार पड़ सकते हैं। वहीं, जब आप सीमित मात्रा में घर में बने इस तुलसी, मघ, सोंठ और बहेड़ा से बने काढ़े का सेवन करते हैं, तो इसमें मौजूद इंफ्लेमेटरी तत्व सेहत में सुधार करते हैं, इम्यूनिटी बूस्ट करते हैं और बंद नाक की समस्या से राहत दिलाते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार सर्दी-जुकाम से कैसे बचें?
आयुर्वेदिक विशेषज्ञ बताते हैं कि इस मौसम में सर्दी-जुकाम से बचने के लिए कुछ टिप्स अपनाने जरूरी हैं, जैसे-
| क्रम | क्या न करें | क्या करें |
| 1. | जब भी घर से बाहर निकलें मास्क जरूर पहनें। | उबला हुआ सलाद खाएं। |
| 2. | डेयरी प्रोडक्ट का सेवन कम करें। | हरी सब्जियों का सेवन अधिक करें। |
| 3. | रात को लेट नाइट डिनर न करें। | हल्का मील लें। |
| 4. | तली-भुनी चीजों से दूर रहें। | भूख न हो, तो न खाएं। |
| 5. | अनाज का सेवन कम करें। |
एक्सपर्ट की सलाह
चूंकि, मौसम बदल रहा है। बदलते मौसम में हम काढ़े के लिए ऐसी सामग्री का उपयोग नहीं करेंगे, जिनकी तासीर बहुत ज्यादा गर्म है। जैसे काली मिर्च का इस्तेमाल करना सही नहीं है। असल में अब पित्त बढ़ने का समय है, इसलिए काली मिर्च जैसी तीक्ष्ण चीजें पेट में जलन कर सकती हैं। इसके अलावा, काढ़ा बनाते वक्त यह भी ध्यान रखें कि आापको किस तरह का बलगम आ रहा है? अगर पीला या हरा बलगम आ रहा है, तो यह पित्त का लक्षण है। ऐसे में आपको सौंठ और तुलसी से बना काढ़ा पी सकते हैं। हां, इसके साथ-साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि काढ़ा बहुत देर तक उबालें नहीं और न ही इसकी मात्रा अधिक रखें। साथ ही अगर किसी को एसिडिटी की समस्या है, तो उन्हें भी इसका सेवन कम करना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: सर्दियों में बलगम और कफ से हैं परेशान? ये आसान उपाय दिलाएंगे तुरंत आराम
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि हमें जाती सर्दी में काढ़ा बनाने के लिए ऐसी सामग्री का उपयोग करना है, जिन्हें हजम करना मुश्किल न हो। जैसे यहां बताए गए काढ़े में तुलसी, बहेड़ा और मघ का इस्तेमाल किया गया है। तुलसी की तासीर हल्की गर्म होती है, बहेड़ा की तासरी ठंडी होती है और मघ की तासीर भी गर्म मानी जाती है। बहरहाल, आप अपनी जरूरत और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए काढ़ा तैयार कर सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि अगर किसी सामग्री से एलर्जी है, तो इसका उपयोग न करें।
All Image Credit: Freepik
FAQ
क्या इस मौसम में काली मिर्च वाला काढ़ा नुकसान कर सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार काली मिर्च का तासीर काफी ज्यादा गर्म होती है। इसका सेवन करने से पित्त बढ़ता है। इसलिए, अगर पहले से ही पित्त हाई है, तो काली मिर्च वाले काढ़े का सेवन न करें।एक दिन में कितना काढ़ा पीना सुरक्षित है?
बदलते मौसम में दिन में सिर्फ एक बार काढ़ा पीना पर्याप्त होता है। आप खाली पेट काढ़ा न पिएं।क्या बच्चों को काढ़ा दिया जा सकता है?
अगर आपका बच्चा 5 साल से अधिक उम्र का है, तो आप उसे महज दो चम्मच काढ़ा पिला सकते हैं। हालांकि, सभी सामग्री की मात्रा का ध्यान अवश्य रखें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Feb 24, 2026 11:03 IST
Modified By : Meera Tagore Feb 24, 2026 11:03 IST
Modified By : Meera TagoreFeb 24, 2026 11:03 IST
Modified By : Meera TagoreFeb 24, 2026 11:03 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shrey Sharma