स्किन पर लाल-पीले पपड़ीदार फफोले हो सकते हैं 'इंपेटिगो' का संकेत, जानें क्या है त्वचा का ये संक्रामक इंफेक्शन

इंपेटिगो स्किन से जुड़ी एक बीमारी है, जो बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह समस्या सभी उम्र के लोगों में देखी जाती है।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jun 23, 2021Updated at: Jun 23, 2021
स्किन पर लाल-पीले पपड़ीदार फफोले हो सकते हैं 'इंपेटिगो' का संकेत, जानें क्या है त्वचा का ये संक्रामक इंफेक्शन

इंपेटिगो एक स्किन से जुड़ी समस्या है। यह यह स्टेफीलोकोकस ऑरियस या फिर स्ट्रेप्टोकस पायोजीन्स बैक्टीरियल संक्रमण की वजह से स्किन पर फैलता है।  इसकी वजह से स्किन पर कई तरह की परेशानी और घाव हो सकते हैं। इंपेटिगो शरीर के किसी भी हिस्से में फैल सकता है। कई मामलों में यह समस्या मुंह, नाक, हाथ और पैरों में देखी गई है। इंपेटिगो की वजह से होने वाले घाव में पीला और डार्क रंग का तरल पदार्थ (Impetigo Symptoms) निकलता है। दिल्ली के डर्मेटॉलोजिस्ट डॉक्टर एसके कश्यप का कहना है कि इंपेटिगो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है, लेकिन यह बैक्टीरियल इंफेक्शन कम उम्र यानि 2 से 5 साल के बच्चों में काफी आम है। यह समस्या अधिकतर ऐसे स्थान पर फैलता है, जहां पर किसी चोट की वजह से कट लगा हुआ हो, कीड़े काटने वाले स्थान या फिर घाव हो। हालांकि, यह स्किन के अंदर भी फैल सकता है। चलिए डॉक्टर से जानते हैं इंपेटिगो के बारे में विस्तार से-

इंपेटिगो के लक्षण (Symptoms of Impetigo)

डॉक्टर कश्यप का कहना है कि इंपेटिगो किसी भी उम्र के लोगों को शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। लेकिन यह संक्रमण बच्चों के चेहरे पर ज्यादा देखी जाती है। साथ ही कभी-कभी यह संक्रमण बच्चों के हाथ-पैरों पर भी देखी जाती है।

इस समस्या से ग्रसित लोगों के स्किन पर सबसे पहले फफोले बनने शुरू होते हैं। इसके टूटने पर पस निकलता है और स्किन लाल हो जाता है। धीरे-धीरे यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैलना शुरू हो जाता है। इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण हैं। जैसे-

  • घाव के कारण खुजली की परेशानी से ग्रसित होना।
  • स्किन पर लाल रंग के दाने होना।
  • संक्रमण वाले स्थान पर सूजन होना
  • संक्रमित वाले स्थान पर दर्द महसूस होना।

डॉक्टर का कहना है कि गंभीर स्थितियों में इंपेटिगो संक्रमण स्किन की गहराई तक पहुंचने लगता है। जिसकी वजह से अन्य स्किन से जुड़ी परेशानी होती है, जिसे एकथीमा (Ecthyma) कहते हैं।

इसे भी पढ़ें - वैक्सीन लेने के बाद कुछ लोगों में दिख रही हैं ये स्किन समस्याएं, डॉक्टर से जानें इनका कारण और बचाव के टिप्स

इंपेटिगो के कारण (Impetigo Causes)

डॉक्टर का कहना है कि इंपेटिगो बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह समस्या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को आसानी से हो सकती है। इसलिए अधिकतर संक्रमित व्यक्ति को स्वस्थ व्यक्ति से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

