प्रेग्नेंसी के दौरान मल का रंग काला होने के 4 कारण, जानें बचाव के उपाय

गर्भावस्था के दौरान काला मल आना कितना सामान्य है और कितना असामान्य ,इसके बारे में पता होना जरूरी है। जानते हैं इसके कारण और बचाव

Garima Garg
Written by: Garima GargUpdated at: Aug 20, 2021 15:11 IST
प्रेग्नेंसी के दौरान मल का रंग काला होने के 4 कारण, जानें बचाव के उपाय

अक्सर आपने देखा होगा कि गर्भावस्था के दौरान शरीर में आ रहे नए नए परिवर्तनों के कारण महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एक समस्या है प्रेगनेंसी के दौरान काले मल का आना। आखिरी ऐसा होना कितना सामान्य है? आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि प्रेगनेंसी के दौरान काला मल आने के पीछे क्या क्या कारण होते हैं। साथ ही हम जानेंगे कि काला मल आने के साथ-साथ महिलाओं को किन लक्षणों का सामना करना पड़ता है और इसके बचाव क्या हैं। पढ़ते हैं आगे...

 

बता दें कि गर्भावस्था में यदि किसी महिला को काला मल आता है तो घबराने की बात नहीं है। यह बेहद सामान्य स्थिति है। कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं जिन्हें डॉक्टर आयरन सप्लीमेंट्स देते हैं। उन सप्लीमेंट्स के कारण ऐसा होना स्वभाविक है। इससे अलग जो महिलाएं अपनी डाइट में गहरे रंग के खाद्य पदार्थों को जोड़ती हैं तब भी मल का रंग बदल सकता है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि काले मल का आना बेहद आम बात है। परंतु हां, कभी-कभी स्थिति गंभीर हो जाती है और महिलाओं को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। इन स्थितियों में एक स्थिति यह भी है कि जब आंत में रक्त स्राव होने लगता है तब भी यह समस्या हो सकती है। यह स्थिति गंभीर होती है ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी होता है। इससे संबंधित रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

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प्रेगनेंसी में काला मल आने के कारण

1 - जैसा कि हमने पहले भी बताया कुछ कह भी खाद्य पदार्थों के सेवन से यह समस्या हो सकती है। यह खाद्य पदार्थ ब्लूबेरी, काली मुलेठी आदि हो सकते हैं। इससे अलग जब महिलाएं चुकंदर या किसी लाल रंग से जुड़ी चीज का सेवन करती हैं तब उनका मल लाल हो सकता है। सामान्य भाषा में कहा जाए तो किसी गहरे रंग की चीजों का सेवन करने से मल का रंग भी बदल सकता है।

2 - बता दें कि जब महिलाओं की आंतों में घाव पैदा हो जाते हैं। तब हाथों से रक्तस्राव शुरू हो जाता है। इसके कारण महिलाओं के मल का कलर बदल सकता है। बता दें कि इस स्थिति में न केवल मां बल्कि बच्चे की सेहत को भी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।

3 - जैसा कि हमने पहले भी बताया कि महिलाओं को आयरन के सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं, जिसके कारण महिलाओं के मल का कलर काला हो सकता है। कभी-कभी आयरन की मात्रा जब ज्यादा हो जाती है तो इसका नकारात्मक प्रभाव महिलाओं की आंतों पर पड़ता है, जिसके कारण महिलाओं को जी मिचलाना, उल्टी आना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

4 - प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कुछ ऐसी दवाइयों का सेवन करने की सलाह देते हैं, जिनके कारण महिलाओं की मल का रंग बदल सकता है।

 

प्रेगनेंसी में काली मल के साथ दिखने वाले लक्षण

बता दें कि प्रेगनेंसी के दौरान काला मल आना खुद में एक लक्षण होता है लेकिन इसके साथ-साथ महिलाओं को कुछ और लक्षणों का सामना भी करना पड़ सकता है। यह लक्षण निम्न प्रकार हैं -

1 - महिलाओं को बुखार आना।

2 - महिलाओं को डायरिया की समस्या हो जाना।

3 - गंभीर स्थिति होने पर खून की उल्टी होना।

4 - चक्कर आना।

5 - पेट में दर्द या जलन महसूस करना।

6 - छाती में दर्द महसूस करना।

7 - सांस लेने में दिक्कत महसूस करना।

8 - मतली की समस्या होना।

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गर्भावस्था के दौरान काले मल से बचाव

1 - संतुलित आहार लेना

गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है। ऐसे में महिलाएं दूषित खान पान का सेवन ना करें। इससे अलग ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी लें और अपनी डाइट में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को जोड़ें

2 - ज्यादा दवाई ना खाएं

कुछ स्थिति ऐसी हो जाती है जब महिलाओं को काफी दवाइयों का सेवन करना पड़ता है। ऐसे में महिलाएं ज्यादा दवाइयों को अपनी डाइट में ना जोड़ें। खासकर बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवाई का सेवन मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

3 - दौड़ भाग ना करें

बता दें कि जब महिलाएं सबसे ज्यादा दौड़ना भागना शुरू कर देती हैं तब भी काला मल की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को ज्यादा दौड़ भाग से बचना चाहिए। इससे अलग वे अपनी दिनचर्या में जरूरी योगासन और व्यायाम को जोड़ सकती हैं।

4 - धूम्रपान ना करें

महिलाएं अक्सर अधिक मात्रा में धूम्रपान का सेवन करती हैं तो उन्हें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में धूम्रपान करने से बचें।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि गर्भावस्था के दौरान काला मल का सामान्य बात है लेकिन कुछ परिस्थितियां ऐसी हो जाते हैं जब काला मल आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत होता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। इससे अलग ऊपर बताए गए बचावों को अपनाकर आप इस समस्या से बच सकती हैं। गर्भवती महिलाएं अपनी डाइट में किसी भी प्रकार के बदलाव को करने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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