कोरोना से मिलते-जुलते हैं निमोनिया के लक्षण पहचानने में न करें भूल, इन जांच से पता लगाएं कोरोना है या निमोनिया

कोरोना वायरस के कारण होने वाली बीमारी कोविड और सामान्य निमोनिया में थोड़ा अंतर होता है। हालांकि खतरनाक दोनों हैं इसलिए सावधानी की जरूरत दोनों में है।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 12, 2020Updated at: Apr 22, 2021
कोरोना से मिलते-जुलते हैं निमोनिया के लक्षण पहचानने में न करें भूल, इन जांच से पता लगाएं कोरोना है या निमोनिया

कोरोना वायरस के हर दिन लाखों मामले सामने आ रहे हैं। इनमें से बहुत सारे लोग सामान्य लक्षणों के कारण कंफ्यूज रहते हैं कि उन्हें कोविड है भी या नहीं। क्योंकि लोग सामान्य वायरल बुखार या निमोनिया जैसी बीमारियों की चपेट में आने के बाद भी कोविड के नाम पर बहुत ज्यादा डर जा रहे हैं और परेशान हो रहे हैं। दरअसल साधारण फ्लू, निमोनिया और कोरोनावायरस (Coronavirus)के लक्षण करीब मिलते-जुलते हैं। हालांकि इस बात की जानकारी जरूरी है कि इसके लक्षणों की पहचान कैसे की जाए। कोरोना और निमोनिया के लक्षण बिल्कुल समान है। निमोनिया एक प्रकार का संक्रमण है, जो बैक्टीरिया, वायरस और फंगी द्वारा एक या दोनों फेफड़ों में हो सकता है। यह एक प्रकार का घातक संक्रमण है, जिसमें हमारे फेफड़ों में या तो पस या फिर अन्य तरह पदार्थ जमा होने लगता है और हमारे फेफड़े खराब होते चले जाते हैं। अगर आप भी इस बात को लेकर दुविधा में हैं कि कहीं हल्की-फुल्की खांसी कोरोना तो नहीं है तो हम आपको कोरोना और निमोनिया के बीच का अंतर बता रहे हैं, जिससे जानना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।

pneumonia

किन कारणों से होता है निमोनिया

निमोनिया एक ऐसा घातक रोग है, जिसके 30 से ज्यादा अलग-अलग प्रकार हैं और यह कई कारणों से हो सकता है। इसके मुख्य प्रकार हैंः

बैक्टीरियल निमोनियाः यह प्रकार विभिन्न बैक्टीरिया के कारण होता है। सबसे आम है स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया (Streptococcus pneumoniae) । यह आमतौर पर तब होता है जब शरीर किसी तरह की कमजोरी से गुजर रहा होता है, जैसे कि बीमारी, बॉडी में पोषण की कमी, ज्यादा उम्र या खराब इम्यूनिटी, जिसके कारण बैक्टीरिया फेफड़ों में अपना काम करने में सक्षम हो जाते हैं। बैक्टीरियल निमोनिया सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन अधिक शराब, सिगरेट पीने वाले, कमजोर लोग या हाल ही में जिनकी सर्जरी हुई है, या फिर वे लोग जो सांस संबंधी समस्याओं के शिकार होते हैं उनमें इसकी संभावना अधिक होती है।

वायरल निमोनियाः यह प्रकार फ्लू (इन्फ्लूएंजा) सहित विभिन्न वायरस के कारण होता है, और सभी निमोनिया के एक तिहाई मामले इसी प्रकार के सामने आते हैं। अगर आपको वायरल निमोनिया है तो आपको बैक्टीरियल निमोनिया होने की अधिक संभावना हो सकती है।

माइकोप्लाज्मा निमोनियाः  इस प्रकार के निमोनिया के कुछ अलग लक्षण और शारीरिक संकेत होते हैं, जिस कारण ये एक टिपिकल निमोनिया कहते हैं। यह बैक्टीरिया माइकोप्लाज्मा न्यूमोनिया के कारण होता है। यह आम तौर पर एक हल्के, व्यापक निमोनिया का कारण बनता है जो सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है।

अन्य निमोनियाः  कई ऐसे अन्य निमोनिया हैं जो आम नहीं हैं और यह फंगी सहित अन्य संक्रमणों के कारण हो सकता है।

किन लोगों में निमोनिया का अधिक जोखिम

निमोनिया किसी को भी हो सकता है। हालांकि इन उम्र के लोगों में इसके खतरे की संभावना अधिक होती है।

