COVID19 Risk Factor : बूढ़े, हाइपरटेंशन और डायबिटीज रोगियों में कोरोनावायरस से मौत का खतरा अधिक! हुआ खुलासा

नए अध्‍ययन से पता चलता है कि हाई ब्‍लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी क्रोनिक डिजीज वाले लोगों में कोरोनावायरस (COVID-19) से मृत्‍यु का अधिक खतरा हो सकता है।

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Mar 12, 2020Updated at: Mar 12, 2020
COVID19 Risk Factor : बूढ़े, हाइपरटेंशन और डायबिटीज रोगियों में कोरोनावायरस से मौत का खतरा अधिक! हुआ खुलासा

हाल में द लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों की उम्र अधिक है, यानि बूढ़े या फिर उनमें हाई ब्‍लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी कुछ समस्‍याएं हैं, उन्‍हें कोरोनोवायरस (COVID-19) से मृत्यु का अधिक जोखिम हो सकता है। 

91 रोगियों पर किया गया अध्‍ययन

इस अध्‍ययन में शोधकर्ताओं ने चीन के वुहान में दो अस्पतालों से पुष्टि किए गए COVID-19 के साथ 191 रोगियों पर अवलोकन कर अध्ययन किया। यह अध्ययन पहली बार हुआ है, जब शोधकर्ताओं ने अस्पताल में भर्ती मरीजों में गंभीर बीमारी और मृत्यु से जुड़े जोखिम कारकों की जांच की है, जिनकी या तो मृत्यु हो गई है या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

चीन के जिनिन्टिनिया हॉस्पिटल के ज़ीबो लियू ने कहा, "वृद्धावस्था, में सेप्सिस के लक्षण दिखाते हुए, हाई ब्‍लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों और लंबे समय तक गैर-इनवेसिव वेंटिलेशन का उपयोग कोरोना वायरस से ग्रस्‍त रोगियों की मौतों में महत्वपूर्ण कारक थे।"

बढ़ती उम्र के साथ कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली हो सकती है कारण 

लियू ने कहा, '' बूढ़े लोगों में इसके खराब परिणामों में उम्र के साथ कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और इंफ्लमेशन में वृद्धि के कारण हो सकते हैं, जो वायरल को बढ़ावा दे सकते हैं और  इंफ्लमेशन के लिए लंबे समय तक प्रतिक्रिया कर सकते हैं। जिससे दिल, मस्तिष्क और अन्य अंगों को स्थायी नुकसान हो सकता है। 

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इस अध्‍ययन में शामिल 191 रोगियों में से 137 को छुट्टी दे दी गई थी और जबकि 54 की अस्पताल में ही मौत हो गई। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा, उनके निष्कर्षों की व्याख्या अध्ययन के नमूने के आकार तक सीमित हो सकती है।

Older People and Diabetics Higher Risk of Death From Corona virus

आइसोलेशन और और एंटीवायरल ट्रीटमेंट है जरूरी 

वायरल शेडिंग पर नया डेटा पेश किया गया, जो यह दर्शाता है कि वायरल शेडिंग की औसत अवधि में 20 दिन (8 से 37 दिन तक) की थी। जबकि लंबे समय से वायरल शेडिंग से पता चलता है कि मरीज अभी भी COVID-19 फैलाने में सक्षम हो सकते हैं। इसलिए शोधकर्ता सावधानी बरतते हैं कि वायरल शेडिंग की अवधि रोग की गंभीरता से प्रभावित होती है।

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चाइना-जापान फ्रेंडशिप हॉस्पिटल एंड कैपिटल सिटी यूनिवर्सिटी, चीन के प्रोफेसर बिन काओ ने कहा, "हमारे अध्ययन में उल्लेखित वायरल शेडिंग में पुष्टि COVID-19 संक्रमण के रोगियों में आइसोलेशन संबंधी सावधानियों और एंटीवायरल ट्रीटमेंट के बारे में निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण है।"

Corona virus Risk Factor

काओ ने कहा, "हालांकि, हमें स्पष्ट होना चाहिए कि वायरल शेडिंग के समय उन लोगों के लिए अन्य सेल्‍फ- आइसोलेशन गाइडेंस के साथ भ्रमित नहीं होना चाहिए। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि मरीजों को हॉस्पिटल से छुट्टी देने से पहले COVID-19 के लिए नेगेटिव टेस्‍ट की पुष्टि होना आवश्यक है। 

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