Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

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गिलोय का काढ़ा, जूस या चाय - रोज पीना कितना सुरक्षित है? आयुर्वेदाचार्य से जानें

गिलोय इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है, लेकिन रोजाना और ज्यादा मात्रा में लेने से कुछ लोगों में साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। सही मात्रा में सेवन जरूरी है।

आयुर्वेद में गिलोय को एक बेहद प्रभावी औषधि माना जाता है, जिसे इम्यूनिटी बढ़ाने, बुखार कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। खासतौर पर कोरोना काल के बाद से गिलोय का उपयोग काफी बढ़ गया है, कई लोग सुबह खाली पेट गिलोय का जूस पीते हैं, तो कुछ काढ़ा या चाय के रूप में इसका सेवन करते हैं। लेकिन क्या गिलोय का रोजाना सेवन करना पूरी तरह सुरक्षित है? इस सवाल का जवाब इतना सीधा नहीं है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, गिलोय जितनी फायदेमंद है, उतनी ही सावधानी से इसका इस्तेमाल भी जरूरी है।

क्या रोज गिलोय लेना सुरक्षित है?

आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि गिलोय का काढ़ा, जूस या चाय बनाकर सेवन करना आम बात है, लेकिन इसकी मात्रा और समय को लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, गिलोय का सेवन हमेशा आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। बिना सलाह के लंबे समय तक इसका सेवन करने से शरीर पर विपरीत असर पड़ सकता है। आमतौर पर गिलोय को कुछ हफ्तों या निर्धारित समय तक ही लिया जाता है, ताकि शरीर को इसका फायदा मिले और किसी तरह का साइड इफेक्ट न हो। सीमित मात्रा और तय समय तक गिलोय का सेवन लाभकारी हो सकता है, लेकिन इसे लंबे समय तक रोजाना लेना जरूरी नहीं कि हर किसी के लिए सुरक्षित हो।

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बिना पहचान के गिलोय तोड़ना पड़ सकता है भारी

डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि गिलोय की बेल को कहीं से भी तोड़कर उपयोग में नहीं लेना (Can we have giloy everyday) चाहिए। बाजार या जंगल में मिलने वाली हर बेल असली गिलोय नहीं होती। गिलोय की एक ऐसी वैरायटी भी पाई जाती है, जो देखने में बिल्कुल गिलोय जैसी लगती है, लेकिन उसमें नेफरोटॉक्सिक (किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले) गुण होते हैं। अगर गलती से इस प्रकार की बेल का सेवन कर लिया जाए, तो इससे किडनी फेल होने का खतरा भी हो सकता है। इसलिए गिलोय का उपयोग करने से पहले उसकी पहचान किसी बॉटेनिकल एक्सपर्ट से जरूर करवा लेनी चाहिए।

is it safe to take giloy daily

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किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए गिलोय का असर भी सभी पर एक जैसा नहीं होता। जिन लोगों को पहले से किडनी की समस्या, डायबिटीज या ऑटोइम्यून डिजीज है, उन्हें गिलोय का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा प्रेग्नेंट महिलाएं और स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसका सेवन न करें।

निष्कर्ष

गिलोय एक पावरफुल आयुर्वेदिक औषधि है, लेकिन इसका सही उपयोग ही इसे फायदेमंद बनाता है। बिना पहचान के गिलोय का उपयोग करना या लंबे समय तक इसका सेवन करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए बेहतर यही है कि गिलोय को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाने से पहले किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। सही मात्रा और सही समय पर लिया गया गिलोय ही आपके शरीर को लाभ पहुंचा सकता है, न कि नुकसान।

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FAQ

  • गिलोय का सेवन किस समय करना बेहतर होता है?

    आमतौर पर सुबह खाली पेट गिलोय का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है।
  • क्या गिलोय से किडनी को नुकसान हो सकता है?

    अगर गलत वैरायटी की गिलोय का सेवन किया जाए, तो इसमें मौजूद नेफरोटॉक्सिक गुण किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • क्या डायबिटीज के मरीज गिलोय ले सकते हैं?

    ले सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूरी है क्योंकि यह ब्लड शुगर को कम कर सकता है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 04, 2026 11:58 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • May 04, 2026 11:58 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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