  • 65 या उससे ज्यादा उम्र के लोग।
  • 2 साल से कम उम्र के बच्चे।
  • कुछ स्वास्थ्य स्थितियों के शिकार लोग।
  • धूम्रपान करने वाले लोग।
  • निमोनिया के लक्षण

बैक्टीरियल निमोनिया के लक्षण हैंः

  • होंठों और नाखूनों का रंग नीला पड़ जाना।
  • मानसिक हालत सही नहीं रहना, चीजों को याद रखने में दिक्कत खासकर उम्रदराज लोगों में।
  • हरा, पीला या खूनी बलगम के साथ खांसी।
  • बुखार।
  • ज्यादा पसीना आना।
  • भूख न लगना।
  • एनर्जी न होना और बहुत ज्यादा थकान रहना।
  • तेज-तेज सांस लेना।
  • नब्ज का तेज होना।
  • ठंड लगना।
  • छाती में तेज दर्द, जिसके कारण गहरी सांस और खांसी होना।
  • सांस लेने में परेशानी, जिसके कारण काम में मन न लगना।

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वायरल निमोनिया के शुरुआती लक्षण बैक्टीरियल निमोनिया के समान ही होते हैं जैसेः

  • सिरदर्द।
  • सांस न आना।
  • मांसपेशियों में दर्द।
  • कमजोरी।
  • खांसी बार-बार होना।

माइकोप्लाज्मा निमोनिया के लक्षण थोड़े अलग होते हैं, जिसमें बहुत ज्यादा खांसी के साथ बलगम निकलता है।

कैसे पता लगाएं निमोनिया है?

निमोनिया का पता आमतौर पर आपकी हालिया स्वास्थ्य स्थितियों (जैसे सर्जरी, सर्दी या फिर आप बाहर घूमने गए हों)के आधार पर लगाया जाता है और उस बीमारी का मूल कारण क्या है। इन कारकों के आधार पर आपका डॉक्टर आपकी शारीरिक जांच के जरिए निमोनिया का पता लगा सकता है। इसके अलावा आप इन जांच के साथ भी निमोनिया का पता लगा सकते हैं।

  • चेस्ट एक्स-रे
  • ब्लड टेस्ट
  • बलगम की जांच
  • नब्ज में ऑक्सीजन की जांच (Pulse oximetry)
  • छाती का सीटी स्कैन
  • ब्रोनकोस्कॉपी (Bronchoscopy), फेफड़ों के वायुमार्गों की जांच की जाती है। 
  • फुफ्फुस बहाव  की जांच (Pleural fluid culture), छाती और चेस्ट वॉल के बीच स्पेस की जांच।

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निमोनिया का उपचार

निमोनिया का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के निमोनिया के शिकार हैं। ज्यादातर मामलों में निमोनिया का इलाज घर पर ही किया जाता है, लेकिन गंभीर मामलों में अस्पताल में इलाज किया जा सकता है। एंटीबायोटिक्स का उपयोग बैक्टीरियल निमोनिया के लिए किया जाता है। एंटीबायोटिक्स भी माइकोप्लाज़्मा निमोनिया और कुछ विशेष मामलों से रिकवरी को गति दे सकते हैं। अधिकांश वायरल निमोनिया के लिए किसी प्रकार का विशिष्ट उपचार नहीं है। ये आमतौर पर अपने दम पर बेहतर हो जाते हैं।

अन्य उपचार में शामिल हैंः 

  • अच्छी तरह से भोजन करना
  • तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाना
  • आराम करना
  • ऑक्सीजन थेरेपी
  • दर्द की दवा
  • बुखार पर नियंत्रण
  • खांसी से राहत देने वाली दवाई भी निमोनिया को दूर कर सरकती है।

pneumonia AND CORONA

कैसे रोके निमोनिया

डॉक्टर से टीका लगाने वाले के बारे में सलाह लें। फ्लू निमोनिया का आम कारण है। इसलिए आपको हर साल फ्लू का शॉट लगवाना चाहिए, जो आपको फ्लू और निमोनिया से बचाने में मदद करेगा।  

बाजार में pneumococcal vaccine भी उपलब्ध है। ये आपको बैक्टीरियल निमोनिया के आम रूप से सुरक्षित रखेगी। 5 साल से कम के बच्चों और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को इसका टीका लगवाना चाहिए। 

pneumococcal vaccine उन सभी बच्चों और व्यस्कों को लेने की सलाह दी जाती है, जिन्हें अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण pneumococcal रोग का खतरा रहता है।

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