Fri Sep 11, 2026 | 09:14 PM IST

गरम पट्टी (क्रेप बैंडेज) का इस्तेमाल कब और कैसे करें? डॉक्टर से जानें सही तरीका

गरम पट्टी का इस्तेमाल आमतौर पर सूजन या चोट लगने पर किया जाता है। यहां डॉक्टर से जानें इसे इस्तेमाल करने का तरीका।   

अक्सर चोट लगने के बाद लोग गर्म पट्टी का इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन गर्म पट्टी का इस्तेमाल कभी भी अपनी मर्जी से नहीं करना चाहिए। इसे इस्तेमाल करने से पहले आपको चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए। गरम पट्टी यानि (क्रेप बैंडेज) मुख्य रूप से आपकी शरीर के अंगों में आई सूजन को दूर करने में इस्तेमाल की जाती है। इसे मुख्य रूप से सर्जरी या फिर किसी तरह की चोट लगने के बाद इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। हालांकि क्रेप बैंडेज स्किन फ्रेंडली होती हैं, जिससे त्वचा को कोई नुकसान नहीं होता है, लेकिन अधिक समय यानि लगातार 4 से 5 घंटे तक इसे बांधने से आपको कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। नसों में हो रहे दर्द को दूर करने में भी यह बैंडेज आपके काम आती है। इसी विषय पर अधिक जानने के लिए हमने मुंबई के पीडी हिंडूजा हॉस्पिटल और एमआरसी की फिजियोथेरेपी डिपार्टमेंट की हेड डॉ. शिवांगी बोरकर (Dr. Shivangi Borkar, P.D Hinduja Hospital & MRC, Mumbai) से बातचीत की। चलिए जानते हैं क्रेप बैंडेज का इस्तेमाल कब और कैसे करना चाहिए। 

compressedband

1. सर्जरी के बाद

डॉ. शिवांगी बोरकर के मुताबिक गरम पट्टी को आमतौर पर सर्जरी के बाद इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। अगर आपके किसी बॉडी पार्ट की सर्जरी हुई है चाहे वो एबडॉमिनल सर्जरी हो, लिंब्स एडिमा या फिर पोस्ट मेस्टेक टॉमी हो इन सभी के बाद लिंब्स का संचय यानि एक्यूमुलेशन ऑफ लिंब्स हो सकता है। जब हाथ में लिंब एडिमा होता है तो क्रेप बैंडेज यानि गर्म पट्टी का उपयोग कराया जा सकता है। इसके अलांवा स्किन केयर मसाज और एक्सरसाइज भी सिखाई जाती है। इससे मरीज को दर्द में राहत मिलती है। 

इसे भी पढ़ें - इन 3 कारणों से लोगों की गर्दन होने लगती है काली, जानें काली गर्दन को साफ करने के घरेलू उपाय

2. मांसपेशियों में दर्द में

कई बार लोगों की मांसपेशियों में दर्द होता है। ऐसी समस्या में क्रेप बैंडेज बांधने पर आपको इस समस्या से  राहत मिल सकती है। इसे अपने बॉडी पार्ट्स या फिर प्रभावित हिस्से पर लगाने से आपके दर्द में कमी आती है। कई लोग गरम पट्टी को लंबे समय तक बांधते हैं। डॉ. शिवांगी बोरकर ने बताया कि ऐसी स्थिति में गरम पट्टी को अधिक समय तक नहीं बांधना चाहिए। लंबे समय तक इसे बांधकर रखने से आपकी समस्या बढ़ भी सकती है। इसलिए इसका इस्तेमाल फीजियोथेरेपिस्ट या चिकित्सक की सलाहनुसार ही करें। 

3. सूजन होने पर

डॉ. शिवांगी के अनुसार पैरों में सूजन यानि एडिमा की समस्या होने या इस प्रकार के लक्षण देखने के बाद आप गरम पट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं। सूजन से राहत पाने के लिए गरम पट्टी काफी सहायक मानी जाती है। अगर किसी इंजरी के बाद आपके हाथ-पैर में सूजन आ जाती है तो भी आप क्रेप बैंडेज को इस्तेमाल कर सकते हैं। यह हाथ और पैर के तमाम हिस्सों में होने वाली सूजन को कम करने में काफी मदद करता है। गरम पट्टी आपके सूजन वाले हिस्से पर प्रेशर डालती है, जो आपकी सूजन को कम करती है। लेकिन इसे ठीक करने के लिए आपको इसे लगातार बांधने की बजाय 3 से 4 घंटे में बदलना होगा। 

इसे भी पढ़ें  - ब्लैक, व्हाटइ, यलो के बाद अब कोरोना मरीज में सामने आया 'ग्रीन फंगस' का पहला मामला, जानें इसके लक्षण और बचाव

क्रेप बैंड का इस्तेमाल कैसे करें?

  • डॉ. शिवांगी बोरकर के मुताबिक गरम पट्टी का इस्तेमाल आपको चिकित्सक की सलाहनुसार ही करना है। खुद से किसी भी तरह की इंजरी हो जाने पर इसका इस्तेमाल न करें।
  • गरम पट्टी को अपनी शरीर के अंगों पर लगातार बांधकर न रखें। 
  • लगभग 3 से 4 घंटे बीत जाने के बाद इसे खोलें और कुछ समय बाद दोबारा बांधें। कुछ-कुछ समय पर ऐसा करते रहें। 

garampatti

कैसे करता है काम? 

गरम पट्टी आपके प्रभावित हिस्से को आसानी से हील करने में मदद करती है। यह प्रभावित हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ाती है। साथ ही लिंब्स के फ्लूड्स की बढ़ोत्तरी करने में भी सहायक होती है। इसकी मदद से आपके प्रभावित हिस्से पर प्रेशर बना रहता है। जो उस दर्द को कम करने में आपकी सहायता करता है।  

यह लेख चिकित्सक द्वारा प्रमाणित है। इसलिए आप लेख में दी गई समस्याओं में गरम पट्टी का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन किसी गंभीर चोट में इसका इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें। 

Read more Articles on Miscellaneous in Hindi

Read Next

शरीर में दिखने वाले ये 5 लक्षण बताते हैं बढ़ गई है टॉक्सिटी, जानें टॉक्सिन निकालने के उपाय

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Kunal Mishra

Kunal Mishra

Sub Editor

जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर काम कर रहे कुनाल को पत्रकारिता मेंं 2 साल से अधिक का अनुभव है। इससे पहले वे अमर उजाला के लिए भी काम कर चुके हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 18, 2021 15:15 IST

    Published By : Kunal Mishra

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content