COVID-19: इंटरनेट पर ढूंढने के बजाए यहां पढ़ें कोरोनावायरस से जुड़े सवाल और एक्‍सपर्ट के जवाब

इंटरनेट पर कोरोनावायरस से जुड़े कई प्रश्‍न तैर रहे हैं। यहां डॉक्टरों का नोवेल कोरोनावायरस के बारे में क्या कहना है आइए जानते हैं।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Mar 06, 2020Updated at: Mar 06, 2020
COVID-19: इंटरनेट पर ढूंढने के बजाए यहां पढ़ें कोरोनावायरस से जुड़े सवाल और एक्‍सपर्ट के जवाब

कोरोनावायरस (COVD-19) देश भर में सबसे गंभीर समस्या बन गई है। कोरोनोवायरस के कहर के मद्देनजर सरकार से लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ तक सभी सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। कोरोनावायरस के प्रकोप से बचने के लिए, यह आवश्यक है कि आप इसके सामान्य लक्षणों और इससे बचाव के तरीकों को जानें। लेकिन इसके अलावा, यह समझना भी आवश्यक है कि कोरोना की जा रही कौन सी बात सच है और क्‍या झूठ है। ज्‍यादातर लोग सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर कोरोनोवायरस के बारे में बोल रहे हैं, जिसके कारण यह जानना मुश्किल हो रहा है कि कौन क्या कह रहा है और किस बात का समर्थन कर रहा है। इसलिए कोरोनावायरस को लेकर एक सेल्‍फ एजूकेशन जरूरी है।

वहीं, कोरोनावायरस से जुड़ी तमाम बातें इंटरनेट पर तैर रही हैं, जिन पर भरोसा करना खतरे से कम नहीं है। लोग कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए गौमूत्र, गोबर, आदि जैसी बेतुकी चीजों का उपयोग करने का सुझाव दे रहे हैं। इसलिए, हमारा प्रयास है कि कोरोनावायरस से जुड़ी सही जानकारी आप तक पहुंचाई जाए। हमने एक्‍सपर्ट से कोरोनावायरस से जुड़े उन प्रश्‍नों के उत्‍तर लिए जिनका जवाब लोग इंटरनेट पर ढूंढ रहे हैं। यहां डॉक्टरों उन सभी विषयों पर विस्‍तार से चर्चा की है।

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प्रश्न: कोरोनावायरस क्या है, और यह कैसे फैलता है?

COVD-19 वायरस एक ऐसी फैमिली का एक हिस्सा है जो आम सर्दी से लेकर गंभीर बीमारी जैसे गंभीर severe acute respiratory distress syndrome तक कुछ भी पैदा कर सकता है। जब भी आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं क्योंकि ये बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण, एलर्जी या एक प्रकार के गंभीर श्वसन संक्रमण के कारण हो सकते हैं। 31 दिसंबर, 2019 को चीन के वुहान शहर में एक व्यक्ति में इसकी पहचान हुई और अब यह भारत में भी फैल रहा है।

प्रश्न: क्या हैंड सैनेटाइजर से कोरोवायरस से पूर्ण सुरक्षा मिलती है?

बॉम्बे हॉस्पिटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के सलाहकार बाल रोग विशेषज्ञ डॉ मुकेश सांकलेचा का कहना है कि हैंड सैनेटाइजर का उपयोग करने का सही तरीका यह है कि सबसे पहले हाथों पर सैनेटाइजर डालना, ठीक से रगड़ना और फिर अधिकतम सुरक्षा के लिए पूरी तरह से सूखने की प्रतीक्षा करें। जब बच्चों की बात आती है, तो उन्हें हर भोजन से पहले और बाद में अपने हाथों को साफ करने के लिए कहना चाहिए।"

प्रश्न: क्या मांस खाने से कोरोनावायरस होता है? इस दौरान हमें क्या खाना चाहिए?

प्रीति त्यागी, MY22BMI की पोषण विशेषज्ञ और संस्थापक का कहना है कि किसी व्यक्ति के लिए अपने दैनिक आहार में विटामिन सी, डी और जिंक की अधिक मात्रा लेने से उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। "शाकाहारियों को विटामिन सी युक्त अधिक प्‍लांट बेस्‍ड आयरन लेना चाहिए। मांस नहीं खाने से किसी को वायरस से सुरक्षित नहीं बनाया जाता है। केवल ठीक से पका हुआ या उबला हुआ भोजन चुनना चाहिए। कुछ भी कच्चा खाने से बचें।"

प्रश्न: क्या पालतू जानवरों के कारण कोरोनावायरस फैल सकते हैं?

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फोर्टिस हॉस्पिटल, वसंत कुंज के डॉ विवेक नांगिया कहते हैं कि यह एक पूर्ण मिथक है। "पालतू जानवर घर पर रखे जाने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं और यह मनुष्यों के लिए कोरोनोवायरस के वाहक नहीं हैं। इसके अलावा, मांस खाना कोरोनवायरस के कारण नहीं हो सकते है। केवल कच्चे मांस खाने से बचना चाहिए, इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी मांस नहीं है। घर में पालतू जानवर होने पर बेसिक स्वच्छता देखभाल के टिप्स लेने चाहिए, लेकिन बिना किसी वैज्ञानिक तथ्‍य के किसी भी चीज पर विश्वास नहीं करना चाहिए।”

प्रश्न: क्या इस नोवेल कोरोनवायरस के बारे में हमारे आस-पास मौजूद होने के बारे में घबराने की ज़रूरत है?

डॉ पुनीत गुप्ता (कंसल्टेंट- पल्मोनोलॉजिस्ट, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, वैशाली) का कहना है कि घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि किसी को कोरोनोवायरस तभी मिल सकता है जब वे पहले से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आते हैं। फ्लू और अन्य संक्रमणों से सुरक्षित रखने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता आवश्यक है जो संभवतः कोरोनावायरस को जन्म दे सकती है। यह एक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह दूसरों को संक्रमित न करे और अस्वस्थ होने पर घर पर रहे। इसके अलावा, मास्क पहनना उन लोगों से सुरक्षित रहने में मददगार होता है जो संक्रमित हो सकते हैं।

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प्रश्न: क्या सभी मृत्यु केवल कोरोनवायरस के कारण हुई है?

यह तनाव और चिंता से भी संबंधित है जो इस तरह से डरता है। डॉ केके अग्रवाल का कहना है कि केरल के 34 साल के आदमी का मामला एक अच्‍छा उदाहरण है। कोरोनोवायरस खतरे से बाहर होने के बावजूद इसकी मौत हो गई। बाद में पता चला कि उसे निमोनिया और मधुमेह था। तनाव के कारण हुई मौत को 'कोरोएंजाइटी' कहा जा सकता है। इसका मतलब है कि चिंता और घबराहट जो संक्रमण के दौरान आम हो रही है।

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