  • इंपेटिगो स्टैफ (स्टैफिलोकोकस) और बैक्टीरिया–स्ट्रेप (स्ट्रेप्टोकोकस) बैक्टीरिया की वजह से होता है। 
  • यह बैक्टीरिया शरीर में स्किन इंफेक्शन के कारण भी फैल सकता है। 
  • कीड़े काटने या फिर जलन वाले स्थान पर यह बैक्टीरिया ज्यादा फैलता है। 
  • सर्दी-जुकाम से ग्रसित बच्चों पर यह बैक्टीरिया जल्दी अटैक करता है। 
  • बच्चों में चादर, तौलिया और खिलौनों के जरिए यह बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकता है। 
  • इम्यूनिटी कमजोर होने पर इंपेटिगो के बैक्टीरिया अटैक कर सकते हैं। 
  • कुछ-कुछ मामलों में हेल्दी स्किन होने पर भी यह बीमारी हो सकती है।

इंपेटिगो के जोखिम (Risk of Impetigo)

  • 2 से 5 सालों के बच्चों में इंपेटिगो होने का खतरा ज्यादा रहता है। 
  • गर्म स्थान और नमी वाले स्थानों पर इंपेटिगो की परेशानी ज्यादा होती है। 
  • यह बीमारी फैलने वाली होती है, जिसके कारण एक संक्रमित व्यक्ति दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है।

इंपेटिगो का इलाज  (Treatment of Impetigo)

डॉक्टर बताते हैं कि इंपेटिगो का इलाज मुख्य रूप से एंटीबायोटिक दवा और क्रीम के जरिए किया जा सकता है। इस दवा को प्रभावित हिस्से पर लगाया जाता है। एंटीबायोटिक मरहम लगाने के लिए सबसे पहले प्रभावित स्किन को गर्म पानी से साफ किया जाता है। इसके बाद कॉटन की मदद से फफोले वाले स्थान से पपड़ी हटाई जाती है, ताकि यह मरहम गहराई तक पहुंच सके। पपड़ी हटाने के बाद फफोले वाले स्थान पर क्रीम लगाया जाता है। 

इंपेटिगो से बचाव (Prevention of Impetigo)

  • इंफेक्शन वाले स्थान पर साफ-सफाई का ध्यान रखें. 
  • संक्रमित व्यक्ति से दूर रहने की कोशिश करें। 
  • डॉक्टर के द्वारा बताए नियमों को फॉलो करें। 
  • बच्चों को गंदी चादर पर न बैठाएं।
  • गंदे खिलौने और चीजों से बच्चों को दूर रखें।

इंपेटिगो का घरेलू इलाज (Home Remedies of Impetigo)

लहसुन का करें इस्तेमाल

लहसुन हमारे लिए काफी फायदेमंद है। इंपेटिगो की परेशानी होने पर लहसुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। लहसुन फंगल और बैक्टीरियल समस्याओं को दूर करने में असरकारी है। लहसुन का इस्तेमाल करने के लिए लहसुन की कलियों को मसल कर इसका रस निकाल लें। अब इस रस को प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे इंपेटिगो की परेशानी दूर हो जाएगी। 

नीम का करें इस्तेमाल

इंपेटिगो की समस्या को दूर करने के लिए नीम का इस्तेमाल किया जा सकता है। नीम में बैक्टीरियल समस्याओं को दूर करने का गुण होता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए नीम की छाल को पत्थर पर हल्का सा पानी डालकर रगड़ें। नीम की छाल को रगड़ने से आपको लेप मिलेगा। इस लेप को अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं। लेप के स्थान पर आप चाहें. तो नीम का तेल भी यूज कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें - गले में चुभन महसूस होने के क्या कारण हो सकते हैं? जानें इसका इलाज और बचाव के टिप्स

इंपेटिगो को दूर करने में हल्दी है गुणकारी

हल्दी में एंटी-सेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होता है, जो इंपेटिगो की समस्या को दूर करने में असरकारी है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण है, जो इंपेटिगो के सूजन को कम करने में आपकी मदद करता है। इंपेटिगो की परेशानी होने पर हल्दी के पाउडर को ठंडे पानी में मिक्स करें। अब इस लेप को अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे आपको कुछ ही दिनों में इंपेटिगो से राहत मिल सकेगा। 

ध्यान रखें कि आपको जितने दिन की दवाई दी गई है, आप उतने दिन डॉक्टर की दी दवाई का इस्तेमाल जरूर करें। अगर आप जल्दी दवाई खाना या लगाना छोड़ देते हैं, तो इससे दोबारा संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। 

Read more Articles on Other Diseases in Hindi

Disclaimer