भारत में ये 10 बीमारियां हर साल बनती हैं सबसे ज्यादा लोगों की मौत का कारण, जानें इनके शुरुआती लक्षण

Deadliest Diseases : कई ऐसी गंभीर बीमारियां हैं, जो लोगों की जान पर भारी पड़ती हैं। भारत में सबसे 10 घातक बीमारियां, जो मौतों का कारण बनती हैं।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jun 25, 2021Updated at: Jun 25, 2021
भारत में ये 10 बीमारियां हर साल बनती हैं सबसे ज्यादा लोगों की मौत का कारण, जानें इनके शुरुआती लक्षण

हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से परेशान रहता है। लेकिन कई लोग कुछ ऐसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित रहते हैं, जिनमें जान जाने का खतरा बना रहता है। भारत में कई ऐसी गंभीर बीमारियां हैं, जो लोगों की मौत का कारण बनती हैं। इसमें हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक और सांस की बीमारियां सबसे ज्यादा व्यक्ति को प्रभावित करते हैं। भारत में इन बीमारियों से सबसे ज्यादा लोगों की जान जाती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी बीमारियों और उनके शुरुआती लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे देश में सबसे ज्यादा मौते होती हैं।

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1. हृदय रोग (Heart Disease)

कई तरह के ऐसे रोग है, जो हृदय को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इसलिए इन्हें हृदय रोग कहा जाता है। भारत में हृदय रोग मौतों का एक प्रमुख कारण है। देश में लगभग 24 प्रतिशत मौते हृदय रोग के कारण होती हैं। ऐसे में इस रोग की गंभीरता से लेना बहुत जरूरी होता है। भारत में हर साल लाखों की संख्या में लोग हृदय रोग के शिकार होते हैं। इसके मरने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। हृदय रोग ज्यादातर मोटापा, गलत खान-पान, हाई कोलेस्ट्राल, हाई ब्लड प्रेशन और अनुवांशिक कारणों से होता है। 40 साल से ऊपर के ज्यादातर लोग हृदय रोग का शिकार होते हैं।   

हृदय रोग के लक्षण (Symptoms of Heart Diseases)

  • सांस लेने में कठिनाई
  • सीने या छाती में दर्द
  • बेचैनी और घबराहट
  • पैरों में दर्द और सुन्नता
  • गर्दन, गले या जबड़े में दर्द होना

2. ब्रेन स्ट्रोक (‍Brain Stroke)

ब्रेन स्ट्रोक भी भारत में होने वाले मौतों का एक प्रमुख कारण है। स्ट्रोक से शरीर और दिमाग दोनों पर ही पड़ता है। स्ट्रोक को मस्तिष्क का दौरा या ब्रेन अटैक भी कहा जा सकता है। स्ट्रोक में मस्तिष्क के एक हिस्से में रक्त का प्रवाह रुक जाता है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं और ऊतक क्षतिग्रस्त होकर मरने लगती हैं। ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों का समय से पता लगाना बहुत जरूरी होता है, देरी होने पर व्यक्ति की जान जाने का खतरा बना रहता है।

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण (Brain Stroke Symptoms)

  • चेहरे, हाथों या पैरों में सुन्नता और कमजोरी
  • बोलने या समझने में मुश्किल होना
  • बार-बार चक्कर आना
  • शरीर का संतुलन न बना पाना
  • निगलने में कठिनाई होना
  • अचानक और गंभीर सिरदर्द
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3. क्षय रोग (टीबी) - (Tuberculosis)

क्षय रोग एक संक्रामक रोग है। यह आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है। लेकिन यह शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। इस समय क्षय रोग या टीबी लाइजाल नहीं है। अस्पतालों में इसका इलाज संभव है, लेकिन फिर भी इसकी वजह से कई लोग हर साल अपनी जान गंवाते हैं। देश में होने वाले अधिकतार मौतों के कारणों में टीबी भी एक है। टीबी दो तरह की होती है, एक-पल्मोनरी टीबी और दूसरी-एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी। 

क्षय रोग का लक्षण (Tuberculosis Symptoms)

  • थकान, बेचैनी और सुस्ती महसूस होना
  • ठंड लगना
  • भूख कम लगना
  • लगातार वजन कम होना
  • लंबे समय तक सूखी खांसी आना
  • खूनी खांसी आना
  • सांस लेने पर सीने में दर्द होना
  • रात में बुखार रहना
  • शरीर में दर्द महसूस होना

4. सांस की बीमारियां (Respiratory Diseases)

सांस रोग ऊपरी और निचले श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। यह साइनस से शुरू होता है और फेफड़ों तक को प्रभावित करता है। सांस से संबंधित बीमारियां भी भारत में ज्यादातर मौतों का कारण बनती हैं। श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारियां ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, अस्थमा भारत में मृत्यु का एक सबसे बड़ा कारण है। यह आम संक्रमणों में से एक है। सांस की बीमारियों वयस्कों और बुजुर्गों में ज्यादा देखने को मिलती है। सांस की बीमारियों से बचने के लिए फेफड़ों को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी होता है।

