Covid19: क्या सूरज की रोशनी से खत्म हो सकता है कोरोना वायरस? जानें वैक्सीन बनाने में लगेगा कितना समय और बचाव

Covid19: कोरोनावायरस को लेकर लोगों के मन में ये सवाल है कि गर्मी आने पर वायरस मर जाएगा। कितना सही है ये दावा जानें इस लेख में। 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Mar 12, 2020Updated at: Mar 12, 2020
Covid19: क्या सूरज की रोशनी से खत्म हो सकता है कोरोना वायरस? जानें वैक्सीन बनाने में लगेगा कितना समय और बचाव

चीन से शुरु हुआ कोरोनावायरस ( Coronavirus) का फैलना अब दुनिया के अधितकर देशों में अपनी स्थिति दर्ज करा चुका है। हालांकि इस बात को लेकर डॉक्टर एकमत हैं कि इस वायरस को फैलने से रोकने का एक मात्र तरीका है बचाव। अब बचाव कहां करना है और कैसे करना है इस बात को लेकर अक्सर दुविधा में रहते हैं। कोरोना से जुड़े ऐसे कई सवाल हैं, जो लोगों के मन में हैं, और उनके जवाब हर व्यक्ति से अलग-अलग मिल रहे हैं। ऐसे में बचाव कितना उपयोगी हो सकता है ये जानना भी बेहद जरूरी है। अगर आप सोच रहे हैं कि गर्मी का मौसम आते-आते कोरोना धीमा पड़ जाएगा या फिर स्वीमिंग पूल में नहाने से क्या कोरोना फैल सकता है तो हम डॉक्टरों से मिले जवाबों के बारे में बता रहे हैं। नीचे लेख में पढ़ें आपके ही मन के भीतर छिपे कुछ सवाल और डॉक्टरों के जवाब।

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सवाल-1 क्या ये सच है कि गर्म मौसम कोरोनावायरस को फैलने से रोक सकता है? क्या सूरज की रोशनी वायरस को मार सकती है?

अपोलो अस्पता के संक्रामक रोग के कंस्लटेंट डॉ. वी. रामासुब्रमण्यन का कहना है कि सूरज की रोशनी वायरस की वृद्धि, गंभीरता और स्टेबिलिटी को रोक सकती है लेकिन इसका प्रभाव कितना होगा हम इस बात से वाकिफ नहीं हैं। अगर मेरी बॉडी में पहले से वायरस हैं और मैं छींकता हूं तो आपको ये हो सकता है। इस स्थिति में गर्मी का सवाल ही पैदा नहीं होता। हम जानते हैं कि ये मानव शरीर में 37 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। इसलिए गर्मी इसके फैलने में कोई बाधक का काम नहीं करती है। सिर्फ संभावना यही है कि ये बाहरी मौसम में जिंदा नहीं रह सकता है। इसलिए ये कहना कि गर्म भारतीय मौसम वायरस को खत्म कर सकता है गलत होगा लेकिन ये इसे फैलने से रोक सकता है। गौर करने वाली बात ये है कि वायरस बाहर ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह पाएगा। सूरज की रोशनी का सिर्फ ये ही फायदा है।

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सवाल-2 क्या स्वीमिंग पूल में नहाने से भी फैल सकता है कोरोना ?

पुलमोनोलॉजिस्ट डॉ. रवि संतोषम का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति संक्रमित है और वह स्वींमिंग पूल में दूसरे व्यक्ति के साथ नहाता है तो इसके फैलने की संभावना बहुत कम है। कोरोना एक ड्रॉप्लेट संक्रमण है। ये सांस लेने के कारण फैलने वाली बीमारी है। स्वीमिंग पूल का सिफारिश स्तर पर क्लोराइनेशन किसी भी वायरस, जिसमें कोरोना भी शामिल है को कुछ हद असक्रिय कर सकता है।

सवाल-3 कितनी जल्द तैयार हो सकती है कोरोना की वैक्सीन?

डॉ. पी. कुगाननथम का कहना है कि कोरोना का टीका तीन से 6 महीने के भीतर तैयार होने की संभावना है क्योंकि मौजूदा समय में ट्रायल चल रहे हैं। एच1एन1 की तरह कोरोना के लिए भी टीका विकसित किया जा सकता है। वहीं हार्ट केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल का कहना है कि कोरोना एक ऐसा घातक वायरस है, जो हिट एंड रन की तरह काम करता है और इसका कोई टीका नहीं बनाया गया क्योंकि छह महीने बाद ये फिर से वापस नहीं आएगा। अगर कोरोना वायरस भी चला गया तो किसी को भी इसकी कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।

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सवाल-4 कोरोनावायरस के उपचार के लिए क्या है कोई घरेलू उपचार?

डॉ. जे. इफुरसिया लाथा का कहना है कि एलोपैथी के बजाए घरेलू नुस्खे और उपचार को लेकर कोई वैज्ञानिक सबूत सामने नहीं आए हैं। इससे बचने का सबसे आसानी तरीका है बचाव। आपको उन लोगों से दूर रहना होगा, जिन्हें खांसी और छींक आ रही है। अगर आप खांस रहे हैं तो आपको अपना चेहरा मास्क से ढकने की जरूरत है ताकि आपकी खांसी की बूंदे किसी के ऊपर न गिरें। कोरोना ऐसी ही बूंदों से फैलता है।

वहीं डॉ. के.के. अग्रवाल का कहना है कि हम क्यों ऐसा निराधार और ऐसे विकल्प अपनाने की बात कर रहे हैं या इसके बारे में सोच रहे हैं। अगर आप इन घरेलू नुस्खों को करना ही चाहते हैं तो आप कर सकते हैं लेकिन कोरोना वायरस पर इसका कोई असर नहीं होगा। लेकिन कोरोना संक्रमण के बचाव में कोई भी चीज साबित होती है तो आप जरूर उसे अपना सकते हैं और उसे नोबल प्राइज मिलना चाहिए।

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सवाल-5 अस्पताल जाएं या नहीं?

डॉ. के.के. अग्रवाल का कहना है कि आप सीधे अस्पताल जानें से बचें। दिल्ली में तो आपको एंबुलेंस या फिर डॉक्टर को घर बुलाना होगा। वे आपका सैंपल लेकर निर्दिष्ट केंद्र पर खुद ब खुद जाएंगे। आपके लक्षणों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि क्या किया जाना चाहिए, और वे आकर आपके घर पर एक नमूना एकत्र करेंगे। आप अस्पताल न जाएं और न ही दूसरों को संक्रमित करें।

डॉ. रवि संतोषम का कहना है कि अधिकतर लोग उपचार के लिए अपने पारिवारिक डॉक्टर या फिर पड़ोस के ही डॉक्टर के पास जाते हैं लेकिन यह बीमारी को फैला सकता है। कोरोना वायरस के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही जाएं क्योंकि वहां पूर्ण सुरक्षा प्रदान की गई है।

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