Fri Sep 11, 2026 | 07:20 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो तुलसी और गिलोय से बढ़ाएं इम्यूनिटी, जानें तरीका

बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी और कमजोरी महसूस होना काफी आम बात है। इस समस्या से राहत पाने के लिए आप गिलोय और तुलसी का सेवन एक साथ कर सकते हैं, आइए इस लेख में इन्हें एक साथ लेने के फायदों के बारे में-

मौसम में बदलाव होने के साथ कई लोगों को सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, गले में खराश और कमजोरी की समस्या होना काफी आम बात है। बदलते मौसम में इन समस्याओं के होने का कारण शरीर के इम्यून सिस्टम के कमजोर होने के कारण होता है। इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण आपके शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत कम हो जाती है, जिसके कारण अक्सर वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन की चपेट में आना नॉर्मल हो जाता है। आयुर्वेद में इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए कई नेचुरल उपाय बताए गए हैं, जिसमें गिलोय और तुलसी का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है। आइए आज के इस लेख में हम हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि इम्यून सिस्टम के लिए गिलोय और तुलसी एक साथ खाने के क्या फायदे हैं?

इम्यूनिटी के लिए तुलसी-गिलोय एक साथ खाने के फायदे

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि, तुलसी और गिलोय दोनों ही औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जिनका सेवन न सिर्फ आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है, बल्कि शरीर की कमजोरी दूर कर आपको बार-बार बीमार पड़ने से भी रोकती है। आइए जानते हैं इन्हें एक साथ खाने के क्या फायदे हैं-

1. पाचन को बेहतर रखता है

तुलसी और गिलोय का सेवन एक साथ करने से आपका पाचन तंत्र मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। तुलसी गैस, अपच और पेट दर्द से राहत दिलाती है। गिलोय आपके शरीर से टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है। इन दोनों को मिलाकर लेने से आपकी पाचन शक्ति मजबूत बनती है, जिससे पाचन बेहतर रहता है।

2. क्रोनिक बुखार से राहत

गिलोय का सेवन क्रोनिक बुखार में काफी फायदेमंद माना जाता है, जबकि तुलसी शरीर को इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है। इसलिए, इन दोनों को मिलाकर लेने से बार-बार होने वाले बुखार को कम करने में मदद मिल सकती है।

इसे भी पढ़ें: पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक, गंधराज नींबू है हर मर्ज की दवा; जानें इसे डाइट में शामिल करने का सही तरीका

3. श्वसन तंत्र को मजबूत बनाएं

तुलसी में कफ कम करने वाले गुण होते हैं और गले की खराश से राहत दिलाती है। वहीं गिलोय का सेवन एलर्जी और सांस से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद होता है। इसलिए, बदलते मौसम में तुलसी और गिलोय का सेवन कफ सर्दी-खांसी से राहत दिलाने में मदद मिलती है।

4. वायरल इंफेक्शन से बचाव

तुलसी और गिलोय दोनों में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को बेहतर रखने में मदद करते हैं, जिससे वायरल इंफेक्शन से लड़ने की ताकत बढ़ती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के इस रिसर्च के अनुसार, "तुलसी एक पावरफुल इम्यूनोमोड्यूलेटर के रूप में काम करती है। यह नेचुरल किलर सेल्स और टी-हेल्पर सेल्स के लेवल को बढ़ाकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।"

01 - 2026-02-24T092115.360

तुलसी-गिलोय का सेवन कैसे करें?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के मुताबिक, तुलसी और गिलोय का सेवन आप कई तरह से कर सकते हैं, जैसे-

1. तुलसी-गिलोय काढ़ा

तुलसी और गिलोय का काढ़ा पीना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए आप 5 से 6 तुलसी की पत्तियां, 1 छोटा टुकड़ा गिलोय और 1 गिलास पानी लें। पानी में तुलसी और गिलोय की पत्तियां डालकर 5 मिनट तक अच्छी तरह उबालें और जब पानी आधा हो जाए तो इसे छान लें। आप इस काढ़े को दिन में एक बार सुबह खाली पेट या शाम के समय में कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: जाती सर्दी कर रही है बीमार और कमजोर? जानें कैसे करें इम्यूनिटी को री-सेट

2. चाय में मिलाकर

तुलसी और गिलोय का काढ़ा पीना अगर आपको पसंद नहीं है तो आप इसे चाय में मिलाकर भी पी सकते हैं। इसके लिए आप अपनी रोज की चाय में 3-4 तुलसी की पत्तियां और थोड़ा सा गिलोय पाउडर मिलाकर भी पी सकते हैं।

निष्कर्ष

बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ने वाले लोग अपनी डाइट में गिलोय और तुलसी के पत्ते को एक साथ शामिल कर सकते हैं। इससे आप की इम्यूनिटी बूस्ट होगी, इंफेक्शन से लड़ने और शरीर की कमजोरी दूर करने में मदद मिलती है। हालांकि, ध्यान रहे बहुत ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से बचें, क्योंकि ज्यादा मात्रा में इसे लेने से आपको पेट में जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
Image Credit: Freepik

Read Next

कब्ज के ल‍िए इसबगोल या त्रिफला, क्या है ज्‍यादा असरदार?

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Feb 24, 2026 09:29 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Feb 24, 2026 09:29 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Feb 24, 2026 09:29 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Feb 24, 2026 09:29 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content