सांस की बीमारियों के लक्षण (Respiratory Diseases)

  • नाक बंद रहता
  • नाक बहना
  • बार-बार छींक आना
  • लगातार बुखार रहना
  • खांसी के साथ खून आना
  • गले में खराश
  • सांस लेने में तकलीफ

5. पल्मोनरी डिजीज (Pulmonary Disease)

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज या सीओपीडी फेफड़ों की एक बीमारी है। यह एक गंभीर और लंबी अवधि तक रहने वाली बीमारी है। देश में कई मौतों का कारण सीओपीडी भी है। बहुत अधिक मात्रा में धूम्रपान करना सीओपीडी का कारण होता है। भारत में लगभग हर साल 5 लाख लोग इस बीमारी से अपनी जान गंवाते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति को प्रदूषण और धूल-मिट्टी वाली जगह से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। साथ ही धूम्रपान बंद कर देना चाहिए।

पल्मोनरी डिजीज के लक्षण (Symptoms of Pulmonary Disease)

  • सांस लेने में कठिनाई
  • सांस फूलना
  • बलगम वाली खांसी
  • घरघराहट
  • सीने में जकड़न
  • पैरों में दर्द या सूजन
  • शारीरिक शक्ति की कमी
  • बार-बार श्वसन संक्रमण
Diabetes

6. डायबिटीज (Diabetes)

डायबिटीज दो तरह की होती हैं। टाइप 1 और टाइप 2। जब शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन कम मात्रा में पहुंचता है, तो ब्लड में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है। डायबिटीज कई गंभीर बीमारियों का भी कारण बन सकता है। डायबिटीज भी भारत में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण है। देश में लाखों डायबिटीज रोगी अपनी जान गंवाते हैं।

डायबिटीज के लक्षण (Diabetes Symptoms)

  • अत्यधिक भूख लगना
  • वजन कम होना
  • थकान लगना
  • बार-बार पेशाब जाना
  • चिड़चिड़ापन
  • प्यास ज्यादा लगना

7. अल्जाइमर रोग (Alzheimers Disease)

अल्जाइमर भारत में होने वाले मौतों का एक मुख्य कारण है। इससे देश में हर साल लाखों लोगों की मौत होती हैं। अल्जाइमर एक तेजी से फैलने वाला रोग है, जो मानसिक कार्यों को नुकसान पहुंचाता है। इसमें मस्तिष्क की कोशिकाएं खुद बनती हैं और खुद ही नष्ट हो जाती हैं। धीरे-धीरे ये समस्या बढ़ती है और इससे डिमेंशिया होने की संभावना रहती है। अल्जाइमर के शुरुआती लक्षण निम्न हैं।

अल्जाइमर के लक्षण (Alzheimers Disease Symptoms)

  • चीजों को खो देना और ढ़ूढ़ने में असमर्थ होना
  • बातचीज करने में कठिनाई
  • दोस्तों और परिवार के सदस्यों को न पहचान पाना
  • बेचैनी और चिंता
  • रंगों में अंतर करने में परेशानी
  • सामाजिक गतिविधियों से अलगाव

8. मलेरिया (Malaria)

मलेरिया एक घातक बीमारी है, जो मच्छरों द्वारा प्लास्मोडियम परजीवी संचरण के कारण होती है। यह फीमेल एनोफिलीज मच्छर के काटने से लोगों में संचरित होता है। भारत में हर साल करोड़ों लोग इससे पीड़ित होते हैं। इतना ही नहीं लाखों लोगों की मलेरिया से जान भी जाती हैं।  

मलेरिया के लक्षण (Malaria Symptoms)

  • बुखार
  • मांसपेशियों में दर्द
  • जी मिचलाना
  • पेट में दर्द
  • सिर दर्द
  • दस्त

9. घातक ट्यूमर (Malignant Tumor)

घातक ट्यूमर तब विकसित होते हैं, जब कोशिकाएं बिना किसी नियंत्रण के बढ़ती रहती हैं। यह शरीर के दूसरे भागों में भी फैल सकता है या विकसित हो सकता है। घातक ट्यूमर देश में कई मौतों का कारण बनता है। घातक ट्यूमर के वैसे तो लक्षण काफी बाद में नजर आते हैं, लेकिन दर्द रहित गांठ इसका शुरुआती लक्षण हो सकता है।

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10. डायरिया (Diarrhea)

डायरिया (Diarrhea) उस स्थिति को कहा जाता है, जब दिन में तीन से अधिक बार मल त्याग करने जाते हैं। इससे शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। डायरिया से शरीर में कमजोरी होता है। यह समस्या ज्यादातर छोटे बच्चों में देखने को मिलती है। डायरिया भी मौतों का एक कारण है। इसमें बॉडी डिहाइड्रेट हो जाती है।

डायरिया के लक्षण (Diarrhea Symptoms)

  • दस्त लगना
  • मल में बलगम
  • जी मिचलाना
  • पेट दर्द और ऐंठन
  • मल में खून

अगर आपको इन बीमारियों में से किसी के भी ये शुरुआती लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।

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