हॉन्गकॉन्ग में कोरोना वायरस से ठीक हो चुके एक मरीज में दोबारा संक्रमित होने की पुष्टि वहां के वैज्ञानिकों ने की है। 

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कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद दोबारा संक्रमित होने का मामला आया सामने, वैज्ञानिकों ने बताई ये खास वजह

COVID-19 Reinfection: हॉन्गकॉन्ग में कोरोना वायरस से ठीक हो चुके एक मरीज में दोबारा संक्रमित होने की पुष्टि वहां के वैज्ञानिकों ने की है। 

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Aug 25, 2020Updated at: Aug 25, 2020
कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद दोबारा संक्रमित होने का मामला आया सामने, वैज्ञानिकों ने बताई ये खास वजह

कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस की काट ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं, मगर सफलता मिलती दिखाई नहीं दे रही है। वहीं पूरी दुनिया में संक्रमितों और मरने वालों की संख्‍या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हालांकि, भारत समेत कई देशों में रिकवरी रेट (ठीक होने वालों की संख्‍या) भी बढ़ रहा है। भारत में ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत (लगभग 75 फीसदी) काफी ज्‍यादा है। जिसके कारण लोगों में डर कम हो रहा है। मगर हॉन्गकॉन्ग से आई एक खबर आपके डर को दोबारा बढ़ा सकती है। हॉन्गकॉन्ग के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद दोबारा संक्रमण फैल सकता है। यानी जो लोग एक बार कोरोना वायरस से ठीक हो चुके हैं वे दोबारा संक्रमित हो सकते हैं।

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हॉन्गकॉन्ग में दोबारा संक्रमित होने का मामला आया सामने

हॉन्गकॉन्ग के वैज्ञानिकों ने एक बार संक्रमित होकर ठीक हो चुके मरीज में दोबारा संक्रमण देखने को मिला है। दरअसल, हॉन्गकॉन्ग में एक 30 साल से अधिक उम्र का व्‍यक्ति साढ़े चार माह तक कोरोना वायरस से संक्रमित था। वैज्ञानिकों के मुताबिक, वायरस से जीनोम में दो बातें बिल्‍कुल अलग हैं, यह दोबारा संक्रमण होने का दुनिया का पहला केस है। हालांकि, डब्‍ल्‍यूएचओ का कहना है कि एक मरीज के मामले से सीधे निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं है। जबकि, विशेषज्ञों का मानना है कि, दोबारा इंफेक्‍शन होना बहुत ही विचित्र है और यह काफी गंभीर भी है।

हॉन्गकॉन्ग यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि, संक्रमण से पहले युवक 14 दिनों तक अस्‍पताल में था लेकिन एयरपोर्ट पर हुई जांच के दौरान उसे दोबारा कोरोना संक्रमित पाया गया है। लेकिन उसमें किसी लक्षण की पहचान नहीं हुई। 

वैक्‍सीन है एक मात्र विकल्‍प? 

लंदन के एक वैज्ञानिक का कहना है कि यह दोबारा संक्रमण का बहुत ही दुर्लभ मामला है। यही वजह है कि कोविड-19 की वैक्‍सीन महत्‍वपूर्ण है। हालांकि, उन्‍होंने यह भी आशंका जताई है कि कोरोना वायरस समय के साथ अपना स्‍वरूप बदलेगा। जो व्‍यक्ति एक बार कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाता है उनके शरीर में कोविड-19 से लड़ने के लिए इम्‍यूनिटी विकसित हो जाती है जो दोबारा संक्रमण को रोकता है।

भारत में भी दोबारा संक्रमित हो रहे हैं मरीज

करीब एक सप्‍ताह पहले दिल्‍ली के राजीव गांधी सुपर स्‍पेशिएलिटी हॉस्टिपटल में कोरोना वायरस से ठीक हुए दो मरीजों में दोबारा कोराना संक्रमण की पहचान हुई थी। वहीं दिल्‍ली के ही द्वारका स्थि‍त आकाश हेल्थकेयर हॉस्पिटल में ऐसा ही एक केस सामने आ चुका है, जहां ठीक होने के बाद एक मरीज दोबारा संक्रमित हुआ था, जिसमें मरीज की मौत भी हो चुकी थी। 

इस तरह के मामले सामने आने से विशेषज्ञ भी हैरान हैं। ऐसे में कोरोना वायरस को जो लोग अभी सुरक्षित हैं और जो लोग ठीक हो चुके हैं, उन सभी को खुद की अधिक देखभाल करनी चाहिए। सरकार द्वारा सुझाए नियमों का पालन करना चाहिए।

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